24/01/2026
राजस्थान का सबसे चर्चित भंवरी देवी हत्या!कांड – जब सब पता था, फिर भी कुछ साबित नहीं हुआ..पूरी जानकारी पढ़े...
नाम: भंवरी देवी
उम्र: लगभग 36 वर्ष
निवास: जोधपुर ज़िला, राजस्थान
पेशा: एएनएम (सरकारी नर्स)
साल: 2011
भंवरी देवी एक साधारण सरकारी कर्मचारी थीं गाँव-कस्बों में काम करने वाली नर्स जो रोज़ की तरह अपने काम और परिवार में व्यस्त रहती थीं। सितंबर 2011 की एक सुबह वो घर से निकलीं किसी ने नहीं सोचा था कि वो आख़िरी सुबह होगी।
#गुमशुदगी शाम तक भंवरी देवी घर नहीं लौटीं फोन बंद था।परिजनों ने आसपास खोजा अगले दिन पुलिस में रिपोर्ट दी गई शुरुआत में पुलिस ने इसे सामान्य गुमशुदगी माना।
कहा गया —
“कभी-कभी महिलाएँ खुद भी चली जाती हैं।” परिवार को यह जवाब कभी मंज़ूर नहीं हुआ।
ला!श की बरामदगी करीब 17 दिन बाद जोधपुर के पास एक सुनसान जगह से जली हुई महिला की लाश मिली श!व की हालत इतनी खराब थी, कि पहचान नामुमकिन लग रही थी।
जांच कराई गई रिपोर्ट आई — ला!श भंवरी देवी की ही थी। पूरा राजस्थान सन्न रह गया जांच का रुख अब मामला ह!त्या का बन गया। पुलिस पर दबाव बढ़ा जांच में सामने आया कि भंवरी देवी के पास कुछ प्रभावशाली लोगों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियाँ थीं - फोन कॉल रिकॉर्ड निकाले गए आख़िरी दिनों में कुछ खास नंबरों से लगातार बातचीत हुई थी।इन नामों ने राजनीति और रसूख की खुशबू दी।
गिर!फ़्तारियाँ मामला बिगड़ता देख राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंप दी। CBI ने कई महीनों तक जांच की कॉल डिटेल्स खंगाली गईं लोकेशन रिकॉर्ड देखे गए गवाहों से पूछताछ हुई कुछ लोगों को गिर!फ़्तार भी किया गया।
#चार्जशीट दाख़िल हुई लगा — अब सच्चाई सामने आएगी। कोर्ट में मामला केस कोर्ट पहुँचा सुनवाई चली साल दर साल बीतते गए। लेकिन धीरे-धीरे जांच की कमज़ोरियाँ सामने आने लगीं।
कई गवाह अपने बयान से पलट गए कुछ सबूत तकनीकी वजह से खारिज हो गए कॉल रिकॉर्ड्स से “संदेह” तो साबित हुआ लेकिन “अपराध” नहीं
CBI ने कहा — “ह!त्या हुई है, लेकिन कड़ियाँ पूरी तरह जुड़ नहीं पाईं।” फैसला 2017 में CBI कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया कोर्ट ने साफ़ कहा — “संदेह के आधार पर सज़ा नहीं दी जा सकती।”
भंवरी देवी की ह!त्या कानूनी तौर पर आज भी बिना दोषी के है, आज की स्थिति ह!त्या हुई — ये साबित है श!व मिला — ये सच है, लेकिन हत्यारा कौन था — कोई नहीं जानता परिवार आज भी इंसाफ़ की आस में है,कोई नेता सज़ा में नहीं है, कोई अफसर दोषी नहीं।
केस फाइल अलमारी में बंद है, सच्चाई जो चुभती है
राजस्थान में ऐसी कई कहानियाँ हैं, जो न्यूज़ में कुछ दिन चलीं और फिर गायब हो गईं क्योंकि: म!रने वाला आम था और जिन पर शक था..वो ताक़तवर थे..?
अनसुलझी पहेली...✍️ राकेश जाखड़ अरटिया