07/11/2025
आज रात्रि का भोजन कासगंज में मेरे परम मित्र विवेक तोमर जी( निवाशी हापुड़ ) जी के साथ हुआ विवेक जी बहुत ही सरल स्वभाव के इंसान है मेरी विवेक जी से पहली मुलाकात लगभग 12 वर्ष पहले बरेली में हुई थी तभी से यह दोस्ती जिंदा है और आज हम 3 वर्ष बाद मिल रहे है ! विवेक जी के सिर के बाल लगभग गायब हो चुके है और मेरे गिरने शुरू हो गए है लेकिन स्वभाव में आज भी कोई परिवर्तन नहीं आया पहले कि तरह कंजूसी कूट कूट कर भरी है लेकिन मैने आज इनकी कंजूसी नहीं चलने दी आज का खाने का पैसा इन्हीं से दिलवाया 🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣और गजक का इंतजाम भी इन्हीं से करवाए Ge
धन्यवाद मित्र