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🤖रिपोर्ट🤖भारतीय चयनकर्ता वैभव सूर्यवंशी को T-20 टीम में चुनने की तैयारी कर रहे हैं 🇮🇳🏏15 साल के बच्चे को तेजी से ट्रैक क...
04/06/2026

🤖रिपोर्ट🤖
भारतीय चयनकर्ता वैभव सूर्यवंशी को T-20 टीम में चुनने की तैयारी कर रहे हैं 🇮🇳🏏
15 साल के बच्चे को तेजी से ट्रैक करने पर बहस चल रही है, लेकिन चयनकर्ता गंभीरता से किशोर को उसकी राष्ट्रीय टोपी देने पर विचार कर रहे हैं।
(श्रोत:क्रिकबज़)


04/06/2026

झांसी की सड़कों पर दौड़ी साइकिल,विश्व बाइस्किल दिवस पर आयोजित रैली में पर्यावरण और फिटनेस का संदेश🚴☘️







#विश्व_साइकिल_दिवस





स्व.ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिता फाइनल आज अंकित पाल हाउस एवं पंडोरिया हाउस के बीच होगा खिताबी मुकाबला ग्व...
04/06/2026

स्व.ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिता फाइनल आज
अंकित पाल हाउस एवं पंडोरिया हाउस के बीच होगा खिताबी मुकाबला
ग्वालियर।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के स्थानीय दर्पण मिनी हॉकी स्टेडियम पर चल रही स्वर्गीय ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिता में आज खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में पहले मैच में पंडोरिया हाउस ने इशिका चौधरी हाउस को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया, वहीं प्रतियोगिता के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में अंकित पाल हाउस एवं शैलेंद्र राणा हाउस के मध्य खेला गया जिसमें अंकित पाल हाउस कीटीम 4-1 से विजय रही और फाइनल में प्रवेश किया। आज के पहले सेमीफाइनल मुकाबले का प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार कृष्ण मिलन को प्रदान किया गया, एवं दूसरे सेमीफाइनल मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड सिद्धार्थ राठौर को प्रदान किया गया ।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित सुधीर गुप्ता उपाध्यक्ष ग्वालियर विकास प्राधिकरण ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह नवोदित खिलाड़ी आने वाले समय में देश का नाम रोशन करेंगे ऐसी मेरी शुभकामनाएं वहीं सुधीर गुप्ता जी ने आयोजन समिति को भविष्य में अपनी ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासनदिया, वही डॉक्टर विनोद शर्मा राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ने खिलाड़ियों से अपनी फिटनेस पर ध्यान देने और खान-पान पर ध्यान देने की बात कही उन्होंने कहा कि यह सभी खिलाड़ी देश का भविष्य है, वही डॉक्टर खोजमा सैफी ने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास एवं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान रखने की बात कही तथा दीपक सचेती (अध्यक्ष मध्य प्रदेश कीड़ा भारती) ने खिलाड़ियों से आवाहन किया कि अपने प्रशिक्षक के बताएं मार्ग पर चलकर अनुशासन के साथ अभ्यास करते हुए आप लक्ष्य को संधान कर सकते हैं और आने वाले समय में मध्य प्रदेश एवं देश को गौरवान्वित कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में ग्वालियर के वरिष्ठ खिलाड़ियों को हॉकी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों में कमल किशोर, डॉ विनोद शर्मा , दिलशाद खान, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी इम्तियाज़ खान, मनोजपरिहार, रईस कुरैशी, रामनरेश गुर्जर, दीपा शर्मा ,कुमारी नेहा शर्मा को शॉल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया ।
पूर्व में अतिथियों का स्वागत आयोजन सचिव विवेक पिसाल, श्याम श्रीवास्तव, अरुणभटनागर, संगीता गर्ग, राजकुमार वरुण, श्रीमती संगीतादीक्षित, शुभी शर्मा, अविनाश भटनागर आदि ने किया।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर एशिया कप के पहले 'महानायक' सुरेंद्र खन्ना के जन्मदिन पर विशेष         भारतीय क्रिकेट इतिहास में अप...
03/06/2026

पूर्व भारतीय क्रिकेटर एशिया कप के पहले 'महानायक' सुरेंद्र खन्ना के जन्मदिन पर विशेष
भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बेमिसाल विकेटकीपिंग से खास पहचान बनाने वाले पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सुरेंद्र खन्ना आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर खेल जगत, पूर्व साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं।सुरेंद्र खन्ना का जन्म 3 जून 1956 को दिल्ली में हुआ था। वह भारतीय क्रिकेट के उस स्वर्णिम अध्याय का हिस्सा हैं, जिसने शारजाह की धरती पर तिरंगा लहराया था। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर आइए याद करते हैं उनके करियर की वह ऐतिहासिक पारी जिसने उन्हें एशिया कप का पहला 'सुपरहीरो' बना दिया।
एशिया कप 1984 के पहले 'मैन ऑफ द सीरीज'साल 1984 में जब शारजाह में पहला एशिया कप खेला गया, तब सुरेंद्र खन्ना ने अपनी बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को चौंका दिया था। श्रीलंका के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले ही मैच में उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरकर नाबाद 51 रनों की पारी खेली और भारत को 10 विकेट से एकतरफा जीत दिलाई। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ बेहद दबाव वाले मैच में उन्होंने शानदार 56 रन बनाए और विकेटों के पीछे दो बेहतरीन स्टंपिंग भी कीं। इन दोनों ही मैचों में उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया और वह इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट के पहले 'मैन ऑफ द सीरीज' बने।
सुरेंद्र खन्ना का घरेलू क्रिकेट में भी दबदबा रहा। 1978-79 के रणजी ट्रॉफी फाइनल में कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने दोनों पारियों में शतक (111 और 128 रन) जड़कर दिल्ली की टीम को उसके इतिहास का पहला रणजी खिताब दिलाया था। उन्होंने अपने फर्स्ट-क्लास करियर के 106 मैचों में 5,337 रन बनाए, जिसमें 17 शतक शामिल हैं।
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी सुरेंद्र खन्ना बतौर कमेंटेटर और एक्सपर्ट खेल से लगातार जुड़े रहे। मैदान पर उनका जुझारू रवैया आज भी युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है। भारतीय क्रिकेट में उनके इस अविस्मरणीय योगदान को याद करते हुए उन्हें जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं!

भदोही में चमके झांसी के सत्येंद्र, अंडर-23 कुश्ती में जीता रजत पदकझांसी। भदोही (उत्तर प्रदेश) में आयोजित अंडर-23 प्रदेशी...
03/06/2026

भदोही में चमके झांसी के सत्येंद्र, अंडर-23 कुश्ती में जीता रजत पदक
झांसी। भदोही (उत्तर प्रदेश) में आयोजित अंडर-23 प्रदेशीय कुश्ती चैंपियनशिप में झांसी के पहलवान सत्येंद्र अहिरवार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) पर कब्जा किया है। इस उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों और कुश्ती संघ में हर्ष की लहर है।जिला कुश्ती संघ झांसी के सचिव सुंदर ग्वाला ने बताया कि 31 मई से 2 जून तक आयोजित इस चैंपियनशिप में झांसी से पांच सदस्यीय पहलवानों के दल ने भाग लिया था। इसमें 70 किलोग्राम भार वर्ग में सत्येंद्र अहिरवार ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
*फाइनल तक का सफर*
पहला मुकाबला: गोंडा के समीर वर्मा को 10-0 से हराया।दूसरा मुकाबला: कानपुर के आकाश मिश्रा को 10-0 से मात दी।क्वार्टर फाइनल: गोरखपुर के आदर्श यादव को 10-0 से एकतरफा शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।सेमीफाइनल: बनारस के आदित्य यादव को 'बाय फॉल' (चित) कर फाइनल में प्रवेश किया।
फाइनल मुकाबला: कड़े मुकाबले में अयोध्या के अश्वनी से 6-1 से पराजित होकर सत्येंद्र रनर-अप रहे और रजत पदक अपने नाम किया।
सत्येंद्र की इस सफलता पर जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष मनमोहन गेडा, वैदेहीसरण सरावगी, मोनी पहलवान, सैमुअल पीटर, जमुना प्रसाद कुशवाहा, दीनदयाल पहलवान, मास्टर चंद्र प्रकाश राय, शौकत पहलवान और संजय राय आदि ने बधाई दी है। संघ ने घोषणा की है कि सत्येंद्र के झांसी आगमन पर उनका भव्य नागरिक स्वागत किया जाएगा।

कप्तान केतन कुशवाहा के दो गोल, भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से दी शिकस्तभारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने सोमवार को पूल ए...
02/06/2026

कप्तान केतन कुशवाहा के दो गोल, भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से दी शिकस्त
भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने सोमवार को पूल ए के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 4-1 से करारी शिकस्त दी। इस शानदार जीत के सूत्रधार भारतीय कप्तान केतन कुशवाहा रहे, जिन्होंने मैच में बेहतरीन खेल दिखाते हुए दो महत्वपूर्ण गोल दागे। इस जीत के साथ ही भारत ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को मजबूती से बनाए रखा है। अब पूल ए में भारत, जापान और कोरिया तीनों टीमों के छह-छह अंक हो गए हैं।
मैच के पहले ही क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। खेल के तीसरे मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे राहुल यादव के पास पर कप्तान केतन कुशवाहा ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। कोरियाई टीम अभी इस झटके से संभल भी नहीं पाई थी कि दो मिनट बाद (5वें मिनट में) गाजी खान के सटीक पास पर वरिंदर सिंह ने शानदार मैदानी गोल दागकर भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया।
दो गोल से पिछड़ने के बाद दक्षिण कोरिया ने वापसी के लिए प्रयास तेज किए। दूसरे क्वार्टर के 21वें मिनट में कोरिया को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला। कोरियाई कप्तान युन जेहेओक ने इसे गोल में तब्दील करने में कोई गलती नहीं की और स्कोर 2-1 कर मैच में अपनी टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा। हाफ-टाइम तक स्कोर भारत के पक्ष में 2-1 रहा।
हाफ-टाइम के बाद भारतीय टीम ने दोबारा मैच पर अपना नियंत्रण बनाया। 36वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कोरियाई गोलकीपर ने शुरुआती शॉट को तो रोक लिया, लेकिन रीबाउंड पर मुस्तैद खड़े कप्तान केतन कुशवाहा ने गेंद को नेट में डाल दिया। यह केतन का मैच में दूसरा गोल था, जिसने भारत को 3-1 की मजबूत बढ़त दिला दी।चौथे और आखिरी क्वार्टर में कोरियाई टीम ने गोल करने के कई प्रयास किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उनकी एक न चलने दी। मैच के 54वें मिनट में शाहरुख अली ने एक बेहतरीन फील्ड गोल दागकर दक्षिण कोरिया की वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए और भारत की 4-1 से जीत पर मुहर लगा दी। भारत अब अपना अगला और अंतिम पूल मैच बुधवार को चीनी ताइपे के खिलाफ खेलेगा।






हॉकी लीजेंड अशोक ध्यानचंद के जन्मदिन पर विशेष:बृजेंद्र यादव झांसी।भारतीय हॉकी के स्वर्णिम नायक अशोक कुमार ध्यानचंद एक मह...
01/06/2026

हॉकी लीजेंड अशोक ध्यानचंद के जन्मदिन पर विशेष:बृजेंद्र यादव
झांसी।भारतीय हॉकी के स्वर्णिम नायक अशोक कुमार ध्यानचंद एक महान विरासत के उत्तराधिकारी हैं।मेजर ध्यानचंद जैसे वैश्विक महानायक के बेटे होने के नाते अशोक कुमार पर हमेशा से उम्मीदों का भारी दबाव था। पिता ने कभी भी सीधे तौर पर बेटों को हॉकी खेलने के लिए विवश नहीं किया, लेकिन रगों में दौड़ते खेल के प्रति जुनून ने अशोक कुमार को मात्र 6 साल की उम्र में ही हॉकी स्टिक थामने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर घरेलू प्रतियोगिताओं में जलवा बिखेरा और जल्द ही राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। कुआलालंपुर 1975 विश्वकप में वह ऐतिहासिक विनिंग गोल भारतीय खेल इतिहास में अशोक कुमार का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने की सबसे बड़ी वजह 1975 का पुरुष हॉकी विश्व कप है। कुआलालंपुर (मलेशिया) में खेले गए इस कांटे के फाइनल मुकाबले में भारत का सामना धुर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से था।मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर था और दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं।ऐसे नाजुक मौके पर अशोक कुमार ने अपनी जादुई ड्रिबलिंग और सूझबूझ से पाकिस्तान के डिफेंस को भेदते हुए निर्णायक विनिंग गोल दागा था।इस ऐतिहासिक गोल की बदौलत भारत ने पाकिस्तान को 2-1 से हराकर पहली और एकमात्र बार हॉकी विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
अशोक कुमार ने अपने पूरे करियर में भारत की फॉरवर्ड लाइन को नई धार दी। उनके करियर के प्रमुख मील के पत्थर इस प्रकार हैं:
1975 कुआलालंपुर विश्व कप स्वर्ण पदक (ऐतिहासिक जीत),
1971 बार्सिलोना विश्व कप कांस्य पदक,
1973 एम्स्टर्डम विश्व कप रजत पदक,1972 म्यूनिख ओलंपिक कांस्य पदक,
1976 मॉन्ट्रियल ओलंपिक 7वां स्थान (भारत का प्रतिनिधित्व),
एशियाई खेल (1970, 1974, 1978) तीन लगातार रजत पदक।
खेल के मैदान पर उनके अविश्वसनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 1974 में प्रतिष्ठित 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया था।
2024 में हॉकी इंडिया द्वारा मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार,
2013 में उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें राज्य के सर्वोच्च सम्मान यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया।
2020 में देश के सबसे बड़े प्रतिष्ठित क्लब मोहन बागान लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मान।
इसके साथ ही, खेल से संन्यास लेने के बाद भी वे विभिन्न माध्यमों से युवा प्रतिभाओं को तराशने और देश में हॉकी को बढ़ावा देने के मिशन में लगातार सक्रिय रहे हैं।अशोक कुमार केवल ध्यानचंद की विरासत के वाहक ही नहीं, बल्कि खुद में भारतीय हॉकी के एक ऐसे चमकते सितारे हैं, जिनकी फुर्ती और गोल करने की कला आज भी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करती है। उनके जन्मदिन पर पूरा देश उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करता है।

2️⃣ IPL 🏆2️⃣ चैंपियंस ट्रॉफी 🏆1️⃣ क्रिकेट विश्व कप 🏆1️⃣ टी 20 विश्व कप 🏆1️⃣ U19 विश्व कप 🏆👑विराट कोहली के लिए एक और IPL ...
01/06/2026

2️⃣ IPL 🏆
2️⃣ चैंपियंस ट्रॉफी 🏆
1️⃣ क्रिकेट विश्व कप 🏆
1️⃣ टी 20 विश्व कप 🏆
1️⃣ U19 विश्व कप 🏆
👑विराट कोहली के लिए एक और IPL खिताब एक असाधारण कैरियर में एक और अध्याय।

01/06/2026

ऑरेंज कैप के साथ 4 और अवॉर्ड कमाल का सीजन रहा वैभव सूर्यवंशी के लिए।

एशिया कप में चमकेगा झांसी का लाल: 4x100 मीटर रिले रेस में आज दौड़ेंगे अंशू रजकझांसी के उभरते हुए धावक अंशू रजक हांगकांग म...
31/05/2026

एशिया कप में चमकेगा झांसी का लाल: 4x100 मीटर रिले रेस में आज दौड़ेंगे अंशू रजक
झांसी के उभरते हुए धावक अंशू रजक हांगकांग में 29 से 31मई 2026 तक आयोजित हो रहे 22वें एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भारतीय दल का हिस्सा हैं, जहाँ वे 4x100 मीटर रिले रेस टीम स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
अंशू रजक के साथ टीम में आदित्य पिसाल, निवेद कृष्णा जे, मेहबुबुल अहमद, रंजीत कुमार, सैयद सबीर, नकुल प्रभु और अभय कुमार दुबे जैसे धावक शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के झांसी के रहने वाले अंशू रजक ने घरेलू स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वे नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। हाल ही में अप्रैल 2026 में उन्होंने 100 मीटर में 10.53 सेकंड का अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत समय भी दर्ज किया है।
इस टूर्नामेंट में भारतीय जूनियर एथलीटों ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें पूजा सिंह (हाई जंप) और नितिन गुप्ता (5000 मीटर वॉक रेस) जैसे खिलाड़ियों ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीते हैं।
आज प्रतियोगिता के अंतिम दिन अंशू रजक और उनकी रिले टीम से देश को एक और बड़े मेडल की उम्मीद है।

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