27/07/2026
“कक्षा में मच्छरों का आतंक! मजबूरी में बरामदे की ज़मीन पर बैठकर पढ़ रहे सरकारी स्कूल के बच्चे।”
मच्छरों के डर से बरामदे में लग रही क्लास! काछवा के सरकारी स्कूल में बच्चों को ज़मीन पर बैठाकर पढ़ाई”
KBN 24 Time News एजेंसी
करनाल /काछवा (संजय भाटिया) करनाल के काछवा गांव के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों को कक्षाओं के बजाय बरामदे में ज़मीन पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। मौके पर ली गई तस्वीरों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं फर्श पर बैठकर पढ़ाई करते दिखाई दिए।
इस संबंध में जब शिक्षिका से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल के कमरों में मच्छरों का प्रकोप बहुत अधिक है। उनके अनुसार, कई बच्चों को मच्छरों के काटने से एलर्जी की शिकायत हो जाती है, इसलिए उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल कक्षाएं बाहर बरामदे में लगाई जा रही हैं।
हालांकि, यह स्थिति कई सवाल भी खड़े करती है। यदि स्कूल के कमरों में मच्छरों की समस्या इतनी गंभीर है कि बच्चों को बाहर बैठाना पड़ रहा है, तो शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासन को तत्काल फॉगिंग, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने चाहिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में पढ़ाई मिल सक
स्कूल के मुख्य द्वार पर पक्षियों के घोंसलों से गंदगी और बदबू, ग्रामीणों ने प्रिंसिपल से की शिकायत
🔶ग्रामीण सरदारा राम ने बताया कि सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर स्थित बरगद के पेड़ पर बड़ी संख्या में पक्षियों ने अपने घोंसले बना लिए हैं। पक्षियों की बीट के कारण स्कूल के गेट के आसपास काफी गंदगी फैल गई है और तेज बदबू आने लगी है। इससे स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों, अभिभावकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
🔶स्कूल की एस एम सी कमेटी के सदस्य राजेश कुमार ने बताया कि स्कूल के कमरों मे लाइट वयवस्था ठीक नहीं है ज़्यदातर कमरों मे अंधेरा रहता है जिससे पढ़ने वाले बच्चों की आँखों मे दर्द रहता है जिसके लिए हमने स्कूल प्रिंसिपल को अवगत भी किया है पर कोई सुनता नहीं
इसी समस्या को लेकर आज आसपास के ग्रामीण स्कूल की प्रिंसिपल से मिले और जल्द समाधान की मांग की।
स्कूल प्रिंसिपल गुरजिंदर कौर ने बताया कि बरगद के पेड़ पर पक्षियों के घोंसले बनने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि पक्षियों को किसी प्रकार की हानि पहुंचाए बिना इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रिंसिपल ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि स्कूल स्टाफ और गांव की सरपंच मिलकर इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं और जल्द ही उचित हल ढूंढ कर लोगों को इस परेशानी से राहत दिलाई जाएगी। प्रिंसिपल नहीं है अभी बताया कि स्कूल के कमरों में कई बार लाइट लगवाई गई है लेकिन शरारती बच्चे बल्फ उतार ले जाते हैं जल्दी कमरों में लाइट व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी