24/06/2026
मायानगरी मुंबई की चकाचौंध के पीछे के कड़े संघर्ष को उन्होंने बेहद करीब से देखा। अपने शुरुआती दिनों में, अपने सपनों को जिंदा रखने और परिवार को आर्थिक संबल देने के लिए उन्होंने छोटे-मोटे मॉडलिंग असाइनमेंट्स किए और कई बार कैमरे के पीछे या 'मन' जैसी फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में भी काम किया। रंगमंच से जुड़ी इस लड़की ने हर उस आम अवसर और काम को गले लगाया, जो उन्हें उनकी मंजिल के करीब ले जा सकता था।
उनके जीवन में पहली बड़ी सफलता 2010 के दशक में आई, जब उन्हें एकता कपूर के साथ काम करने का अवसर मिला। शो 'बड़े अच्छे लगते हैं' में 'नताशा' के उनके किरदार ने उन्हें पहली बार एक मजबूत पहचान दिलाई। इससे पहले भी उन्होंने 'कस्तूरी' जैसे शोज और 'बर्फी!' जैसी फिल्मों में छोटी लेकिन प्रभावी भूमिकाएं निभाई थीं, जिन्हें समीक्षकों ने उनके स्वाभाविक अभिनय के लिए काफी सराहा था।
लेकिन उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट और मुख्यधारा (mainstream) की अपार सफलता तब आई जब उन्होंने कॉमेडी की दुनिया में कदम रखा। कपिल शर्मा के साथ उनकी जुगलबंदी ने भारतीय टेलीविजन पर इतिहास रच दिया। 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' में 'मंजू' और बाद में 'द कपिल शर्मा शो' में 'भूरी' जैसे उनके आइकॉनिक किरदारों ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। घर-घर में उनकी पहचान बन गई और वो हर वीकेंड दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली सबसे अहम कड़ी बन गईं।
टेलीविजन इंडस्ट्री में जहां कई बेहतरीन कलाकारों और उनके समकालीनों को कभी उनका सही हक या मुकाम नहीं मिल पाया, वहीं सुमोना ने अपनी कड़ी मेहनत और शानदार कॉमिक टाइमिंग के दम पर अपना एक अलग रुतबा कायम किया। उन्होंने साबित कर दिया कि इंडस्ट्री में सबसे बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए सिर्फ मुख्य नायिका होना जरूरी नहीं है। आज वे टेलीविजन कॉमेडी जगत की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों की सूची में गर्व से खड़ी हैं।
इतने बड़े स्टारडम और कामयाबी के बावजूद, सुमोना कभी अपनी जड़ों से दूर नहीं हुईं। आज भी उनका अपने पुराने दोस्तों के प्रति वही स्नेह है जो संघर्ष के दिनों में हुआ करता था। उनके जमीन से जुड़े रहने का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि वे आज भी अपने पहले प्यार यानी 'थिएटर' के लिए समय निकालती हैं और नाटकों में हिस्सा लेती हैं। इसके अलावा, उन्होंने हमेशा अपनी प्रसिद्धि का इस्तेमाल समाज में सकारात्मकता फैलाने और 'एंडोमेट्रियोसिस' जैसी स्वास्थ्य समस्याओं पर खुलकर बात करने के लिए किया है, जो उनकी असल इंसानियत को दर्शाता है।
चकाचौंध भरी इस दुनिया से परे, सुमोना चक्रवर्ती एक बेहतरीन और सशक्त कलाकार होने के साथ-साथ एक बेहद नेक इंसान भी हैं। पर्दे पर उनकी उपस्थिति मात्र से ही दर्शकों को जो एक नॉस्टैल्जिया और खुशी का अहसास होता है, वह उनकी सच्ची कमाई है। आज 24 जून को उनका जन्मदिन है, और इस विशेष अवसर पर हम उनके शानदार सफर, उनकी असीम कला और उनकी जीवंतता को याद करते हुए उन्हें सलाम करते हैं।