17/05/2026
🚨आत्मसम्मान की लड़ाई:अब 'लॉर्डशिप' नहीं चलेगा!🚨
रोहिणी कोर्ट की इस घटना ने पूरे अधिवक्ता समाज को झकझोर कर रख दिया है। जब न्यायपालिका के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग युवा अधिवक्ताओं को 'परजीवी' (Parasite) या 'कॉकरोच' जैसे शब्दों से संबोधित करें, तो आत्मसम्मान कहाँ बचता है? 🏛️❌
अवमानना (Contempt) का डर दिखाकर हमारी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। वर्दी और काले कोट का सम्मान सर्वोपरि है। सभी सीनियर्स और युवा वकीलों से अपील है—उन्हें 'माई लॉर्ड' कहना बंद करें। वे भगवान नहीं, न्याय के सेवक हैं! ⚖️✊💪
Part 9