08/09/2026
पाकिस्तान की जासूसी एजेंसियों से रहें सावधान,
एसपी कैथल की भारतीय युवाओं के लिए विशेष एडवाइजरी
कैथल, 08 सितंबर (राजीव परुथी ) पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स भारतीय युवाओं को ठगने, अपने जाल में फंसाने और संवेदनशील जानकारियां चुराने के लिए नित नए डिजिटल पैंतरे अपना रही हैं। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने भारतीय युवाओं को संदिग्ध तत्वों द्वारा अपनाए जा रहे डिजिटल हथकंडों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कहा कि सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, ऑनलाइन नौकरी, लॉटरी, फर्जी इनाम तथा भावनात्मक एवं धार्मिक बहकावे के माध्यम से युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे निजी अथवा संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा की इन तरीकों से युवाओं को निशाना बना सकते हैं संदिग्ध एजेंट
धार्मिक और मजहबी भावनाओं का दुरुपयोग: पाकिस्तान के एजेंट अक्सर धर्म और मजहब का सहारा लेकर युवाओं का माइंडवॉश (ब्रेनवॉश) करते हैं। उन्हें धार्मिक रूप से भड़काकर, झूठी कट्टरपंथी बातों में उलझाकर और उकसाकर अपने ही देश के खिलाफ जासूसी करने के लिए तैयार किया जाता है।
+92 कोड से फर्जी कॉल्स और मैसेज: +92 (पाकिस्तान का कंट्री कोड) या अन्य अंतरराष्ट्रीय नंबरों से युवाओं को कॉल्स और व्हाट्सप्प मैसेज आ रहे हैं। इनमें केबीसी, लॉटरी, कार जीतने या भारी कैश प्राइज का लालच दिया जाता है। इनाम की रकम क्लेम करने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस मांगी जाती है या फर्जी लिंक पर क्लिक करवाकर मोबाइल हैक कर लिया जाता है।
सोशल मीडिया पर हनीट्रैप : संदिग्ध एजेंट फेक प्रोफाइल (खासकर महिलाओं के नाम से) बनाकर फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम पर दोस्ती करते हैं। धीरे-धीरे भावनात्मक या अश्लील बातचीत के जरिए युवाओं को ब्लैकमेल करने लायक सामग्री जुटा लेते हैं।
पार्ट-टाइम जॉब और ऑनलाइन अर्निंग का लालच: युवाओं को वर्क-फ्रॉम-होम, डेटा एंट्री, या टेलीग्राम टास्क के नाम पर पैसों का लालच दिया जाता है। बाद में उनसे छोटी-मोटी जासूसी, फोटो या लोकेशन शेयर करने को कहा जाता है।
फर्जी लोन और बेटिंग ऐप्स: अवैध ऐप्स के जरिए युवाओं को कर्ज या सट्टेबाजी के जाल में फंसाया जाता है और बाद में ब्लैकमेल किया जाता है।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के चक्कर में फंसने से युवाओं को क्या नुकसान हो रहे हैं :-
एसपी ने कहा की देशविरोधी या जासूसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के तहत सख्त कार्रवाई होती है। जेल जाने के साथ ही सरकारी नौकरी, पासपोर्ट और विदेश जाने के सारे रास्ते हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। लॉटरी के लालच में युवा अपनी या परिवार की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं। एक बार जाल में फंसने पर एजेंट निजी फोटो/वीडियो के दम पर लगातार ब्लैकमेल करते हैं। ठगी और ब्लैकमेलिंग का शिकार होने के बाद युवा डिप्रेशन में चले जाते हैं। मामला सामने आने पर परिवार को भी भारी सामाजिक अपमान झेलना पड़ता है। जाने-अनजाने में शेयर की गई छोटी से छोटी जानकारी भी देश और सेना की सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकती है।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने युवाओं से अपील करते हुआ कहा की किसी भी व्यक्ति, संगठन या सोशल मीडिया ग्रुप के धार्मिक और उन्मादी भड़कावे में न आएं। देश की अखंडता और सुरक्षा सबसे पहले है। +92 कोड से आने वाली किसी भी अनजानी कॉल, लॉटरी वाले मैसेज या व्हाट्सप्प लिंक को तुरंत इग्नोर, ब्लॉक और रिपोर्ट करें। बिना किसी प्रतियोगिता में भाग लिए कोई लॉटरी नहीं लगती। किसी को भी लॉटरी के नाम पर पैसे न ट्रांसफर करें। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और संवेदनशील फोटो/वीडियो शेयर करने से बचें।