Gourab Gupta

Gourab Gupta Motivation videos

महाराज जी और गुरुमा बचपन से ही बहुत अच्छे मित्र थे। गाँव की गलियों, बगीचों और खेतों के किनारों पर वे अक्सर लुका-छिपी खेल...
03/06/2026

महाराज जी और गुरुमा बचपन से ही बहुत अच्छे मित्र थे। गाँव की गलियों, बगीचों और खेतों के किनारों पर वे अक्सर लुका-छिपी खेला करते थे। उस समय उनके लिए यह खेल केवल मनोरंजन का साधन था। महाराज जी किसी पेड़ के पीछे छिप जाते और गुरुमा उन्हें ढूँढ़ने निकल पड़तीं। कभी गुरुमा किसी झाड़ी के पास छिप जातीं और महाराज जी बड़ी उत्सुकता से उन्हें खोजते। दोनों की हँसी और खुशी से पूरा वातावरण जीवंत हो जाता था।

समय बीता, दोनों बड़े हुए और जीवन की जिम्मेदारियाँ बढ़ीं। अब वे बचपन वाली लुका-छिपी तो नहीं खेलते, लेकिन उसके पीछे छिपे भाव को अपने जीवन में जीवित रखते हैं। आज उनकी लुका-छिपी ज्ञान, प्रेम और आत्मिक समझ की प्रतीक बन गई है। महाराज जी कभी किसी गूढ़ विचार या आध्यात्मिक संदेश को संकेतों में प्रस्तुत करते हैं, और गुरुमा उसे समझकर लोगों तक पहुँचाने का कार्य करती हैं। कभी गुरुमा किसी नई सेवा या योजना को शांतिपूर्वक आरंभ करती हैं, और महाराज जी उसे पहचानकर आगे बढ़ाने में सहयोग देते हैं।

इस प्रकार उनका खेल अब केवल छिपने और खोजने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और उद्देश्यों को समझने की सुंदर प्रक्रिया बन गया है। बचपन की सरल मित्रता आज भी बनी हुई है, बस उसका रूप अधिक परिपक्व, सार्थक और प्रेरणादायक हो गया है।

महाराज जी और गुरुमा नाव में बैठकर अत्यंत मनोहारी और यादगार फोटो खिंचवा रहे हैं। शांत जलधारा के बीच धीरे-धीरे बहती हुई ना...
02/06/2026

महाराज जी और गुरुमा नाव में बैठकर अत्यंत मनोहारी और यादगार फोटो खिंचवा रहे हैं। शांत जलधारा के बीच धीरे-धीरे बहती हुई नाव पर दोनों की उपस्थिति दृश्य को आध्यात्मिक और आकर्षक बना रही है। चारों ओर फैली प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ जल और मनमोहक वातावरण इस क्षण को और भी विशेष बना रहे हैं। महाराज जी शांत, गंभीर और तेजस्वी स्वरूप में विराजमान हैं, जबकि गुरुमा अपने सौम्य, स्नेहमयी और गरिमामय व्यक्तित्व से दृश्य की शोभा बढ़ा रही हैं।

नाव के चारों ओर लहरों की हल्की-हल्की तरंगें प्रकृति के मधुर संगीत का अनुभव करा रही हैं। आसमान की नीली छटा और जल में पड़ता उसका प्रतिबिंब दृश्य को अद्भुत सौंदर्य प्रदान कर रहा है। दोनों के चेहरे पर संतोष, प्रसन्नता और आत्मिक शांति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। ऐसा प्रतीत होता है मानो वे प्रकृति के सान्निध्य में कुछ अमूल्य क्षणों का आनंद ले रहे हों।

यह फोटो केवल एक चित्र नहीं, बल्कि सादगी, प्रेम, सम्मान और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों का सुंदर प्रतीक है। नाव जीवन की यात्रा का प्रतीक बनकर दिखाई देती है, जहाँ महाराज जी और गुरुमा धैर्य, संतुलन और सकारात्मकता का संदेश दे रहे हैं। इस तस्वीर में प्रकृति और आध्यात्मिकता का सुंदर संगम देखने को मिलता है, जो प्रत्येक दर्शक के मन को शांति और आनंद से भर देता है। यह यादगार चित्र लंबे समय तक प्रेरणा, श्रद्धा और मधुर स्मृतियों का स्रोत बना रहेगा।

महाराज जी और गुरुमा लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए छोटे-छोटे ब्रिज बनवा रहे हैं। इन ब्रिजों के बनने से गांव और आसपास ...
02/06/2026

महाराज जी और गुरुमा लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए छोटे-छोटे ब्रिज बनवा रहे हैं। इन ब्रिजों के बनने से गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आने-जाने में काफी आसानी होगी। बरसात के समय, जब नाले और छोटी नदियां भर जाती हैं, तब इन पुलों का विशेष महत्व रहेगा। महाराज जी और गुरुमा का यह कार्य समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। वे हमेशा जनकल्याण और लोगों की भलाई के लिए प्रयासरत रहते हैं। इन छोटे-छोटे ब्रिजों के माध्यम से वे लोगों के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

महाराज जी और गुरुमा हरे-भरे आम के बगीचे में बड़े प्रेम और आनंद के साथ आम तोड़ रहे हैं। चारों ओर लदे हुए आम के पेड़ प्रकृ...
02/06/2026

महाराज जी और गुरुमा हरे-भरे आम के बगीचे में बड़े प्रेम और आनंद के साथ आम तोड़ रहे हैं। चारों ओर लदे हुए आम के पेड़ प्रकृति की सुंदरता को और भी मनोहारी बना रहे हैं। महाराज जी सावधानी से शाखाओं से पके हुए आम चुन रहे हैं, जबकि गुरुमा मुस्कुराते हुए उन्हें टोकरी में सजा रही हैं। वातावरण में शांति, स्नेह और आध्यात्मिक गरिमा का अद्भुत संगम दिखाई देता है। पेड़ों की छाया, पक्षियों की मधुर चहचहाहट और ताज़ी हवा इस दृश्य को और भी आकर्षक बना रही है। यह दृश्य सादगी, प्रकृति-प्रेम और गुरु-शिष्य परंपरा के मधुर भावों को दर्शाता है, जहाँ श्रम, प्रेम और संतोष का सुंदर संदेश सहज रूप से प्रकट हो रहा है।

महाराज जी और गुरुमाता जी एक सुंदर मूर्ति की दुकान में विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ देख रहे थे। दुकान में सजी हुई मू...
01/06/2026

महाराज जी और गुरुमाता जी एक सुंदर मूर्ति की दुकान में विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ देख रहे थे। दुकान में सजी हुई मूर्तियों की कलात्मकता और आकर्षक सजावट सभी का ध्यान खींच रही थी। महाराज जी प्रत्येक मूर्ति के निर्माण, भाव और आध्यात्मिक महत्व को ध्यानपूर्वक देख रहे थे, जबकि गुरुमाता जी उनकी सुंदरता, रंग-संयोजन और भाव-भंगिमा की सराहना कर रही थीं। दोनों मूर्तियों की गुणवत्ता, शिल्पकला और धार्मिक उपयोगिता पर विचार-विमर्श कर रहे थे। दुकान का वातावरण शांत और भक्तिमय था, जिससे वहाँ एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति हो रही थी। अंत में उन्होंने कुछ उत्कृष्ट मूर्तियों का चयन किया और शिल्पकारों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। यह दृश्य श्रद्धा, सौंदर्य और संस्कृति का सुंदर संगम प्रस्तुत कर रहा था।
Guruji aur guruma shree krishna aur mata parvati ki puja kar rahe hai photo bake do face 100% same



महाराज जी और गुरुमाता जी एक सुंदर मूर्ति की दुकान में विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ देख रहे थे। दुकान में सजी हुई मू...
01/06/2026

महाराज जी और गुरुमाता जी एक सुंदर मूर्ति की दुकान में विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ देख रहे थे। दुकान में सजी हुई मूर्तियों की कलात्मकता और आकर्षक सजावट सभी का ध्यान खींच रही थी। महाराज जी प्रत्येक मूर्ति के निर्माण, भाव और आध्यात्मिक महत्व को ध्यानपूर्वक देख रहे थे, जबकि गुरुमाता जी उनकी सुंदरता, रंग-संयोजन और भाव-भंगिमा की सराहना कर रही थीं। दोनों मूर्तियों की गुणवत्ता, शिल्पकला और धार्मिक उपयोगिता पर विचार-विमर्श कर रहे थे। दुकान का वातावरण शांत और भक्तिमय था, जिससे वहाँ एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति हो रही थी। अंत में उन्होंने कुछ उत्कृष्ट मूर्तियों का चयन किया और शिल्पकारों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। यह दृश्य श्रद्धा, सौंदर्य और संस्कृति का सुंदर संगम प्रस्तुत कर रहा था।

01/06/2026





परम पूज्य महाराज जी और गुरु माँ आज भगवान शिव के पावन धाम केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुँचे। हिमालय की भव्य पर्...
31/05/2026

परम पूज्य महाराज जी और गुरु माँ आज भगवान शिव के पावन धाम केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुँचे। हिमालय की भव्य पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित इस दिव्य तीर्थ में पहुँचकर उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव से बाबा केदार के दर्शन किए। मंदिर परिसर में गूँजते हर-हर महादेव के जयघोष ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। महाराज जी और गुरु माँ ने देश, समाज तथा समस्त मानवता के सुख, शांति और कल्याण की मंगलकामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की। इस पवित्र यात्रा ने सभी श्रद्धालुओं के हृदय में आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना का नया संचार किया।




परम पूज्य महाराज जी और गुरु माँ महाकेदार जी आज भक्तों को दर्शन देने हेतु पधारे हैं। उनके शुभ आगमन से समूचा वातावरण भक्ति...
31/05/2026

परम पूज्य महाराज जी और गुरु माँ महाकेदार जी आज भक्तों को दर्शन देने हेतु पधारे हैं। उनके शुभ आगमन से समूचा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उनके दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। महाराज जी के प्रेरणादायी विचार और गुरु माँ महाकेदार जी की स्नेहमयी उपस्थिति सभी के हृदय को शांति, श्रद्धा और आनंद से भर देती है।

भक्तों ने पुष्प अर्पित कर तथा जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन भी किया गया, जिससे वातावरण और अधिक पावन बन गया। महाराज जी और गुरु माँ ने प्रेम, सेवा, सदाचार तथा मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उनके आशीर्वाद से भक्तों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार हुआ। यह पावन अवसर सभी श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण और स्मरणीय है। उनके दर्शन और आशीर्वचन जीवन को सही दिशा देने तथा आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा प्रदान करते हैं।




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