23/03/2026
लॉरेट फार्मेसी संस्थान में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के तत्वावधान में 25 मार्च 2026 को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी में ‘फार्मा अन्वेषण 2026’ का भव्य राष्ट्रीय समागम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जो भारत में फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रो. महादेव लाल श्रॉफ की जयंती को समर्पित है। कार्यक्रम के संयोजक लॉरेट फार्मेसी संस्थान के निदेशक-सह-प्राचार्य प्रो. डॉ. महेंद्र सिंह आशावत एवं सहसंयोजक उप-प्राचार्य एवं फार्मास्यूटिक्स विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. विनय पंडित ने बताया की इस राष्ट्रीय समागम में हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख क्षेत्रों के फार्मेसी विशेषज्ञ, शिक्षाविद, उद्योगपति और नियामक संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीसीआई अध्यक्ष डॉ. मोंटू एम् पटेल होंगे, जबकि सम्मानित अतिथियों में पीसीआई उपाध्यक्ष श्री जे.एच. चौधरी, लॉरेट संस्थान के प्रबंध निर्देशक डॉ रण सिंह एवं लॉरेट एजुकेशन सोसाइटी सचिव डॉ मीरा सिंह , पीसीआई कार्यकारी सदस्य एवं पीएसपीसी अध्यक्ष एवं जोनल कोऑर्डिनेटर श्री सुशील कुमार बंसल, एचपीएसपीसी अध्यक्ष श्री गोपाल कृष्ण शर्मा सहित अन्य गणमान्य शामिल होंगे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शोभित विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रंजीत सिंह, आईकेजीपीटीयू की डीन डॉ. परवीन बंसल तथा आई एस ऍफ़ फार्मेसी संस्थान के निर्देशक डॉ. जी डी गुप्ता रहेंगे। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “भविष्य का फार्मा इकोसिस्टम: अकादमिया, उद्योग, अनुसंधान, नियामक एवं प्रैक्टिस के बीच सहयोग को बढ़ावा देना” रखा गया है। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा, व्यावसायिक अभ्यास, अनुसंधान और नीतिगत ढांचे पर समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, औषधि नवाचार, दवा वितरण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण एवं स्वास्थ्य प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा। समागम के अंतर्गत प्रो. एम.एल. श्रॉफ को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके अलावा विशेषज्ञ व्याख्यान, पैनल चर्चा, स्टार्टअप एक्सपो, पोस्टर प्रस्तुतियां तथा बौद्धिक संपदा (आईपी) प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें केवल प्रकाशित एवं अनुदान प्राप्त पेटेंट ही प्रदर्शित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद तथा पीसीआई प्रतिनिधियों और संस्था प्रमुखों की बैठक भी आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के आयोजक सचिव प्रो. डॉ सीपीएस वर्मा और प्रो. डॉ अमरदीप में बताया कि आयोजन की सफलता के लिए राज्य समन्वयक, स्थानीय आयोजन समिति तथा विभिन्न उप-समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।