27/12/2025
मैं और मेरी दुनिया
मैं और मेरी दुनियामेरी दुनिया बहुत बड़ी नहीं है,पर बहुत गहरी है।यहाँ शोर कम है,और एहसास ज़्यादा। मेरी दुनिया मेंकिताबें दोस्त हैं,ख़याल हमसफ़र हैं,और खामोशी भी अपनी लगती है। मैं अपनी दुनिया खुद बनाती हूँ—कभी शब्दों से,कभी ख्यालों से,और कभी बस चुप रहकर। इस दुनिया मेंपरफेक्ट होने की ज़िद नहीं,...
मैं और मेरी दुनियामेरी दुनिया बहुत बड़ी नहीं है,पर बहुत गहरी है।यहाँ शोर कम है,और एहसास ज़्यादा। मेरी दुनिया मेंकि...