28/05/2026
एक प्रसिद्ध कथा शिवपुराण और लोककथाओं में आती है — जब माता पार्वती अपने पुत्र गणेश जी को स्नान करा रही थीं और महादेव उन्हें प्रेम से देख रहे थे।
कथा के अनुसार, एक दिन कैलाश पर माता पार्वती ने उबटन और हल्दी से गणेश जी का निर्माण किया और उन्हें अपना पुत्र मानकर स्नेह से पालन किया। माता स्वयं उन्हें स्नान करातीं, श्रृंगार करतीं और अपने हाथों से भोजन खिलाती थीं। कहते हैं, उस समय महादेव दूर बैठकर डमरू बजाते थे और माता-पुत्र के इस प्रेम को देखकर मंद-मंद मुस्कुराते थे।
डमरू की ध्वनि से पूरा कैलाश आनंद से भर जाता था। गणेश जी पानी में खेलते, माता हँसतीं और भोलेनाथ उस दृश्य को ऐसे निहारते जैसे सारा संसार उसी पल में बस गया हो।
इसीलिए कई जगह गणेश स्नान और गणेश अभिषेक के चित्रों में माता पार्वती को स्नेह और महादेव को आनंदमय मुद्रा में दिखाया जाता है।