04/01/2026
पति पर फरजी मुकदमा करने वाली औरतों का भविष्य निम्नलिखित है !
1.शुरूआती दौर में पति को नाक रगडवाने की इच्छा के तहत फरजी मुकदमा ठोकवाने वाले वकील साब चार पांच सालों बाद कहते हैं.. नही झुका तो अब क्या करें ??
2.दहेज की मांग बताने वाली औरत दहेज शब्द का अदालत में इस्तेमाल ही नही कर पाती.. अब विडंबना देखिए दहेज शब्द को लेकर हुआ मुकदमा कालांतर में उपहार बन जाता है..
अले #छुटेली उपहार तो खुशी से दे सकते हैं न.. जबरदस्ती तो मांग नही सकते ??
3.समाज की सहानुभूति परित्यक्त औरतो पर शुरूआती दौर में बहुत होता है पर चार पांच सालों बाद यही समाज पूछता है.. क्या हुआ मैडम? जेल में सड़ानेवाली थी आप पति को ??
सड़े कि सड़े नहीं सड़े पतिदेव !!
आपके पतिदेव को सुंदर कंचनकाया कोमलांगी लडकियों के साथ हसते मुस्कुराते देखकर आपकी रंजिश पर तरस आता है !!
अब देखिए न आपने जो सोंचा वो तो हुआ ही नहीं....
4.समाज यह भी पूछता हैं. आप तो झांसी की रानी थीं ??
अकेले एक शिकायत दर्ज कराकर पतिदेव के पूरे परिवार को अदालत की तारीखों में बहुत दौड़ाया..
अब तो वो अभ्यस्त हो गये..
तारीख के दो दिन पहले फेसियल मसाज ब्यूटी पार्लर जाकर साफ सुधरे ढंग से अदालत आते हैं नयी तारीख लेकर चले जाते हैं..
अदालत का तो अब डर भी नहीं..
5.परित्यक्त का जो टैग लगा है आपपर उसे मिटाना संभव है क्या ??
आप समाज के किसी भी पार्टी, समारोह में जब जाती हैं मैडाम "तो आपकी अंतरात्मा आपको तो धिक्कारती है न ?
खैर चलिए आपने अपने मन को दिलासा दे दिया होगा कि "मेरा पति तो मर चुका है मेरे लिए और मैं जिंदा विधवा हूं.. है न ::::
6.अब परित्यक्त औरतें सोंचती हैं कि जल्दी से कोई दूसरा राजकुमार मिल जाए तो बस तुरंत मातृत्व सुख मिल जाए..
पर आह. अब भगवान झूठ न बुलाए.. औरतों के शरीर में हार्मोन के हिसाब से बच्चा जनने की एक औसत आयु 30_35 तक ज्यादा से ज्यादा होती है वह भी तब.. जब पतिदेव से संबंध मधुर हों..
अब पतिदेव पर तो आपने असीम कृपा कर दी. फिर आपका स्त्री योनि में जन्म लेना निरर्थक नही हुआ ??
अब अदालत तो जबरदस्ती पति को पत्नी के स्त्रीत्व का सबसे बडा संस्कार मातृत्व सुख दिलाने के लिए बाध्य तो नही कर सकता ::
अब बताईये मैडम. यहां भी आप 100 में महज 9 से 10 नं लाकर फेल हो गयीं !!
7.अदालत में पति से गुजारा भत्ता पति की आधी कमाई मांगा आपने.. है न.. अब अदालत आपको गुजर बसर के लायक ही पैसा दिलाया.. 3 से 4 हजार..बस....
इतने में तो आपका गुजर बसर ही हो सकता है मैडाम..
वो पति के साथ रहकर चमाचमाती साड़ी पहनकर इन्नोवा में बैठकर रै बैंन का गौगल लगाकर घूमने वाला आनंद तो न मिल पाएगा आपको !!