Love v/s Pyar

Love v/s Pyar If u love someone then don't cheat him....................... otherwise you got only pain in your whole life....so love your partner as possible

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तुम इश्क करो और दर्द ना हो मतलब ,दिसंबर हो और सर्द ना हो ऐसा हो नहीं सकता....❤️
01/01/2026

तुम इश्क करो और दर्द ना हो मतलब ,
दिसंबर हो और सर्द ना हो ऐसा हो नहीं सकता....❤️

चुपड़  चने  की  रोटी  पर जो  थोड़ा  सा  घी  लेते  हैं,कभी-कभी  महुआ  महरानी  दो ढक्कन  पी लेते  हैं।फ़िक्र  नहीं करते  ब...
29/12/2025

चुपड़ चने की रोटी पर जो थोड़ा सा घी लेते हैं,
कभी-कभी महुआ महरानी दो ढक्कन पी लेते हैं।
फ़िक्र नहीं करते बेमतलब जो दुनिया के तानों की,
वे औसत जीवन से थोड़ा ज़्यादा ही जी लेते हैं।।
(1)

हाथ लगाते ही जो उबले ऐसे दैहिक पानी की,
हमें ज़रूरत है जाड़े में प्रेरक एक कहानी की।
एक घूँट जब अंदर भेजा तो आई आवाज यही,
आग उगलते यौवन की जय, जय महुआ महरानी की।।
(2)

हो जाती है ग़लती हमसे कभी - कभी नादानी से,
आग माँगने लगते हैं हम जमी झील के पानी से।
रातों की दुर्बलता करने दूर अगर आ जाए तो,
पार नहीं पा सकता मानव फिर महुआ महरानी से।।
(3)

चलती है महुआ महरानी संघर्षों की राहों पर,
दोष मढ़े जाते हैं लेकिन इसकी झुकी निगाहों पर।
बुरे काम का श्रेय समूचा इसको दुनिया देती पर,
डाल रही है बढ़कर पर्दा सबके यही गुनाहों पर।।
(4)

जहाँ मिले महुआ महरानी लेकर अपने अधर तने,
छाप अधर दो अपने दोनों उनके ऊपर शहद सने।
साहस का संचार सफल हो नकारात्मक सोच हटे,
रहे बुलंदी ज़िंदा तन में बिगड़ा तब हर काम बने।।
(5)

आती है महुआ महरानी जिनके घर में शाम ढले,
पाए जाते लोग अधिकतर वहाँ सुसंस्कृत और भले।
सकारात्मक, ऊर्जा दायक भाव रहे हर प्राणी में,
वहाँ रात के तीन पहर तक उत्पादक संग्राम चले।।
(6)

जिन्हें सफलता की परिभाषा याद जबानी होती है,
उनके मन में नहीं रंच भी बेईमानी होती है।
वे महुआ महरानी के तो झुककर छूते चरण मगर,
कहीं और झुकने में उनको अति हैरानी होती है।।
(7)

🌹 ROBINHOOD 🌹

कृष्ण मिलते तो  उनसे मै ये पूछता कि वो क्यों राधा से मिलने को आए नही,और आदमी कैसे वादा निभाएगा जब देवताओं ने वादे निभाया...
02/10/2025

कृष्ण मिलते तो उनसे मै ये पूछता कि वो क्यों राधा से मिलने को आए नही,
और आदमी कैसे वादा निभाएगा जब देवताओं ने वादे निभाया नही....❤️

एक जैसी ही दिखती थी...माचिस की वो तीलियाँ,कुछ ने दिये जलाये......और कुछ ने घर,कुछ ने महकाई....अगरबत्तियां मंदिरों में,तो...
10/06/2025

एक जैसी ही दिखती थी...माचिस की वो तीलियाँ,
कुछ ने दिये जलाये......और कुछ ने घर,
कुछ ने महकाई....अगरबत्तियां मंदिरों में,
तो कुछ ने सुलगाये.....सिगरेट के कश,
कहीं गरमाया चूल्हा...और बनी रोटियाँ,
तो कहीं फटे बम....और बिखरी बोटियाँ,
जली कहीं शादी में.....बन हवनकुंड की अगन,
तो कहीं फूँकी गयी....दहेज़ की कमी से कोई सुहागन,
एक सी दिखती थी.....माचिस की वो तीलियाँ पर,
सभी ने अपना....एक अलग ही रंग दिखाया..

मुझे पिता कठोर लगते थे हमेशा⁣किसी पहाड़ की तरह⁣⁣फिर एक दिन मैं पहाड़ के करीब गया⁣और मैंने देखा⁣पहाड़ों ने संभाल कर रखा है⁣स...
19/06/2022

मुझे पिता कठोर लगते थे हमेशा⁣
किसी पहाड़ की तरह⁣

फिर एक दिन मैं पहाड़ के करीब गया⁣
और मैंने देखा⁣
पहाड़ों ने संभाल कर रखा है⁣
सभी के हिस्से का जंगल,पानी और हवा⁣

मैंने देखा जब भी जरूरत पड़ी⁣
पहाड़ों ने त्याग दी कठोरता⁣
और बिछ गए हमारी मंज़िल के रास्तों में⁣

जाने कितनी आवाज़ें थी पहाड़ पर⁣
सभी आवाज़ें पहाड़ की थी⁣
पर पहाड़ की अपनी नहीं थी कोई आवाज़⁣

मुझे पहाड़ दूर से ⁣
जितने ऊँचे,विशाल और कठोर दिखे⁣
पास से उतने ही नम्र,शांत⁣
और जीवन से भरे हुए⁣

एक पिता की तरह।⁣
_______________________⁣
-हेमन्त परिहार

08/06/2022

बेहिसाब दौलत कमाने का क्या सिला मिला,
मिट्टी तब तक ना उठी जब तक सबको हिस्सा ना मिला 😢👍

 #तुलसी_विवाह की पूरी विधि, मंत्र, आरती और कथा ऐसी मान्यता है तुलसी विवाह कराने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। जानिए ...
20/11/2021

#तुलसी_विवाह की पूरी विधि, मंत्र, आरती और कथा

ऐसी मान्यता है तुलसी विवाह कराने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। जानिए तुलसी विवाह की सरल और सटीक विधि।

#हिंदू_धर्म_में_तुलसी_विवाह कराना काफी पुण्यदायी काम माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि तुलसी विवाह कराने से कन्या दान के बराबर फल मिलता है और जीवन में सुख समृद्धि आती है। इस बार तुलसी विवाह का आयोजन 15 नवंबर को किया जा रहा है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को तुलसी का भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम से विवाह कराया जाता है। ऐसी मान्यता है तुलसी विवाह कराने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। जानिए तुलसी विवाह की सरल और सटीक विधि।

▪️तुलसी विवाह की #संपूर्ण_विधि:
-जो लोग तुलसी विवाह के आयोजन में शामिल होना चाहते हैं वे नहा धोकर साफ सुथरे कपड़े पहनकर तैयार होते हैं।
-जिन लोगों को तुलसी जी का कन्यादान करना है उन्हें व्रत रखना चाहिए।
-तुलसी विवाह हमेशा शुभ मुहूर्त में करना चाहिए।
-शुभ मुहूर्त में तुलसी के पौधे को आंगन में या फिर घर की छत पर एक चौकी पर स्थापित करें।
-अब एक दूसरी चौकी पर शामिग्राम जी को स्थापित करें।
-चौकी पर अष्टदल कमल बनाकर उस पर कलश की स्थापना करें। कलश में जल भरें।
-कलश पर पांच आम के पत्ते रखें और उस पर एक लाल कपड़े में नारियल लपेटकर रख दें।
-तुलसी के गमले पर गेरू लगाएं साथ ही जमीन पर रंगोली भी बनाएं।
-तुलसी जी की चौकी को शालिग्राम जी की चौकी के बाएं तरफ रखें।
-अब घी का दीपक जलाएं। तुलसी और शालिग्राम जी पर गंगाजल से छिड़काव करें।
-रोली का टीका तुलसी को लगाएं और चंदन का शालिग्राम जी को।
-तुलसी के गमले की मिट्टी पर अब एक मंडप बनाएं।
-तुलसी जी को लाल चुनरी पहनाएं। साथ ही गमले को साड़ी लपेटकर तुलसी को चूड़ी पहनाएं।
-शालिग्राम जी को पंचामृत से स्नान कराएं और उन्हें पीला वस्त्र अर्पित करें।
-तुलसी और शालिग्राम जी को हल्दी का लेप लगाएं और मंडप पर भी हल्दी लगाएं।
-धप, दीप, फल, फूल इत्यादि चीजों से पूजा शुरू करें।
-शालिग्राम जी को हाथ में लेकर तुलसी जी की सात बार परिक्रमा करें। इस बात का ध्यान रखें कि शालिग्राम जी को घर का कोई पुरुष ही अपनी गोद में उठाए।
-अंत में तुलसी जी की आरती करें और खीर पूड़ी का भोग लगाएं।
-विवाह के दौरान मंगल गीत भी गाते रहें।

▪️ #तुलसी_पूजन_मंत्र-
तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।

▪️तुलसी विवाह में प्रयोग होने वाली सामग्री-
तुलसी विवाह के लिए पारंपरिक तौर पर मंडप सजाना चाहिए। गन्ने का प्रयोग करके तुलसी विवाह के लिए मंडप सजाएं। तुलसी विवाह में लाल चुनरी का प्रयोग होना चाहिए। तुलसी विवाह में सुहाग की सारी सामग्री के साथ लाल चुनरी जरूर चढ़ाएं।

▪️विष्णु भगवान के मंत्र
1. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
2. श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे।
हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।

3. ॐ नारायणाय विद्महे।
वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

4. ॐ विष्णवे नम:

5. ॐ हूं विष्णवे नम:

▪️तुलसी माता की आरती
जय जय तुलसी माता
सब जग की सुख दाता, वर दाता
जय जय तुलसी माता ।।
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर
रुज से रक्षा करके भव त्राता
जय जय तुलसी माता।।
बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता
जय जय तुलसी माता ।।
हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित
पतित जनो की तारिणी विख्याता
जय जय तुलसी माता ।।
लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में
मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता
जय जय तुलसी माता ।।
हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी
प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता
जय जय तुलसी माता ।।

▪️तुलसी विवाह का महत्व
तुलसी विवाह का आयोजन करना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम के साथ तुलसी का विवाह कराने वाले व्यक्ति के जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उस पर भगवान हरि की विशेष कृपा होती है।

▪️तुलसी विवाह सामग्री लिस्ट-
पूजा में मूली, शकरकंद, सिंघाड़ा, आंवला, बेर, मूली, सीताफल, अमरुद और अन्य ऋतु फल चढाएं जाते हैं।

▪️तुलसी चालीसा पाठ
#दोहा

जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी।
नमो नमो हरी प्रेयसी श्री वृंदा गुन खानी।।
श्री हरी शीश बिरजिनी , देहु अमर वर अम्ब।
जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब ।।

▪️चौपाई

धन्य धन्य श्री तलसी माता ।
महिमा अगम सदा श्रुति गाता ।।

हरी के प्राणहु से तुम प्यारी ।
हरीहीं हेतु कीन्हो ताप भारी।।

जब प्रसन्न है दर्शन दीन्ह्यो ।
तब कर जोरी विनय उस कीन्ह्यो ।।

हे भगवंत कंत मम होहू ।
दीन जानी जनि छाडाहू छोहु ।।

सुनी लख्मी तुलसी की बानी ।
दीन्हो श्राप कध पर आनी ।।

उस अयोग्य वर मांगन हारी ।
होहू विटप तुम जड़ तनु धारी ।।

सुनी तुलसी हीं श्रप्यो तेहिं ठामा ।
करहु वास तुहू नीचन धामा ।।

दियो वचन हरी तब तत्काला ।
सुनहु सुमुखी जनि होहू बिहाला।।

समय पाई व्हौ रौ पाती तोरा ।
पुजिहौ आस वचन सत मोरा ।।

तब गोकुल मह गोप सुदामा ।
तासु भई तुलसी तू बामा ।।

कृष्ण रास लीला के माही ।
राधे शक्यो प्रेम लखी नाही ।।

दियो श्राप तुलसिह तत्काला ।
नर लोकही तुम जन्महु बाला ।।

यो गोप वह दानव राजा ।
शंख चुड नामक शिर ताजा ।।

तुलसी भई तासु की नारी ।
परम सती गुण रूप अगारी ।।

अस द्वै कल्प बीत जब गयऊ ।
कल्प तृतीय जन्म तब भयऊ।।

वृंदा नाम भयो तुलसी को ।
असुर जलंधर नाम पति को ।।

करि अति द्वन्द अतुल बलधामा ।
लीन्हा शंकर से संग्राम ।।

जब निज सैन्य सहित शिव हारे ।
मरही न तब हर हरिही पुकारे ।।

पतिव्रता वृंदा थी नारी ।
कोऊ न सके पतिहि संहारी ।।

तब जलंधर ही भेष बनाई ।
वृंदा ढिग हरी पहुच्यो जाई ।।

शिव हित लही करि कपट प्रसंगा ।
कियो सतीत्व धर्म तोही भंगा ।।

भयो जलंधर कर संहारा।
सुनी उर शोक उपारा ।।

तिही क्षण दियो कपट हरी टारी ।
लखी वृंदा दुःख गिरा उचारी ।।

जलंधर जस हत्यो अभीता ।
सोई रावन तस हरिही सीता ।।

अस प्रस्तर सम ह्रदय तुम्हारा ।
धर्म खंडी मम पतिहि संहारा ।।

यही कारण लही श्राप हमारा ।
होवे तनु पाषाण तुम्हारा।।

सुनी हरी तुरतहि वचन उचारे ।
दियो श्राप बिना विचारे ।।

लख्यो न निज करतूती पति को ।
छलन चह्यो जब पारवती को ।।

जड़मति तुहु अस हो जड़रूपा ।
जग मह तुलसी विटप अनूपा ।।

धग्व रूप हम शालिगरामा ।
नदी गण्डकी बीच ललामा ।।

जो तुलसी दल हमही चढ़ इहैं ।
सब सुख भोगी परम पद पईहै ।।

बिनु तुलसी हरी जलत शरीरा ।
अतिशय उठत शीश उर पीरा ।।

जो तुलसी दल हरी शिर धारत ।
सो सहस्त्र घट अमृत डारत ।।

तुलसी हरी मन रंजनी हारी।
रोग दोष दुःख भंजनी हारी ।।

प्रेम सहित हरी भजन निरंतर ।
तुलसी राधा में नाही अंतर ।।

व्यंजन हो छप्पनहु प्रकारा ।
बिनु तुलसी दल न हरीहि प्यारा ।।

सकल तीर्थ तुलसी तरु छाही ।
लहत मुक्ति जन संशय नाही ।।

कवि सुन्दर इक हरी गुण गावत ।
तुलसिहि निकट सहसगुण पावत ।।

बसत निकट दुर्बासा धामा ।
जो प्रयास ते पूर्व ललामा ।।

पाठ करहि जो नित नर नारी ।
होही सुख भाषहि त्रिपुरारी ।।

।। दोहा ।।

तुलसी चालीसा पढ़ही तुलसी तरु ग्रह धारी ।
दीपदान करि पुत्र फल पावही बंध्यहु नारी ।।
सकल दुःख दरिद्र हरी हार ह्वै परम प्रसन्न ।
आशिय धन जन लड़हि ग्रह बसही पूर्णा अत्र ।।
लाही अभिमत फल जगत मह लाही पूर्ण सब काम।
जेई दल अर्पही तुलसी तंह सहस बसही हरीराम ।।
तुलसी महिमा नाम लख तुलसी सूत सुखराम।

▪️तुलसी विवाह का महत्व
ऐसी मान्यता है तुलसी विवाह कराने से माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जीवन में दरिद्रता कभी नहीं आती है और सपन्नता बनी रहती है। तुलसी विवाह से ही हिन्दू धर्म में होने वाले सभी शुभ कर्मकांड प्रारंभ होने लगते हैं।

▪️तुलसी मंत्र
महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी,
आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते..

 #औरत को आईने में यूँ उलझा दिया गयाबखान करके हुश्न का बहला दिया गया #न हक़ दिया जमीन का न घर कहीं दियागृह स्वामिनी के नाम...
21/10/2021

#औरत को आईने में यूँ उलझा दिया गया
बखान करके हुश्न का बहला दिया गया

#न हक़ दिया जमीन का न घर कहीं दिया
गृह स्वामिनी के नाम का रुतबा दिया गया

#छूती रही जब पाँव परमेश्वर पति को कह
फिर कैसे इनको घर की गृह लक्ष्मी बना दिया

#चलती रहे चक्की और जलता रहे चूल्हा
बस इसीलिए औरत को अन्नपूर्णा बना दिया

#न बराबर का हक मिले न चूं ही कर सके
इसीलिए इनको पूज्य देवी दुर्गा बना दिया

#यह डॉक्टर इंजीनियर सैनिक भी हो गईं
पर घर के चूल्हों ने उसे औरत बना दिया

#चाँदी सोने की हथकड़ी नकेल बेड़ियाँ
कंगन पाजेब नथनिया जेवर बना दिया

#व्यभिचारी आदमी जब लार रोक न सका
श्रृंगार साज बस्त्र पर तोहमत लगा दिया

#खुद नंग धड़ंग आदमी घूमता है रात दिन
औरत की टांग क्या दिखी नंगा बता दिया

#नारी ने जो ललकारा इस दानव प्रवर्ति को
जिह्वा निकाल रक्त प्रिय काली बना दिया

#नौ माह खून सींच के पैदा जिसे किया
बेटे को नाम बाप का चिपका दिया....✍️

01/11/2018

हल्की - हल्की सी सर्द हवा, जरा - जरा सा दर्द_ऐ_दिल,
अंदाज अच्छा है...
ऐ #नवंबर तेरे आने का...

01/11/2018

A season of joy and prosperity to all 🙏

25/09/2018

पीला अम्बर पहन सितम्बर पूरा साधु लगता है,
रंग बिरंगे उडते पत्ते, पतझड़ जादू लगता है....

Freedom in the mind, Strength in the words, Pureness in our blood, Pride in our souls, Zeal in our hearts, Let's salute ...
26/01/2018

Freedom in the mind, Strength in the words, Pureness in our blood, Pride in our souls, Zeal in our hearts, Let's salute our India on Republic Day.
Happy Republic Day to all 🇮🇳 🙏

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