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मनुष्य का अंतर्मन एक विस्तृत आकाश है, जहाँ भाव, विचार, स्मृतियाँ और स्वप्न अनगिनत रूपों में जन्म लेते हैं। कुछ अनुभूतिया...
18/07/2026

मनुष्य का अंतर्मन एक विस्तृत आकाश है, जहाँ भाव, विचार, स्मृतियाँ और स्वप्न अनगिनत रूपों में जन्म लेते हैं। कुछ अनुभूतियाँ शब्दों का रूप पा लेती हैं, तो कुछ लम्बे समय तक मौन रहकर भी भीतर गूँजती रहती हैं। उन्हीं संवेदनाओं को अभिव्यक्ति देने का एक विनम्र प्रयास है- ‘काव्य आकाश’।

देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े रचनाकारों की सृजनशील लेखनी से सजा यह साझा काव्य-संग्रह गीत, ग़ज़ल, तुकांत-अतुकांत कविताएँ और अन्य काव्य-विधाओं का सुंदर संगम है। इसमें प्रेम, प्रकृति, मानवीय रिश्ते, संघर्ष, आशा, राष्ट्रप्रेम, अध्यात्म, सामाजिक चेतना, जीवन-दर्शन और समय की बदलती धड़कनों को सहज शब्दों में अभिव्यक्त किया गया है। प्रत्येक रचना अपने भीतर एक अलग अनुभूति और एक नई दृष्टि समेटे हुए है।

यह संग्रह केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए है। इसकी हर रचना पाठक के मन में कोई प्रश्न जगाती है, कोई स्मृति ताज़ा करती है, कोई मुस्कान बिखेरती है और कहीं जीवन को नये अर्थों में देखने की प्रेरणा देती है। यही विविधता ‘काव्य आकाश’ को एक विशिष्ट साहित्यिक अनुभव बनाती है।
इस संग्रह में शामिल रचनाकार- अंशु झा, आकांक्षा गुप्ता, कला भारद्वाज, किरण कैथवार, कुंदन ‘कुसुम’, गुनिता कौशिक ‘पंखुड़ी’, तन्वी अग्रवाल, दशरथ सिंह भुवाल, पूजा गौड़ ‘भार्गवी’, पृथा शर्मा, प्रतिष्ठा ‘प्रीत’, बानी झा, मनोरमा शर्मा, रजनी दुर्गेश, राघव पवाँर, राधिका खरबंदा, वंदना शुक्ला ‘मन्नत’, वसुंधरा रवि, श्रीकांत तैलंग, संध्या शर्मा, स्नेहा स्वामी, हेमंत मेघवाल।

आइए, ‘काव्य आकाश’ के विशाल शब्द-लोक में प्रवेश कीजिए। इन रचनाओं के साथ कभी अपने मन की उड़ान भरिये, कभी भावनाओं की गहराइयों में उतरिये और कभी उन अनुभूतियों से मिलिये, जो शायद अब तक आपके भीतर अनकही थी। यह संग्रह आपके साहित्यिक सफ़र का एक आत्मीय पड़ाव बनने की प्रतीक्षा में है।

Book Release Soon - 2026

प्रकाशन - श्री सत्यम् प्रकाशन


ज़िन्दगी सिर्फ़ घटनाओं का नाम नहीं होती, वह अनगिनत एहसासों, अधूरी बातों, अनकहे दर्द, छोटी-छोटी खुशियों और यादों से मिलकर...
28/06/2026

ज़िन्दगी सिर्फ़ घटनाओं का नाम नहीं होती, वह अनगिनत एहसासों, अधूरी बातों, अनकहे दर्द, छोटी-छोटी खुशियों और यादों से मिलकर बनती है। कुछ बातें हम दुनिया से कह देते हैं और कुछ दिल के किसी कोने में हमेशा के लिए छुपा लेते हैं।

‘मुट्ठी भर जज़्बात’ केवल कविताओं या ग़ज़लों का संग्रह नहीं है, बल्कि उन भावनाओं का आईना है जिनसे हर इंसान किसी न किसी मोड़ पर गुज़रता है। कहीं प्रेम की मिठास है, कहीं बिछड़ने का दर्द है, कहीं रिश्तों की सच्चाई है, तो कहीं समाज की उन परतों को देखने का प्रयास है जिन्हें अक्सर हम देखकर भी अनदेखा कर देते हैं।

हर रचना अपने भीतर एक अलग संसार समेटे हुए है। कुछ पंक्तियाँ आपको मुस्कुराने पर मजबूर करेंगी, कुछ पुरानी यादों के दरवाज़े खोल देंगी और कुछ शायद आपकी खामोशी को भी आवाज़ दे जायेंगी। कई बार ऐसा लगेगा जैसे ये शब्द किसी और ने नहीं, बल्कि आपके अपने दिल ने लिखे हो।

‘मुट्ठी भर जज़्बात’ सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, महसूस करने के लिए है। क्योंकि कुछ एहसास शब्दों से नहीं, दिल से समझे जाते हैं और शायद इन पन्नों में कहीं आपको अपनी कहानी भी दिखाई दे जाये।

First Edition - 17 July 2016
Second Edition - 28 June 2026

लेखक - सूरज सिंह सार्की ‘सारथी’
प्रकाशन - श्री सत्यम् प्रकाशन


‘ओस की बूँदें’ केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन के विविध रंगों का संवेदनशील प्रतिबिंब है। जिस प्रकार ओस की छोटी-स...
25/06/2026

‘ओस की बूँदें’ केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन के विविध रंगों का संवेदनशील प्रतिबिंब है। जिस प्रकार ओस की छोटी-सी बूँद अपने भीतर पूरी प्रकृति की सुंदरता समेट लेती है, उसी प्रकार इस काव्य-संग्रह की रचनाएँ मनुष्य के भावों, संघर्षों, रिश्तों, प्रेम, पीड़ा, आशाओं और सामाजिक यथार्थ को शब्दों में पिरोती हैं।

इन रचनाओं में कहीं प्रकृति की मधुरता है, कहीं मन की गहराई, कहीं देशप्रेम की पुकार तो कहीं समाज की सच्चाइयों का सजीव चित्रण। हर कविता पाठक को अपने अनुभवों से जोड़ते हुए उसे सोचने, महसूस करने और भीतर तक स्पर्श करने का प्रयास करती है।

यह पुस्तक उन भावनाओं की यात्रा है जो कभी मुस्कान बनकर उभरती हैं और कभी आँखों में ओस की बूँदों की तरह ठहर जाती हैं। ‘कुछ शब्द पढ़े नहीं जाते, महसूस किये जाते हैं।’

First Edition - 17 July 2016
Second Edition - 25 June 2026

लेखिका - डॉ. पूर्णिमा राय
प्रकाशन - श्री सत्यम् प्रकाशन


कुछ कहानियाँ केवल पढ़ी नहीं जाती, महसूस की जाती हैं। कुछ किरदार केवल पन्नों पर नहीं रहते, पाठकों की यादों में घर बना लेत...
18/06/2026

कुछ कहानियाँ केवल पढ़ी नहीं जाती, महसूस की जाती हैं। कुछ किरदार केवल पन्नों पर नहीं रहते, पाठकों की यादों में घर बना लेते हैं। यदि आपकी कलम में ऐसे ही जीवंत पात्र, अनकहे एहसास और पाठकों को अंत तक बाँधे रखने वाली कहानी है, तो श्री सत्यम् प्रकाशन आपको आमंत्रित करता है।

हम खोज रहे हैं ऐसे उपन्यास और कहानी संग्रह, जो केवल मनोरंजन न करें, बल्कि पाठकों के मन में एक गहरी छाप छोड़ जायें। यह अवसर है अपनी कल्पना, संवेदनाओं और सपनों को पुस्तक का रूप देने का। आप लिखिए, हम आपकी रचना को पाठकों तक पहुँचाने का दायित्व निभायेंगे।

हर लेखक के भीतर एक पुस्तक जन्म लेने की प्रतीक्षा करती है। यदि आपकी पांडुलिपि तैयार है, तो हमें सहर्ष भेजिए, चयन होने पर आपको सूचित करेंगे।

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कुछ एहसास ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बाँधना आसान नहीं होता। वे दिल की गहराइयों में चुपचाप जन्म लेते हैं और समय के स...
17/06/2026

कुछ एहसास ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बाँधना आसान नहीं होता। वे दिल की गहराइयों में चुपचाप जन्म लेते हैं और समय के साथ हमारी यादों, रिश्तों, मुस्कुराहटों और दर्द का हिस्सा बन जाते हैं।

‘एहसास-ए-अल्फ़ाज़’ केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन के उन अनकहे पलों की यात्रा है जिन्हें हम महसूस तो करते हैं, पर हर बार कह नहीं पाते। इसमें प्रेम है, बिछड़ने की टीस है, रिश्तों की गर्माहट है, स्त्री मन की संवेदनाएँ हैं और जीवन के छोटे-बड़े अनुभवों की सच्ची झलक भी।

सरल शब्दों में लिखी गई ये रचनाएँ किसी अलंकरण की मोहताज नहीं, क्योंकि इनकी खूबसूरती इनकी सादगी और सच्चाई में छिपी है। जब शब्द दिल से निकलते हैं, तो वे केवल पढ़े नहीं जाते, महसूस भी किये जाते हैं।

यह पुस्तक उन भावनाओं की साथी है, जो अक्सर दिल में रह जाती हैं और शब्दों तक पहुँच नहीं पातीं। ‘एहसास-ए-अल्फ़ाज़’ आपको अपने भीतर की उस दुनिया से मिलाने का प्रयास है, जहाँ हर कविता केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीने और महसूस करने के लिए लिखी गई है। शायद इन पन्नों में कहीं आपको अपने ही दिल की कोई अनकही बात दिखाई दे जाए।

First Edition - 17 July 2016
Second Edition - 17 June 2026

लेखिका - मीनाक्षी सुकुमारन
प्रकाशन - श्री सत्यम् प्रकाशन


मनुष्य का मन भावनाओं का अथाह सागर है। इसमें प्रेम है, विरह है, स्मृतियाँ हैं, सपने हैं, संघर्ष हैं और जीवन के अनगिनत अनु...
14/06/2026

मनुष्य का मन भावनाओं का अथाह सागर है। इसमें प्रेम है, विरह है, स्मृतियाँ हैं, सपने हैं, संघर्ष हैं और जीवन के अनगिनत अनुभव हैं। इन्हीं भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों में सहेजने का प्रयास है ‘मन का दर्पण’।

यह काव्य संग्रह जीवन के उन कोमल और गहरे एहसासों का प्रतिबिम्ब है, जिन्हें हम हर दिन महसूस तो करते हैं, पर अक्सर व्यक्त नहीं कर पाते। संग्रह की कविताएँ प्रेम, रिश्तों, प्रकृति, नारी संवेदना, आत्मचिंतन, आशा, संघर्ष और जीवन की सच्चाइयों को सहज एवं संवेदनशील भाषा में पाठकों के सामने प्रस्तुत करती हैं।

हर रचना मन के किसी न किसी कोने को स्पर्श करती है और पाठक को अपने ही अनुभवों, स्मृतियों और भावनाओं से जोड़ देती है। यह पुस्तक केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि आत्मा और संवेदनाओं के बीच एक संवाद है।

यदि आप शब्दों में अपने मन की झलक देखना चाहते हैं, भावनाओं को महसूस करना चाहते हैं और जीवन को एक नये दृष्टिकोण से समझना चाहते हैं, तो ‘मन का दर्पण’ आपके लिए एक सुखद और यादगार साहित्यिक यात्रा सिद्ध होगी।

Book Release-
17 जुलाई 2016 (First Edition)
14 जून 2026 (Second Edition)


प्रेम केवल किसी को पा लेने का नाम नहीं है। कभी यह किसी की मुस्कान में बसता है, कभी किसी की याद में। कभी यह साथ चलने का स...
11/06/2026

प्रेम केवल किसी को पा लेने का नाम नहीं है। कभी यह किसी की मुस्कान में बसता है, कभी किसी की याद में। कभी यह साथ चलने का सुख देता है, तो कभी बिछड़कर भी जीवन भर साथ रहता है। कुछ रिश्ते समय के साथ बदल जाते हैं, लेकिन उनसे जुड़े एहसास हमेशा दिल के किसी कोने में ज़िंदा रहते हैं।

‘सदा-ए-तौहीद’ प्रेम, विरह, इंतज़ार, यादों और जीवन के उन अनकहे जज़्बातों का संग्रह है जिन्हें हम अक्सर महसूस तो करते हैं, लेकिन शब्द नहीं दे पाते। इस पुस्तक की कविताएँ, ग़ज़लें और नज़्में दिल की उन्हीं आवाज़ों को कागज़ पर उतारने का एक प्रयास हैं।

यदि आपने कभी किसी से बेइंतहा मोहब्बत की है, किसी की याद में रातें बिताई हैं, किसी के लौट आने की उम्मीद की है, या जीवन के किसी मोड़ पर खुद को अकेला पाया है, तो हो सकता है इस पुस्तक के पन्नों में आपको अपनी ही कहानी दिखाई दे। यह सिर्फ़ एक काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि एहसासों का एक सफ़र है, जो दिल से शुरू होकर दिल तक पहुँचता है।

Book Release-
17 जुलाई 2016 (First Edition)
11 जून 2026 (Second Edition)


‘अंतर्मन की खोज’ साझा कहानी संग्रह केवल कथाओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों, नैतिक शिक्षा और सामाजिक चेतना का एक सार...
09/06/2026

‘अंतर्मन की खोज’ साझा कहानी संग्रह केवल कथाओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों, नैतिक शिक्षा और सामाजिक चेतना का एक सार्थक प्रयास है। इस पुस्तक में संकलित कहानियाँ पाठकों को मनोरंजन के साथ-साथ चिंतन, आत्ममंथन और जीवन की सही दिशा का संदेश भी प्रदान करती हैं।

संग्रह की कहानियाँ समाज, परिवार, मानवीय रिश्तों, शिक्षा, संस्कार, नारी-सम्मान, देशप्रेम तथा जीवन के विविध पहलुओं को संवेदनशीलता और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत करती हैं। कहीं संघर्ष से जूझते पात्र हैं, कहीं मानवीय मूल्यों की जीत, तो कहीं समाज की विसंगतियों पर सार्थक प्रश्न उठाये गये हैं।
आज के बदलते परिवेश में, जब नैतिक मूल्यों और संवेदनाओं को सहेजने की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है, यह कहानी-संग्रह पाठकों के लिए एक उपयोगी और प्रेरणादायक पाठ्य-सहचर सिद्ध हो सकता है। साहित्य के माध्यम से एक बेहतर, जागरूक और संस्कारित समाज के निर्माण की दिशा में यह एक विनम्र प्रयास है।

25 रचनाकारों की सृजनात्मक अभिव्यक्तियों से सुसज्जित यह संग्रह अनुभव, विचार और संवेदनाओं का सुंदर समागम है। प्रत्येक कहानी अपने भीतर एक संदेश, एक सीख और जीवन को बेहतर ढंग से समझने की प्रेरणा समेटे हुए है। इस कहानी संग्रह में सम्मिलित रचनाकार– अपर्णा शाह, डॉ. आभा नागर, आशा गुप्ता ‘आशु’, डॉ. ऋषि अग्रवाल ‘सागर’, कात्यानी सिंह ‘पूजा’, ज्योत्स्ना सक्सेना, तन्वी सिंह, नितेश वर्मा, निर्मला बरवड़ ‘मुस्कान’, नीरजा मेहता ‘कमलिनी’, पंकज विश्वजीत, प्रांजलि अवस्थी, मंजु शर्मा, मंजु वशिष्ठ ‘श्यामा’, मंजुलता ‘मन’, मंजूषा ‘मन’, मधु छाबड़ा ‘महक’, मीनाक्षी सिंह, मीनाक्षी सुकुमारन, डॉ. मोहम्मद मजीद मिया, रमा शर्मा, सरोज तिवारी, सुरजीत तरुण वैष्णव, सेवा सदन प्रसाद, स्नेहा अग्रवाल ‘गीत’।

‘अंतर्मन की खोज’ की हर कहानी अपने भीतर एक अनुभव, एक संदेश और एक सीख समेटे हुए है। ये कथाएँ केवल पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि पाठक के मन में विचारों की नई दिशा भी निर्मित करती हैं। आशा है कि यह संग्रह जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने में सहायक सिद्ध होगा। साथ ही मानवीय मूल्यों, संवेदनाओं और संस्कारों के प्रति एक नई जागरूकता का संचार करेगा।

Book Release-
17 जुलाई 2016 (First Edition)
09 जून 2026 (Second Edition)


‘सत्यम् प्रभात’ केवल एक साझा काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों, संस्कारों और मानवीय चेतना का एक सशक्त साहित्यिक दस्त...
08/06/2026

‘सत्यम् प्रभात’ केवल एक साझा काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों, संस्कारों और मानवीय चेतना का एक सशक्त साहित्यिक दस्तावेज़ है। इस संग्रह में संकलित रचनाएँ राष्ट्र प्रेम, नैतिक शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, परिवार, माँ, बेटी, प्रकृति तथा मानवीय संवेदनाओं के विविध आयामों को प्रभावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
इस पुस्तक की विशेषता इसकी विषय-समृद्धि और उद्देश्यपरकता है। संग्रह की रचनाएँ पाठक को केवल भाव-विभोर ही नहीं करतीं, बल्कि जीवन, समाज और अपने कर्त्तव्यों के प्रति सजग होने की प्रेरणा भी देती हैं। कहीं संस्कारों का संदेश है, कहीं मानवता का स्वर, कहीं देश के प्रति समर्पण की भावना है, तो कहीं बदलते सामाजिक परिवेश पर सार्थक चिंतन।
देश-विदेश के 111 रचनाकारों की सृजनात्मक अभिव्यक्तियों से सुसज्जित यह संग्रह विविध विचारों, अनुभवों और भावनाओं का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। साहित्य के माध्यम से सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना को सशक्त बनाने का यह एक विनम्र प्रयास है, जो पाठकों के मन में प्रेरणा, जागरूकता और आत्ममंथन के नये द्वार खोलता है।
यह संग्रह न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए उपयोगी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जीवनोपयोगी विचारों और आदर्शों का एक मूल्यवान संकलन है। इसकी रचनाएँ पाठकों को अपनी संस्कृति, परम्पराओं और मानवीय मूल्यों से जुड़ने का अवसर प्रदान करती हैं। विविध विषयों पर आधारित यह संकलन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भावना को बल देता है तथा संवेदनशील, संस्कारित और जागरूक नागरिक निर्माण की दिशा में सार्थक भूमिका निभाने का प्रयास करता है। यही विशेषता ‘सत्यम् प्रभात’ को एक साधारण काव्य-संग्रह से आगे बढ़ाकर विचार और प्रेरणा का माध्यम बनाती है।
साहित्य समाज का दर्पण माना जाता है और ‘सत्यम् प्रभात’ उसी दर्पण में जीवन, समाज और मानवीय मूल्यों की उज्ज्वल छवि प्रस्तुत करने का एक विनम्र प्रयास है, जो पाठकों के मन में सकारात्मक विचारों, नैतिक चेतना और संवेदनशील दृष्टिकोण का संचार करने का प्रयास करती है।

Book Release-
17 जुलाई 2016 (First Edition)
08 जून 2026 (Second Edition)


‘साहित्य सागर’ केवल एक साझा काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और अनुभूतियों का विस्तृत संसार है। इस संग्रह में स...
07/06/2026

‘साहित्य सागर’ केवल एक साझा काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और अनुभूतियों का विस्तृत संसार है। इस संग्रह में संकलित रचनाएँ जीवन के विविध पक्षों को स्पर्श करती हुई पाठकों को संवेदनाओं, चिंतन और आत्मीय अनुभूतियों की एक अनूठी यात्रा पर ले जाती हैं।
इस पुस्तक की विशेषता इसकी विषयगत विविधता और साहित्यिक समृद्धि है। प्रत्येक रचना अपने भीतर एक अलग भावभूमि, दृष्टिकोण और अनुभव समेटे हुए है। कहीं प्रेम की कोमलता है, कहीं रिश्तों की आत्मीयता, कहीं सामाजिक सरोकारों की अभिव्यक्ति है, तो कहीं जीवन-दर्शन की गहन अनुभूति। यह संग्रह पाठक को कभी भावुक करता है, कभी प्रेरित करता है और कभी नये दृष्टिकोण से सोचने का अवसर प्रदान करता है।

32 रचनाकारों की सृजनात्मक अभिव्यक्तियों से सुसज्जित यह संकलन विविध भावों और विचारों का सुंदर समागम प्रस्तुत करता है। प्रत्येक रचनाकार ने अपनी विशिष्ट लेखन-शैली के माध्यम से इस संग्रह को समृद्ध और प्रभावशाली बनाया है। यही विविधता और साहित्यिक गरिमा ‘साहित्य सागर’ को एक विशेष पहचान प्रदान करती है।

इस संग्रह में सम्मिलित रचनाकार– अनजुम अफ़रोज़ अतीक़, अभिषेक शर्मा, अमन कानपुरी, डॉ. अरविन्द श्रीवास्तव ‘दर्द’, अरुण अर्णव खरे, इंदु श्रवण ‘विधि’, डॉ. ऋषि अग्रवाल ‘सागर’, ओरिना ‘अदा’, कुणाल गौरव ‘विकास’, डॉ. कुसुम शुक्ला, निखिल कुमार सिंह, निरंजन ‘नीर’, निर्मला बरवड़ ‘मुस्कान’, नीरू नैय्यर ‘नीलोफ़र’, नीलम मुकेश वर्मा, डॉ. पूर्णिमा राय, प्रशांत व्यास ‘रूद्र’, प्रीती दक्ष, मधु छाबड़ा ‘महक’, मुकेश कुमार सिन्हा, मोहम्मद तौहीद, रमा शर्मा, रवि गोहदपुरी, डॉ. राजेश्वरी मीणा, राहुल व्यास, विभा शिशोदियाँ ‘शुभ्रा शुभा’, शशि शर्मा ‘खुशी’, संजय त्रिवेदी ‘अविनाश’, सत्येन्द्र सिंह, डॉ. सीमा गुप्ता ‘शारदा’, सुधीर ‘अश्क’, डॉ. सोनिया गुप्ता।

Book Release-
17 जुलाई 2016 (First Edition)
07 जून 2026 (Second Edition)


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