25/02/2026
महिला थाना जींद ने अनोखी पहल कर कॉलेज की छात्रा को बनाया एक दिन का SHO
सीवन 24×7 (जींद )
महिला थाना जींद ने अनोखी पहल करते हुए कॉलेज की छात्रा को एक दिन का SHO बनाया है।
एसपी कुलदीप सिंह के आदेशों पर महिला थाना जींद में एक कॉलेज छात्रा को एक दिन के लिए SHO की जिम्मेदारी सौंपी। महिला थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर मोनिका के नेतृत्व में इंदिरा गांधी महिला महाविद्यालय जींद की छात्रा ओजशी को स्टूडेंट SHO बनाया गया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर छात्राओं और महिलाओं में पुलिस की कार्यप्रणाली, सुरक्षा तंत्र और न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास एवं जागरूकता बढ़ाना था। इस विशेष कार्यक्रम के तहत छात्रा ने महिला थाना की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा। छात्रा को बताया गया कि थाने में किस प्रकार के प्रकरण दर्ज होते हैं और महिलाओं से संबंधित अपराध में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, साइबर उत्पीड़न तथा बच्चों से जुड़े अपराध में शामिल बाल शोषण, गुमशुदगी, बाल विवाह और ऑनलाइन ठगी/ब्लैकमेलिंग के मामलों में पुलिस किस प्रकार त्वरित कार्रवाई करती है।
स्टूडेंट SHO ने संवाद के माध्यम से यह संदेश दिया कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की संरक्षक और सहयोगी भी है। उन्होंने छात्राओं, अभिभावकों और आमजन से अपील की कि किसी भी समस्या या शंका की स्थिति में निडर होकर पुलिस से संपर्क करें। थाना प्रभारी मोनिका ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं में यह विश्वास पैदा करना है कि थाना डर का स्थान नहीं, बल्कि न्याय और सुरक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। छात्रा ने थाना परिसर में आए शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समाधान हेतु अग्रेषित किया। उपस्थित लोगों को महिला सुरक्षा हेल्पलाइन, आपातकालीन सेवाओं और साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं को यह भी जागरूक किया गया कि किसी भी अपराध की तुरंत सूचना देने पर समय रहते कार्रवाई संभव है।
यातायात नियमों को लेकर भी जागरूकता:
कार्यक्रम के दौरान सफीदों रोड स्थित पुलिस नाके पर बिना हेलमेट वाहन चालकों को फूल देकर यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया। आमजन को नागरिक कर्तव्यों के पालन का संदेश दिया गया। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से नागरिकों को पुलिस कार्यप्रणाली समझने, शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया जानने और पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद मिलती है। भविष्य में भी इस प्रकार की नवाचार पहल के माध्यम से कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने और अपराध नियंत्रण में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।