27/08/2026
रजिस्ट्री होने के बाद अपने आप दर्ज हो रहा इंतकाल : डीसी अपराजिता
- पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 तथा ऑटो म्यूटेशन से राजस्व सेवाओं में आई पारदर्शिता और समयबद्धता
- नागरिकों को इंतकाल दर्ज करवाने के लिए अलग से आवेदन करने की नहीं आवश्यकता
कैथल, 27 अगस्त। डीसी अपराजिता ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 तथा ऑटो म्यूटेशन सिस्टम लागू किया है। इसका उद्देश्य इंतकाल की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण के बाद म्यूटेशन की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय की गई है। ऑटो म्यूटेशन सिस्टम लागू होने से संपत्ति की रजिस्ट्री होते ही संबंधित इंतकाल स्वत दर्ज हो जाता है, नागरिकों को अलग से इंतकाल दर्ज करवाने के लिए आवेदन नहीं करना पड़ता। जिन मामलों में किसी अतिरिक्त जांच की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा, जबकि जटिल मामलों का निपटान अधिकतम 10 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डीसी ने बताया कि सरकार द्वारा म्यूटेशन से संबंधित शिकायतों के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। यदि किसी नागरिक की म्यूटेशन निर्धारित समय-सीमा में प्रोसेस नहीं होती है तो वह ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकता है। संबंधित विभाग या अधिकारी द्वारा ऐसे मामले में 10 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि नियमों के अनुसार म्यूटेशन की जा सकती है तो नागरिक को उसकी म्यूटेशन की प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, यदि किसी कारणवश म्यूटेशन नहीं हो सकती तो संबंधित सीआरओ द्वारा स्पीकिंग ऑर्डर पारित किया जाएगा। इसमें स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि म्यूटेशन क्यों नहीं की जा सकती। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि राजस्व सेवाओं में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम किया जाए, पारदर्शिता बढ़ाई जाए तथा सेवाएं निर्धारित समय में उपलब्ध कराई जाएं।