13/10/2026
1955 से जींद में हो रही किले वाली रामलीला के मंचन में प्रमुख समाजसेवी राजकुमार गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत
70 सालों से लगातार रामलीला का आयोजन होना शहर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक : राजकुमार गोयल
जींद : श्री सनातन धर्म आदर्श रामलीला समिति जींद की ओर से भव्य रामलीला मंचन 8 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। किले वाली रामलीला के नाम से प्रसिद्ध यह रामलीला 1955 से इसी मैदान में आयोजित की जा रही है। इस वर्ष रामलीला का आयोजन 21 अक्टूबर तक चलेगा। रामलीला में अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस अवसर पर समिति के संरक्षक संतलाल चुघ, प्रधान रवि गुम्बर, संरक्षक वेद प्रकाश विरमानी, उपप्रधान कृष्ण लाल आहूजा, उपप्रधान राकेश चुघ, स्टेज सचिव राजेश गुगलानी, फर्नीचर एसोसिएशन के सदस्य सोमनाथ गोयल, अग्रवाल समाज के महासचिव रामधन जैन, करियाणा एसोएिशसन के प्रधान मनीष गर्ग, कपड़ा एसोसिएशन के सदस्य सोनू जैन, जनता बाजार एसोसिएशन के सदस्य गोपाल जिंदल, अग्रवाल समाज महिला विंग की संरक्षक पुष्पा गोयल, नंदकिशोर जुनेजा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राजकुमार गोयल ने भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, धैर्य और आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा। श्रीराम ने माता पिता की आज्ञा का पालन, भाई के प्रति प्रेम, मित्रता, प्रजा के प्रति कर्तव्य और न्यायपूर्ण शासन के माध्यम से समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा दी। गोयल ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि यह हमारी भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। भगवान श्रीराम के जीवन से हमें सीख मिलती है कि परिस्थितियां कैसी भी हों हमें सदैव सत्य, धर्म और मर्यादा का पालन करना चाहिए।
गोयल ने कहा कि आज के समय में युवा पीढी को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाना बहुत जरूरी है। उन्होने कहा कि जींद की किले वाली रामलीला का वर्ष 1955 से लगातार आयोजित होना शहर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। रामलीला को सफल बनाने के लिए समिति के संरक्षक संतलाल चुघ, प्रधान रवि गुम्बर, संरक्षक वेद प्रकाश विरमानी, उपप्रधान कृष्ण लाल आहूजा सहित समस्त कार्यकारिणी दिन रात मेहनत कर रही है। समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में जुटे हुए हैं।
आगामी 21 अक्टूबर तक चलेगा रामलीला मंचन :
जींद : रामलीला का मंचन 21 अक्टूबर तक चलेगा जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित विभिन्न लीलाओं राम जन्म, सीता स्वयंवर, राम बरात, भरत मिलाप, सीता हरण, लंका दहन और रावण वध सहित अनेक प्रसंगों का मंचन होगा। गत 8 अक्टूबर को लीला श्रवण कुमार, 9 अक्टूबर को श्रीराम और सीता जन्म, 10 अक्टूबर को ताड़का वध, 11 अक्टूबर को सीता स्वयंवर, 12 अक्टूबर को राम बरात (शोभा यात्रा), 13 अक्टूबर को राम बनवास हुआ व 14 अक्टूबर को भरत मिलाप, 15 अक्टूबर को सीता हरण, 16 अक्टूबर को बाली वध, 17 अक्टूबर को लंका दहन, 18 अक्टूबर को लक्ष्मण मूर्छा, 19 अक्टूबर को रावण वध, 20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव, 21 अक्टूबर को श्रीराम राजतिलक का मंचन होगा।