02/09/2026
धन्यवाद, यह सिर्फ कृतज्ञता का भाव है, आपने जो दिया है उसे हम चूका नही सकते।
ब्लड कैंसर का इलाज एक बहुत बड़ी जंग है, इसे अकेला कोई नही लड़ पाता अकेला तो छोड़िए एक परिवार भी थक जाता है। इस जंग में सबसे पहला लड़ाका मरीज होता है। दूसरा उसका परिवार, इसके अलावा धरती के भगवान यानी डॉक्टर। जब डॉक्टर कीमोथेरेपी देना शुरू करते हैं तब सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि ब्लड कैंसर के कारण जहां शरीर में रक्त और प्लेटलेट्स की कमी लगातार बनी रहती है वहीं दूसरी ओर कीमोथेरेपी के कारण बहुत तेजी से रक्त और प्लेटलेट्स गिरने लगती है ऐसे में मरीज को लगातार रक्त और प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है एक परिवार के कितने लोग डोनेट कर सकते हैं या आप भी समझते हैं और हम भी ऐसे में कुछ फरिश्ते रूपी लोग अपना रक्त और प्लेटलेट्स दान करते हैं और यह उसे इलाज की सबसे बड़ी ताकत होती है क्योंकि यह समय पर नहीं मिलता तो मरीज की जान को खतरा रहता है वह कभी भी जान गवा सकता है। दाता अपना कीमती समय देकर अस्पताल पहुंचता है और फिर रक्तदान या एसडीपी डोनेट करता है।
मेरे करीबी को रक्त कैंसर हो गया इलाज के दौरान सबसे बड़ी चुनोती लगातार गिरते प्लेटलेट्स और रक्त की कमी थी।
जोधपुर ब्लड डोनर्स संस्थान के स्थापक विशाल भाई ने इस दौरान जब बोला तब मुझे SDP यानी प्लेटलेट्स डोनर दिया। करीब 8 सेवाभावी भाइयो को विशाल भाई ने एक फोन कॉल कर डोनेशन करवाया। कीमोथेरेपी का दूसरा दौर शुरू हो चुका है। एक बार फिर नवीन जी बोहरा को भेजकर जीवन दान यानी इलाज की प्रक्रिया में सहयोग दिया मैं उनका आभारी हूं।
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