29/09/2026
लाइमलाइट में आ जाना मुश्किल है, लेकिन उससे भी कहीं ज्यादा मुश्किल है, उस रोशनी में लंबे समय तक बने रहना।
मोनालिसा आईं, खूब वायरल हुईं फिर धीरे-धीरे सोशल मीडिया की भीड़ से कहां गायब हो गईं पता ही नहीं।
रानू मंडल भी एक समय हर तरफ थीं, आज उनकी खबरें बहुत कम सुनाई देती हैं शायद वह वही गुमनामी की जिंदगी में फिर से गुम हो गई। मुझे इन दोनों के गायब हो जाने का दुख नहीं है।
दुख इस बात का है कि हम किसी को रातों-रात आसमान पर चढ़ा देते हैं और फिर उतनी ही तेजी से भूल भी जाते हैं।
अब सुनील लोधी आया है एक मासूम-सा बच्चा, जिसकी आवाज और सहजता ने लोगों का ध्यान खींचा है। बस मन से यही इच्छा है कि यह बच्चा उस क्षणिक प्रसिद्धि में खो न जाए। ईश्वर करे सुनील को सिर्फ वायरल होने की उम्र न मिले, अपनी पहचान बनाने और उसे वर्षों तक बनाए रखने का अवसर मिले।
क्योंकि वायरल होना किस्मत हो सकती है, लेकिन उस मुकाम पर टिके रहना मेहनत, सही मार्गदर्शन और समय का साथ मांगता है।
सुनील, तुम्हारी मासूमियत बनी रहे और यह रोशनी तुम्हारे जीवन में कुछ पल की नहीं, लंबी पारी की शुरुआत बने।
प्रार्थना है सुनील की यह चमक ट्रेंड बनकर न गुजरे, उसकी पहचान बनकर हमेशा चमकती रहे। मोनालिसा और रानू मंडल की तरह सुनील कभी घूम हो।
ईश्वर सबका भला करें।
डॉ निर्मला शर्मा