14/09/2026
क्या आप जानते हैं कि गणपति का एक नाम स्वयं रुद्रों से उनके विशेष संबंध को प्रकट करता है?
गणपति सहस्रनाम में वर्णित गणपति का चालीसवाँ नाम है—
रुद्रप्रिय।
गणपति सहस्रनाम की पारम्परिक व्याख्या में रुद्रप्रिय का अर्थ मिलता है—रुद्रों के प्रिय। अर्थात् गणपति का यह नाम उनके उस स्वरूप को प्रकट करता है, जो रुद्रों को प्रिय है।
गणेशपुराण के गणपति सहस्रनाम में यह नाम इस क्रम में आता है—
“रुद्रप्रियो गणाध्यक्ष उमापुत्रोऽघनाशनः ॥”
गणपति सहस्रनाम : ४०
शास्त्रीय आधार — गणेशपुराण, उपासनाखण्ड, अध्याय ४६
पाठभेद संबंधी नोट — इस श्रृंखला में गणेशपुराण, उपासनाखण्ड, अध्याय ४६ के Stotra Nidhi में उपलब्ध पाठ-क्रम को आधार बनाया गया है। नामार्थ की पुष्टि अर्थ-सहित गणेशपुराण पाठ से भी की गई है।
लेखकीय निवेदन — यथासंभव प्रमाणित शास्त्रीय संदर्भों के आधार पर लेखन का प्रयास है। फिर भी यदि किसी तथ्य या अर्थ में कोई त्रुटि दिखाई दे, तो कृपया प्रमाणित स्रोत के साथ अवश्य बताएं।
ॐ जय बाबा सबल सिंह बावरी की ॐ