15/06/2026
7 साल का हरनीत अपनी मां के साथ मामा के घर आया था। किसी ने नहीं सोचा था कि साईं बाबा मंदिर वाली बदहाल सड़क उसकी आखिरी यात्रा बन जाएगी।
एक और मासूम की जान चली गई। एक और परिवार उजड़ गया। लेकिन जिम्मेदार लोग अभी भी कुर्सियों पर बैठे हैं।
एक साल से सड़क निर्माण के नाम पर जनता को मौत का रास्ता दिया गया है। रोज जाम, रोज हादसे, रोज खतरा। फिर भी न प्रशासन जागा, न ठेकेदार पर कार्रवाई हुई, न जनता की सुरक्षा की चिंता की गई।
नारियल फोड़कर फोटो खिंचवाने वाले नेता आज जवाब दें — हरनीत की मौत का जिम्मेदार कौन है?
क्या सड़क पूरी होने का इंतजार करते-करते और बच्चों की बलि ली जाएगी?
अगर समय पर सड़क बनाई जाती, सुरक्षा इंतजाम होते और लापरवाही पर कार्रवाई होती, तो शायद आज हरनीत जिंदा होता।