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यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के पिता ने हाल ही में उनके पाकिस्तान यात्रा पर उठे विवाद पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने स्...
19/05/2025

यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के पिता ने हाल ही में उनके पाकिस्तान यात्रा पर उठे विवाद पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति ने किसी भी गलत गतिविधि में भाग नहीं लिया है और उनकी यात्रा जासूसी के इरादे से नहीं थी। उनके अनुसार, ज्योति ने एंबेसी से अनुमति प्राप्त की थी और सभी आवश्यक दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट और वीजा, के साथ यात्रा की थी।

ज्योति के पिता ने यह भी कहा कि उनकी बेटी स्वेच्छा से यात्रा नहीं कर सकी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ज्योति को इस मामले में फंसाया जा रहा है और यह अत्यधिक अनुचित है। उनके मुताबिक, ज्योति ने कभी भी किसी तरह की संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की है, जिससे यह सिद्ध होता है कि वह किसी गलत मंशा से यात्रा नहीं कर रही थी।

इस संदर्भ में, ज्योति के पिता की बातें यह दर्शाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर आरोप लगाने से पहले सभी तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए। यह मामला न केवल ज्योति के लिए, बल्कि उसके परिवार के लिए भी मानसिक तनाव का कारण बना है, और उन्हें न्याय की आवश्यकता है। ऐसे मामलों में सतर्कता और समझदारी से काम लेना आवश्यक है।

ISRO अब चंद्रयान-4 के जरिए एक रोबोट को चांद पर भेजेगा जो वहां खुदाई करके नमूने वापस लाएगा
19/05/2025

ISRO अब चंद्रयान-4 के जरिए एक रोबोट को चांद पर भेजेगा जो वहां खुदाई करके नमूने वापस लाएगा

भारत में सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स के साथ एक चर्चित ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को देश विरोधी गतिविधि...
18/05/2025

भारत में सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स के साथ एक चर्चित ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को देश विरोधी गतिविधियों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के साथ संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
वह 'ट्रैवल विद जो' नामक यूट्यूब चैनल चलाती है और पाकिस्तान यात्रा के दौरान वहां की खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट्स से उसके संबंध बने. इस केस में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हैं.

जानकारी के अनुसार, साल 2023 में ज्योति मल्होत्रा ने पाकिस्तान की यात्रा की थी. यह यात्रा उसने कमीशन के जरिए वीजा लेकर की थी. इस दौरान ज्योति की मुलाकात पाकिस्तान हाई कमीशन के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई, जिसके साथ उसके गहरे संबंध बन गए. दानिश के माध्यम से ज्योति की पहचान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अन्य एजेंट्स से कराई गई, जिनमें अली अहसान और शाकिर उर्फ राणा शहबाज (जिसका नाम उसने अपने फोन में 'जट्ट रंधावा' सेव किया था) शामिल थे.

एन्क्रिप्टेड ऐप्स से चल रही थी बातचीत

ज्योति इन एजेंट्स के साथ वॉट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए संपर्क में रही. वह न केवल पाकिस्तान के फेवर में सोशल मीडिया पर पॉजिटिव छवि पेश कर रही थी, बल्कि उसने संवेदनशील जानकारियां भी शेयर कीं.
ज्योति उन छह लोगों में शामिल है, जिन्हें खुफिया एजेंसियों की सूचना के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसमें पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई. ज्योति को दानिश और उसके सहयोगी अली अहसान के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों (PIO) से मिलवाया गया, जिन्होंने पाकिस्तान में उसके आने-जाने और रहने की व्यवस्था कराई. उसने एक पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी के साथ गहरे संबंध बनाए और हाल ही में उसके साथ इंडोनेशिया बाली भी गई थी.

आरोप है कि ज्योति ने भारतीय जगहों से संबंधित संवेदनशील जानकारी शेयर की और दिल्ली में रहने के दौरान पीएचसी हैंडलर दानिश के संपर्क में रही. इस मामले में लिखित कबूलनामा दर्ज किया गया है और केस दर्ज किया गया है.

एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश को जासूसी में शामिल होने के लिए 13 मई 2025 को भारत सरकार ने अवांछित व्यक्ति घोषित किया और उसे देश छोड़ने का आदेश दिया गया. ज्योति को जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान की सकारात्मक छवि पेश करे. पाकिस्तान उसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ प्रचार और जासूसी गतिविधियों के लिए कर रहा था.

यह पूरा मामला एक जासूसी अभियान का हिस्सा है, जिसमें ज्योति सहित छह भारतीय नागरिक शामिल हैं. ये लोग हिसार, कैथल, नूह (हरियाणा) और मलेरकोटला (पंजाब) में पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों और पीएचसी कर्मचारियों के लिए एजेंट या वित्तीय माध्यम के रूप में काम करते पाए गए.

भारत सरकार ने 13 मई 2025 को दानिश को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित कर दिया और उसे देश छोड़ने का आदेश दिया गया. वहीं, ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और ऑफिसियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 की धाराओं 3, 4 और 5 के तहत केस दर्ज किया गया है. अब इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा हिसार को सौंपी गई है.

जासूसी नेटवर्क का बड़ा खुलासा

यह केवल ज्योति तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इससे एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पंजाब और हरियाणा के कई जिलों के लोग शामिल हैं. ये सभी आरोपी या तो पाकिस्तानी एजेंट्स के संपर्क में थे या उनके लिए वित्तीय लेनदेन का माध्यम बने हुए थे.

जिन आरोपियों को अरेस्ट किया गया है, उनमें 32 साल की गजाला भी शामिल है, जो दानिश के साथ वित्तीय लेन-देन में शामिल थी और वीजा प्रक्रिया में मदद कर रही थी. इसके अलावा यामीन मोहम्मद शामिल है, जो दानिश को हवाला और अन्य माध्यमों से पैसे पहुंचाने में मदद करता था. वहीं हरियाणा के कैथल से देविंदर सिंह ढिल्लो को अरेस्ट किया गया है. यह पाकिस्तान यात्रा के दौरान संपर्क में आया था, उसने पटियाला छावनी के वीडियो पाकिस्तानी एजेंट्स को भेजे.

इसके अलावा हरियाणा के नूंह से अरमान नाम के स्थानीय मुस्लिम युवक को अरेस्ट किया गया है, जिसने भारतीय सिम कार्ड्स मुहैया कराए और 2025 में डिफेंस एक्सपो की साइट तक का दौरा पाकिस्तानी एजेंट्स के निर्देश पर किया. सरकार और एजेंसियां अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय संदिग्ध तत्वों की निगरानी और जांच को और तेज करने की योजना बना रही हैं.

ज्योति के अलावा पंजाब की गजाला भी शामिल

ज्योति ही एकमात्र ऐसी महिला नहीं है, जिसे पाक खुफिया एजेंसी ने फंसाया था, बल्कि पंजाब में एक विधवा महिला गजाला का भी इस्तेमाल सूत्रों को पैसे भेजने के लिए किया गया. गुजाला पंजाब के मलेरकोटला की रहने वाली है. उसने 2010 में इस्लामिक गर्ल्स स्कूल मलेरकोटला से 10वीं की पढ़ाई की, बाद में 2012 में उसी स्कूल से 12वीं की. 23 अप्रैल 2018 को गजाला की शादी इमरान राणा पुत्र मोहम्मद शकील अहमद निवासी मोहल्ला चोरमारा मलेरकोटला से हुई. हालांकि 22 मार्च 2020 को हार्ट अटैक के कारण उसके पति का निधन हो गया.

27 फरवरी 2025 को गजाला पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन करने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन गई, जहां उसकी मुलाकात PHC के एक अधिकारी दानिश से हुई. दोनों ने अपने नंबर शेयर किए. इसके बाद गजाला मलेरकोटला के लिए रवाना हुई. दानिश ने गजाला को मैसेज करना शुरू कर दिया और वे एक-दूसरे से बात करने लगे. वे वीडियो कॉल और चैटिंग के जरिए संपर्क में रहे. कुछ दिनों के बाद गजाला को उससे प्यार हो गया, क्योंकि दानिश ने उससे वादा किया था कि वह उससे शादी करेगा.

कुछ दिन बाद दानिश ने गजाला को चैटिंग के लिए वॉट्सएप से टेलीग्राम पर स्विच करने के लिए कहा, यह कहते हुए कि वॉट्सएप सुरक्षित नहीं है. 7 मार्च 2025 को दानिश ने गजाला को उसके निजी खर्चों के लिए 10,000 रुपये फोन-पे पर भेजे. इसके बाद 23 मार्च 2025 को दानिश ने गजाला को फिर से 20,000 रुपये भेजे. दानिश ने गजाला को 20,000 में से 10,000 रुपये कुछ लोगों को भेजने के लिए कहा. उस पर भरोसा करके गुजाला ने ठीक वैसा ही किया. गजाला ने उसके बताए गए व्यक्तियों को 1,800, 899, 699 और 3,000 की राशि ट्रांसफर कर दी.

23 अप्रैल 2025 को गजाला फिर पाकिस्तानी वीजा के लिए नई दिल्ली स्थित पीएचसी गई. उसके साथ उसकी सहेली बानू नसरीना पत्नी स्व. अब्दुल फिरोज निवासी मोहल्ला महतेवाला मलेरकोटला भी थी. वहां गजाला की फिर से दानिश से मुलाकात हुई, जिसने उसे आश्वासन दिया कि वह पाकिस्तान का वीजा दिलाने में मदद करेगा. इसके बाद गजाला उसी दिन मलेरकोटला वापस आ गई. अगले ही दिन उसे वीजा मिल गया.

नाना पाटेकर, जो बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, ने अपनी जिंदगी में न केवल फिल्मों से बल्कि समाज ...
17/05/2025

नाना पाटेकर, जो बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, ने अपनी जिंदगी में न केवल फिल्मों से बल्कि समाज सेवा से भी गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने अब तक 70 से ज्यादा ऐसे परिवारों की मदद की है, जिनके किसान सदस्य ने आत्महत्या कर ली थी। ऐसे परिवारों को नाना पाटेकर ने 15,000 रुपए प्रति परिवार आर्थिक सहायता के रूप में दिए हैं, ताकि वे अपने जीवन को फिर से संवार सकें।

नाना पाटेकर की कमाई का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों में जाता है। उनका यह समर्पण और दया भाव उन्हें एक सच्चे हीरो से कम नहीं बनाता। वे न केवल अपनी फिल्मों के जरिए बल्कि अपने सामाजिक कार्यों के कारण भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।

किसानों की हालत देश में एक गंभीर मुद्दा है, और नाना पाटेकर ने इस मुद्दे को समझते हुए जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए खुद आगे आने का उदाहरण पेश किया है। उनकी यह पहल न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि उन परिवारों को एक नई उम्मीद और साहस भी देती है।

नाना पाटेकर की कहानी यह दिखाती है कि सच्चा समाजसेवी वह होता है, जो अपने सुख-सुविधा के बावजूद दूसरों की मदद करने से पीछे न हटे। उनकी इंसानियत और संवेदनशीलता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

ऐसे महान कलाकार और इंसान को हम सलाम करते हैं, जिन्होंने अपनी सफलता को दूसरों की भलाई के लिए लगाया। नाना पाटेकर की यह समाज सेवा हमें यह सिखाती है कि असली सम्मान केवल प्रसिद्धि या दौलत से नहीं, बल्कि इंसानियत और मददगार बनने से मिलता है।

नाना पाटेकर को उनकी इस नेक और बहादुरी भरी सेवा के लिए दिल से सलाम। उनका यह काम समाज में एक मिसाल बन चुका है।

**सारा अली खान: नई पीढ़ी की चमकदार अदाकारा**सारा अली खान, बॉलीवुड की नई पीढ़ी की एक प्रतिभाशाली और प्रसिद्ध अभिनेत्री है...
17/05/2025

**सारा अली खान: नई पीढ़ी की चमकदार अदाकारा**

सारा अली खान, बॉलीवुड की नई पीढ़ी की एक प्रतिभाशाली और प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं। उनका जन्म 12 अगस्त 1995 को मुंबई में हुआ था। वे अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री अमृता सिंह की बेटी हैं। सारा ने अपनी पढ़ाई कोलंबिया यूनिवर्सिटी, न्यूयॉर्क से पूरी की, इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत की।

सारा ने 2018 में फिल्म *केदारनाथ* से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसमें उनके अभिनय की काफी सराहना हुई। इसके बाद उन्होंने *सिंबा*, *लव आज कल*, *कुली नं. 1* और *अतरंगी रे* जैसी फिल्मों में काम किया। सारा का आत्मविश्वास, स्पष्ट विचार और उनकी ऊर्जा उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाती है। वे अपने बेबाक इंटरव्यू और जमीन से जुड़े व्यवहार के लिए भी जानी जाती हैं।

सारा को ट्रैडिशनल लुक्स के साथ-साथ वेस्टर्न अवतार में भी खूब पसंद किया जाता है। वे सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं और अपनी ज़िंदगी के विभिन्न पहलुओं को फैंस के साथ साझा करती हैं।

अपने चुलबुले स्वभाव, शालीनता और अभिनय क्षमता के कारण सारा अली खान ने कम समय में ही इंडस्ट्री में एक खास पहचान बना ली है।

रीमा लागू, जिनका असली नाम नयन भादभड़े था, हिंदी सिनेमा की एक मशहूर अभिनेत्री थीं, जिन्होंने भारतीय सिनेमा में माँ के किर...
15/05/2025

रीमा लागू, जिनका असली नाम नयन भादभड़े था, हिंदी सिनेमा की एक मशहूर अभिनेत्री थीं, जिन्होंने भारतीय सिनेमा में माँ के किरदार को एक नई पहचान दी। उनके अभिनय में ऐसी सजीवता और गहराई थी कि उन्होंने माँ के चरित्र को परदे पर सजीव कर दिया। उनकी अभिनय शैली में सहजता, स्नेह, और ममता का अनोखा मेल था, जो दर्शकों के दिलों में गहराई तक उतर जाता था।

रीमा लागू का जन्म 21 जून 1958 को हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी थिएटर से की थी, जहाँ उन्होंने अभिनय की बारीकियों को सीखा और निखारा। उनकी माँ, मंदाकिनी भादभड़े, खुद एक जानी-मानी मराठी अभिनेत्री थीं, और रीमा ने अपनी माँ से ही अभिनय के गुण सीखे। मराठी थिएटर से अपनी शुरुआत करने के बाद, रीमा लागू ने हिंदी फिल्मों में कदम रखा और अपने अभिनय से सबका दिल जीत लिया।

रीमा लागू ने 'मैंने प्यार किया', 'हम आपके हैं कौन', 'कुछ कुछ होता है', 'वास्तव', और 'कल हो ना हो' जैसी अनेक हिट फिल्मों में माँ के किरदार निभाए। उनके द्वारा निभाए गए किरदारों में माँ की ममता, स्नेह, और त्याग की अद्भुत अभिव्यक्ति थी, जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे प्यारी माँ बना दिया। उनकी सजीव अदायगी और दिल छू लेने वाले संवाद आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं।

फिल्मों के साथ-साथ, रीमा लागू ने टेलीविजन पर भी अपनी कला का जादू बिखेरा। 'श्रीमान श्रीमती', 'तू तू मैं मैं', और 'दो और दो पाँच' जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में उनके किरदारों को भी दर्शकों ने खूब सराहा। उनके अभिनय में एक खास तरह की सहजता और स्वाभाविकता थी, जिसने उन्हें दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया।

18 मई 2017 को रीमा लागू का निधन हो गया, जिससे फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में गहरा शोक फैला। उनके निधन के बाद, बॉलीवुड के कई बड़े सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। रीमा लागू ने अपने अनोखे अभिनय से माँ की ममता और प्यार को जिस तरह से परदे पर उकेरा, वह हमेशा याद रखा जाएगा। उनका योगदान और उनकी यादें भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा जीवित रहेंगी।

अगर क्रिकेट में भी राजनीति की तरह परिवारवाद होता तो विराट कोहली कभी नहीं खेल पाते..नाम : विराट कोहली खेल : क्रिकेट काम :...
13/05/2025

अगर क्रिकेट में भी राजनीति की तरह परिवारवाद होता तो विराट कोहली कभी नहीं खेल पाते..

नाम : विराट कोहली
खेल : क्रिकेट
काम : विपक्षी टीम को तोड़ना
टोटल टेस्ट मैच : 123
औसत : 46.85
टोटल रन : 9230 रन बनाए हैं
टोटल शतक : 30 शतक
टोटल अर्धशतक : 31 अर्धशतक

ये ऊपर विराट कोहली की टोटल कुंडली लिखी है टेस्ट क्रिकेट की….

"विराट कोहली : एक संपूर्ण खिलाड़ी"

विराट कोहली निःसंदेह एक महान और समर्पित खिलाड़ी हैं।
टेस्ट क्रिकेट को आज भी उनकी जरूरत थी,
परंतु जो भी निर्णय उन्होंने लिया होगा, वह पूरी सोच-समझ और आत्ममंथन के बाद ही लिया गया होगा।
इसमें कोई संदेह नहीं कि उनके भीतर आज भी खेलने की आग, जुनून और भूख वैसी ही है —
जैसी उनके करियर की शुरुआत में थी।
उनकी नज़रें अब भी मैदान को वैसी ही चुनौती देती हैं,
जैसे हर रन उनके आत्मसम्मान का हिस्सा हो।

सचिन तेंदुलकर को सरकार की तरफ से वायु सेना के कप्तान की उपाधि दी गई है। क्या आज जब देश को सबसे ज्यादा जरूरत है तब सचिन ह...
10/05/2025

सचिन तेंदुलकर को सरकार की तरफ से वायु सेना के कप्तान की उपाधि दी गई है। क्या आज जब देश को सबसे ज्यादा जरूरत है तब सचिन हवाई जहाज उड़ाने जाएंगे। भले ही वह क्रिकेटर के रूप में एक महान खिलाड़ी हो लेकिन जब बात देशभक्ति की आती है तो वह सबसे पहले पीठ दिखाकर भाग खड़े होंगे। ऐसे में सरकार को यह ध्यान देना चाहिए कि इन खिलाड़ियों को इस तरह की उपाधि बिल्कुल ना दे।

चिन्नास्वामी स्टेडियम में 17 साल के अयुष म्हात्रे ने शानदार पारी खेली। 94 रन (48 गेंदों में), 9 चौके और 5 छक्के। शतक से ...
04/05/2025

चिन्नास्वामी स्टेडियम में 17 साल के अयुष म्हात्रे ने शानदार पारी खेली। 94 रन (48 गेंदों में), 9 चौके और 5 छक्के। शतक से चूक गए, लेकिन बड़ी रन चेज़ में CSK की नींव शानदार तरीके से रखी। शानदार पारी, अयुष! 👏🔥

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