02/06/2026
Shimla /Sach Time Himachal
➡️रवि कुमार दलित, गदर फ्रंट के संयोजक रवि कुमार दलित की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधि मंडल माननीय राज्यपाल जी से लोक भवन में मिला रवि कुमार दलित ने बताया....
➡️ 15 मई 2026 से जब यह आंदोलन शुरू हुआ, तब से आज तक हम नगर निगम शिमला के सैहब सोसाइटी के सफाई कर्मचारियों एवं उनके सुपरवाइजर्स के साथ पूरी निष्ठा, समर्पण और मजबूती से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है
➡️मे उनके आंदोलन में पूर्ण रूप से शामिल रहा हूँ — उनके प्रदर्शनों, धरनों, जुलूसों और हर संघर्षात्मक कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग दिया है। हालांकि हम प्रशासन के साथ हुई औपचारिक वार्ताओं में शामिल नहीं हुये लेकिन उनके आंदोलन को मजबूत बनाने और उनके हक की लड़ाई में लगातार उनके साथ खड़ा रहा हूँ।
निम्नलिखित घटनाक्रम इस प्रकार है...
➡️नगर निगम प्रशासन द्वारा सफाई कर्मचारियों की 10% वार्षिक वेतन वृद्धि को मनमाने ढंग से रोक दिए जाने के विरोध में 15 मई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हुई।
➡️प्रशासन ने ESMA लागू करके 41 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया, जो अत्यंत दमनकारी कदम था।
➡️21 मई 2026 को महापौर के साथ बैठक में 10% वेतन वृद्धि बहाली और 4-9-14 वेतनमान लागू करने पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त हुई और कुछ कर्मचारियों को बहाल किया गया।
इसके बावजूद नगर निगम सदन में सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बदसलूकी और अपमानजनक व्यवहार किया गया।
➡️कुछ सुपरवाइजर्स को बहाल तो कर लिया गया, लेकिन उनसे एफिडेविट लिखवाकर जबरन शर्तें थोपी जा रही हैं कि वे भविष्य में कभी हड़ताल नहीं करेंगे, कभी वेतन बढ़ोतरी की मांग नहीं करेंगे तथा अन्य कई दमनकारी शर्तें। यह गरीब मजदूरों को गुलाम बनाने वाली मानसिकता है, जो उनके मौलिक श्रमिक अधिकारों का हनन है।
➡️4 जून 2026 को नगर निगम हाउस में AGM (Annual General Meeting) बुलाई गई है, जिसमें इन सभी मांगों पर चर्चा होनी है।
इस मुद्दे पर नगर निगम सदन में जोरदार प्रदर्शन भी किया गया, जिसके बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
➡️मुख्य मांगें (जिनके लिए गदर फ्रंट पूर्ण समर्थन करता है):
10% वार्षिक वेतन वृद्धि की स्थायी बहाली एवं नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
सभी सफाई कर्मचारियों एवं ➡️सुपरवाइजर्स पर 4-9-14 वेतनमान तुरंत लागू किया जाए।
बर्खास्त सभी 41 कर्मचारियों को पूर्ण बहाली के साथ बैकवेज सहित सभी देय राशि का भुगतान किया जाए।
लंबे समय से कार्यरत सफाई कर्मचारियों का स्थायीकरण (Regularization) किया जाए।
उचित काम के घंटे, ओवरटाइम भुगतान, मेडिकल सुविधा, सुरक्षा उपकरण, जीवन बीमा और पेंशन की गारंटी दी जाए।
➡️सुपरवाइजर्स के पद को औपचारिक मान्यता, उचित वेतन संरचना एवं पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।
एफिडेविट के नाम पर जबरन थोपी जा रही सभी दमनकारी शर्तों को तुरंत रद्द किया जाए और किसी भी कर्मचारी पर ऐसे किसी भी प्रकार का दबाव न डाला जाए।
सफाई कर्मचारी शिमला शहर की आत्मा और रीढ़ हैं। वे बिना थके दिन-रात शहर की स्वच्छता बनाए रखते हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें बार-बार उनके हक, सम्मान और सुरक्षा से वंचित किया जा रहा है गदर फ्रंट इन गरीब मजदूर भाइयों-बहनों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष के साथ पूरी ईमानदारी से खड़ा है।
➡️4 जून 2026 को होने वाली AGM और सदन में हुए जोरदार प्रदर्शन के बावजूद यदि कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज होने की आशंका है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था फिर से प्रभावित हो सकती है।
➡️मेरी आपसे प्रार्थना है की हिमाचल प्रदेश के हर विभाग में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा हेतु सरकार को आप निर्देश जारी करें ताकि वह खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
अतः मैं आपसे विनम्र अपील करता हूँ कि आप इस मामले में त्वरित, प्रभावी और निष्पक्ष हस्तक्षेप करें। नगर निगम प्रशासन को निर्देश दें कि:
कर्मचारियों से किए गए सभी लिखित वादों को तुरंत पूरा किया जाए।
➡️जबरन एफिडेविट लिखवाने की प्रथा बंद की जाए।
कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक और सार्थक वार्ता की जाए।
उनके मौलिक श्रमिक अधिकारों की पूर्ण रक्षा की जाए।
आपके हस्तक्षेप से इन गरीब मजदूरों को न्याय मिलेगा और शिमला शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी सुचारू रूप से चल सकेगी..
➡️इस मौके पर नगर निगम पार्षद बिट्टू कुमार सब समिति के उपाध्यक्ष अमित भाटिया जी मुख्य सलाहकार पलाराम जी मदद सेवा ट्रस्ट के संयोजक विकास जी सुरेंद्र गिल सुरेंद्र गिल जी अनमोल जी शामिल रहे।
Sach Time Himachal
Kamal saroch की रिपोर्ट