27/05/2026
कष्ट निवारण समिति की बैठक में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने सुनीं जन-समस्याएं
मौके पर दिया समस्याओं के समाधान का आदेश
कुल 12 में से सात शिकायतों का किया गया निपटारा, पांच को आगामी बैठक के लिए रखा गया लंबित
कैथल, 27 मई (रिपोर्टर सुशील शर्मा) हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मंत्री श्याम सिंह राणा ने बुधवार को आरकेएसडी कॉलेज सभागार में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में आमजन की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही उनके समाधान के आदेश दिए। उन्होंने कुल 12 शिकायतों में से सात शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया। वहीं पांच शिकायतों को आगामी बैठक के लिए लंबित रख लिया। बैठक के बाद कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। शिकायतों के निपटान में लापरवाही न बरतें। अधिकारियों की जिम्मेदारी जनता के कार्याें को समय पर पूरा करना है। जो अधिकारी कार्य करने में रूचि नहीं दिखाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पुरानी शिकायतों में पहली शिकायत में नीतू मौण द्वारा अपने भाई की हत्या के मामले में मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मामले में न्यायालय के आदेशानुसार नार्को टेस्ट करवाया जाएगा। इसके बाद जो भी आगामी कार्रवाई बनेगी, वह की जाएगी। पुलिस इस मामले में अपनी जांच गहनता से जारी रखे।
अगली शिकायत में कैथल निवासी संध्या द्वारा परिवार पहचान पत्र में किसी अन्य का नाम जुड़ने संबंधी शिकायत थी। जिसमें शिकायतकर्ता परिवार पहचान पत्र ठीक होने पर संतुष्ट नजर आई। इस शिकायत का निपटान कर दिया गया।
तीसरी शिकायत गांव तितरम निवासी संदीप व मनदीप मलिक की थी। जिसमें जमीन लेन-देन को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें शिकायतकर्ता को बिना जानकारी दिए करनाल स्थानांतरित किए जाने संबंधी शिकायत थी। इस पर कार्रवाई करते हुए मंत्री ने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के आदेशानुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चौथी शिकायत में गांव मालखेड़ी निवासी राहुल की शिकायत थी कि आढ़ती द्वारा उसके पैसे नहीं दिए जा रहे। मामले में जांच अधिकारी ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों का समझौता हो गया है। मुख्य आरोपी का विदेश में लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। मंत्री ने इस मामले निपटान कर दिया।
पांचवीं शिकायत गांव पाई के थेह बड़ेला निवासी दिलबाग सिंह व अन्य ने शिकायत दी थी कि इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत उन्हें आबंटित किए गए प्लाटों में अवैध बिजली कनेकशन व अवैध कब्जा किया गया है। इस मामले में मंत्री ने बिजली निगम सहित पिछली बैठक में एडीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी से विस्तृत जानकारी हासिल की। उन्होंने आदेश दिए कि जो भी अवैध कनेक्शन हैं, उन्हें हटाया जाए। साथ ही कब्जा हटवाने के लिए नियमानुसार पुलिस की मदद से प्रक्रिया पूरी की जाए।
पुरानी शिकायतों में अंतिम शिकायत में गांव किठाना निवासी कृष्ण कौशिक के संबंधी गांव सांघन निवासी किसान मनजीत सिंह का ट्यूबवेल कनेक्शन दूसरे खेत में शिफ्ट किए जाने की बात कही थी। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शिकायत को गंभीरता से ध्यान से सुना और कहा कि यदि शिकायतकर्ता नियम पूरे करता है तो उसका कनेकशन शिफ्ट कर दिया जाए। उन्होंने इस शिकायत को लंबित रखने के निर्देश दिए।
नई शिकायतों में पहली शिकायत गांव बरोट निवासी बलजीत सिंह की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके गांव में बारिश में दूसरे गांवों से पानी उनके गांव में आकर एकत्रित हो जाता है। उसने पानी की निकासी व रास्ते को दुरुस्त करने की मांग की थी। जिसमें सुनवाई करते हुए मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने निजी कोेटे से रास्ता पक्का करने का आश्वासन दिया। उन्होंने इस शिकायत का निपटान कर दिया।
अगली शिकायत में सेक्टर 19 निवासी धर्मबीर सिंह ने पड़ोसी द्वारा नियमों का उल्लंघन कर घर बनाने की शिकायत की थी। जिसमें सुनवाई करते हुए मंत्री ने अगली बैठक में एचएसवीपी के ईओ को स्वयं हाजिर होकर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायत को लंबित रखने के निर्देश जारी किए।
नई शिकायतों में तीसरी शिकायत डेरा प्रीतम निवासी जोगिंद्र सिंह का कहना था कि अर्जुन नगर बाईपास की ओर से गंदे पानी के नाले की सफाई नहीं होती। उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि आगामी दस दिनों में इस पूरे नाले की सफाई करवा दी जाएगी। साथ ही सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि इस नाले को कवर करने की योजना तैयार की जाए। इस शिकायत को आगामी बैठक के लिए लंबित रखा गया है।
इसी प्रकार से अगली शिकायत में फतेहपुर पूंडरी निवासी जवाहर लाल ने शिकायत दी थी कि फतेहपुर लिंक ड्रेन की सफाई न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सिंचाई विभाग ने जानकारी दी कि इस ड्रेन की सफाई का टेंडर हो चुका है। दस दिनों में काम पूरा करवा दिया जाएगा। इस जानकारी के बाद मंत्री ने इस शिकायत का निपटारा कर दिया।
गांव प्यौदा निवासी गुड्डी देवी ने शिकायत दी थी कि पीएम किसान योजना की किश्त न मिलने से परेशानियों का सामना करना पड रहा है। कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि आधार कार्ड व केवाईसी लंबित होने के कारण यह किश्त रुकी थी। अब आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर दी गई है। जैसे ही आगामी किश्त आएगी, शिकायतकर्ता को उसकी किश्त की राशि मिल जाएगी। मंत्री ने इस शिकायत का निपटान कर दिया।
नई शिकायतों में अंतिम शिकायत डोगरा गेट कैथल निवासी राकेश कुमार ने ओएसडीएवी स्कूल में आरटीई के तहत दाखिला दिए जाने से मना करने संबंधी दी थी। जिस पर सुनवाई करते हुए मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब किया। जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से बताया गया कि नियमानुसार घर से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित स्कूल में ही दाखिला दिए जाने का नियम है। इससे अधिक की दूरी पर दाखिला दिया जाना स्कूल की स्वेच्छा पर निर्भर है। मंत्री स्कूल प्रबंधन को अपनी इच्छानुसार निर्णय लेने के निर्देश देकर शिकायत का निपटान कर दिया।
इस मौके पर विधायक सतपाल जांबा, जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी, बीजेपी वरिष्ठ नेता अशोक गुर्जर, जिला परिषद के चेयरमैन कर्मबीर कौल, नगर परिषद चेयरमैन सुरभि गर्ग, पूर्व जिलाध्यक्ष मुनीष कठवाड़, मार्किट कमेटी चीका के चेयरमैन जगमाल राणा, रविंद्र धीमान, प्रवीण प्रजापति, अरूण वर्मा, आयुष गर्ग, निधि मोहन, शैली मुंजाल, गोपाल सैनी, रघुबीर फौजी, सुरेंद्र, धीरेंद्र कुमार क्योड़क, यशपाल, एडवोकेट शक्ति सौदा, कृष्ण बंसल, कृष्ण कुमार चौशाला, वीना सेठी, सुरजीत सैनी, धमेंद्र सिंह, जिला प्रशासन की तरफ से डीसी अपराजिता, सहायक आयुक्त (अंडर टे्रेनिंग)शिवानी पांचाल, एसपी मनप्रीत सिंह, डीएमसी कपिल शर्मा, आरटीए गिरिश कुमार, एसडीएम कैथल संजय कुमार, जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, एसडीएम कलायत अजय हुड्डा, सीटीएम कैप्टन प्रमेश सिंह,के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
इसके बाद मंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसानों को धान की सीधी बिजाई तकनीक को अपनाना चाहिए, क्योंकि यह किसानों के लिए काफी लाभकारी है। सीधी बिजाई से डीजल और पानी की खपत कम होगी। खाद का उपयोग भी घटेगा। सरकार किसानों को सीधी बिजाई अपनाने के लिए 4500 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खाते में दी जाती है। डीजल और पैट्रोल की कीमतों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने आमजन से सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान भी किया।