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हरियाणा के शिक्षकों के लिए बड़ा आदेश: HTET पास करना हुआ अनिवार्य, फेल होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति या छोड़नी होगी नौकरी...
14/09/2026

हरियाणा के शिक्षकों के लिए बड़ा आदेश: HTET पास करना हुआ अनिवार्य, फेल होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति या छोड़नी होगी नौकरी; साल में दो बार होगी परीक्षा
पंचकूला:
हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय (Directorate of School Education) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में राज्य के शिक्षकों के लिए एक बेहद अहम और सख्त नोटिस जारी किया है। निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सेवारत शिक्षकों के लिए HTET (हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा) को लेकर नए नियम तय कर दिए गए हैं।
नोटिस के मुख्य बिंदु एवं नए नियम:
* 5 वर्ष से अधिक सेवा बाकी रहने वाले शिक्षक:
जिन शिक्षकों की सेवा 1 सितंबर 2025 को 5 वर्ष से अधिक शेष है और उन्होंने अब तक HTET पास नहीं किया है, उन्हें अपने संबंधित विषय/स्तर के लिए HTET उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने की स्थिति में उन्हें सेवा छोड़नी होगी या उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) दे दी जाएगी।
* 5 वर्ष से कम सेवा बाकी रहने वाले शिक्षक:
जिन शिक्षकों की सेवा 1 सितंबर 2025 को 5 वर्ष से कम बची है, वे बिना HTET पास किए भी सेवानिवृत्ति की आयु तक अपनी सेवा जारी रख सकते हैं। हालांकि, यदि ऐसा कोई शिक्षक पदोन्नति (Promotion) चाहता है, तो उसे संबंधित विषय में HTET पास किए बिना पदोन्नति के योग्य नहीं माना जाएगा।
* साल में दो बार आयोजित होगी HTET परीक्षा:
शिक्षकों को पात्रता प्रमाण पत्र हासिल करने का उचित अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH, भिवानी) को वर्ष में दो बार HTET परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
* पदोन्नति और नियुक्तियों पर सख्त अनुपालन:
शिक्षा निदेशालय की संबंधित स्थापना शाखाओं (DSE/DEE) को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में सभी नियुक्तियां और पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के सख्त अनुपालन में ही की जाएं।
* अधिकारियों को सूचित करने का निर्देश:
राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को आदेश दिया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी शिक्षकों तक यह सूचना तुरंत पहुंचाएं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला:
यह नोटिस माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Civil Appeal No. 1385/2025 (Anjuman Ishaat-e-Taleem Trust vs. State of Maharashtra & Others) और समीक्षा याचिका में पारित आदेशों के तहत जारी किया गया है।

असंध में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर स्कूली प्रतियोगिताएं, विद्यार्थियों ने दिया ‘पराली न जलाने’ का संदेशपेंटिंग, स्लोगन, ...
14/09/2026

असंध में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर स्कूली प्रतियोगिताएं, विद्यार्थियों ने दिया ‘पराली न जलाने’ का संदेश

पेंटिंग, स्लोगन, निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा; विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

असंध, करनाल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) योजना खरीफ-2026 के तहत असंध खंड में ब्लॉक स्तरीय स्कूली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से किसानों एवं आमजन को फसल अवशेष जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं कृषि संबंधी नुकसान के प्रति जागरूक करना और ‘जीरो स्टबल बर्निंग’ का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाना रहा।

प्रतियोगिता में असंध खंड के विभिन्न राजकीय एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पेंटिंग/पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन और भाषण के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य तथा पराली न जलाने के पक्ष में प्रभावी संदेश प्रस्तुत किए।

विद्यार्थी बन सकते हैं बदलाव के प्रभावी दूत : BEO नरेंद्र सिंह

कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूली बच्चे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी फसल अवशेष प्रबंधन और पराली जलाने से होने वाले नुकसान को समझेंगे, तो वे अपने परिवारों, गांवों और आसपास के किसानों को भी जागरूक कर सकेंगे।

उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि असंध खंड को ‘जीरो स्टबल बर्निंग’ क्षेत्र बनाने के प्रयासों में शिक्षा विभाग अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आधुनिक तकनीकों से किया जा सकता है पराली का प्रबंधन : ADO श्याम सिंह

कृषि विभाग के कृषि विकास अधिकारी (ADO) श्याम सिंह ने विद्यार्थियों को फसल अवशेष प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने इन-सीटू (In-Situ) और एक्स-सीटू (Ex-Situ) फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि मशीनरी एवं तकनीकों की सहायता से फसल अवशेषों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया जा सकता है। खेत में फसल अवशेषों को उचित तकनीक से मिलाने से मृदा स्वास्थ्य एवं उसकी गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पोस्टर, स्लोगन, निबंध एवं भाषणों की सराहना की और कहा कि जागरूकता के ऐसे कार्यक्रम पराली जलाने की प्रवृत्ति को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

प्रतियोगिताओं में इन विद्यार्थियों ने हासिल किए स्थान

पेंटिंग/पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता

प्रथम: शबनम, पुत्री सुरेश कुमार, कक्षा 12वीं, PM SHRI GSSS असंध।
द्वितीय: भूमि, पुत्री विनोद कुमार, कक्षा 11वीं, GSSS फफड़ाना।

स्लोगन लेखन प्रतियोगिता

प्रथम: अंशु, पुत्री जयवीर, कक्षा 9वीं, GSSS फफड़ाना।
द्वितीय: आरती शर्मा, पुत्री रमेश कुमार, कक्षा 9वीं, GSSS फफड़ाना।

निबंध लेखन प्रतियोगिता

प्रथम: मानसी, पुत्री मुकेश कुमार, कक्षा 12वीं, GSSS फफड़ाना।
द्वितीय: मुस्कान, पुत्री लाभ सिंह, कक्षा 11वीं, GSSS फफड़ाना।

भाषण प्रतियोगिता

द्वितीय: नमनदीप कौर, कक्षा 12वीं, PM SHRI GSSS असंध।
तृतीय: आरती शर्मा, पुत्री रमेश कुमार, कक्षा 9वीं, GSSS फफड़ाना।

इसके अलावा नन्की, किरण देवी, प्रियंका, सिमरन, परी और निक्की सहित अनेक विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में असंध खंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।

कृषि एवं शिक्षा विभाग की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम को सफल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में कृषि एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर (BTM) सुमित कुमार, असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर (ATM) रवि राणा, फील्ड स्टाफ अजय कुमार तथा कृषि विभाग से सोमवीर सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राध्यापक, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण प्रहरी के रूप में कार्य करने तथा अपने परिवारों एवं गांवों में फसल अवशेष न जलाने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने यह संदेश स्पष्ट किया कि पराली प्रबंधन केवल कृषि विभाग या किसानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सामूहिक जिम्मेदारी है। स्कूली बच्चों की भागीदारी से इस अभियान को गांवों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण है

14/09/2026
📢 हरियाणा शिक्षा विभाग का बड़ा अपडेट: GMS और PMS स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नीति पर 6 अहम सवालों के आधिकारिक जवाब जा...
12/09/2026

📢 हरियाणा शिक्षा विभाग का बड़ा अपडेट: GMS और PMS स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नीति पर 6 अहम सवालों के आधिकारिक जवाब जारी
चंडीगढ़ (Haryana News):
हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति (GMS) और पीएम श्री (PMS) विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नीति (Deployment Policy) को लेकर शिक्षकों के बीच बने तमाम संशयों और सवालों पर विस्तृत FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) जारी कर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
स्क्रीनिंग परीक्षा, न्यूनतम विकल्प, अनिवार्य कार्यकाल, डीम्ड वैकेंसी (परिकल्पित रिक्ति) और CENTA/CETA-2022 से नियुक्त शिक्षकों को लेकर जारी किए गए 6 प्रमुख स्पष्टीकरण इस प्रकार हैं:
1. स्क्रीनिंग टेस्ट पास करने पर नियुक्ति लेना अनिवार्य नहीं
* विभाग ने स्पष्ट किया है कि GMS/PMS विद्यालयों में तैनाती पूरी तरह विकल्प आधारित (Choice-based / स्वैच्छिक) है।
* केवल स्क्रीनिंग या पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने से किसी अध्यापक के लिए पदभार ग्रहण करना अनिवार्य नहीं हो जाता। परीक्षा सिर्फ पात्रता तय करती है, ड्राइव में शामिल होना शिक्षक की स्वेच्छा पर निर्भर है।
2. कम से कम 3 स्कूलों के विकल्प भरना अनिवार्य
* जिन शिक्षकों के लिए ड्राइव में भाग लेना अनिवार्य है, उन्हें न्यूनतम 3 विद्यालयों के विकल्प भरने होंगे:
* यदि पसंद का विद्यालय मिल जाता है, तो उनके मूल पद को 'परिकल्पित रिक्ति' (Deemed Vacancy) घोषित किया जाएगा।
* यदि भरी गई पसंद में से कोई विद्यालय नहीं मिलता, तो उन्हें आगामी जनरल ट्रांसफर ड्राइव (GTD) में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा।
* गैर-अनिवार्य श्रेणी के शिक्षक: इन्हें भी न्यूनतम 3 विकल्प देने होंगे। यदि पसंद का स्टेशन नहीं मिलता, तो उन्हें जबरन किसी अन्य स्टेशन पर नहीं भेजा जाएगा; वे प्रक्रिया से हट सकते हैं और अपने वर्तमान विद्यालय में कार्यकाल जारी रख सकते हैं।
3. CENTA/CETA-2022 के तहत नियुक्त पुराने शिक्षकों के नियम
* 3 वर्ष का अनिवार्य कार्यकाल पूरा कर चुके शिक्षक:
कम से कम 3 विकल्प भरेंगे। पसंद का स्टेशन न मिलने पर किसी अन्य स्टेशन पर पदस्थापना नहीं की जाएगी। वे प्रक्रिया से हटने का विकल्प चुन सकते हैं और वर्तमान विद्यालय में बने रह सकते हैं अथवा GTD में स्वेच्छा से भाग ले सकते हैं।
* जिनका 3 वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है:
उन्हें भी न्यूनतम 3 विकल्प देने होंगे। यदि पसंद का स्टेशन नहीं मिलता, तो GMS/PMS के अन्य रिक्त स्टेशन पर विचार किया जा सकता है और पद को डीम्ड वैकेंसी माना जाएगा।
4. 10 वर्ष का कार्यकाल और संरक्षण को लेकर स्थिति साफ
* GMS/PMS पात्रता परीक्षा पास कर नए सिरे से नियुक्त होने वाले शिक्षकों पर नीति के अनुसार 10 वर्ष तक बने रहने का प्रावधान (Tenure Protection) लागू हो सकता है।
* जो शिक्षक पहले से GTD के जरिए GMS/PMS में तैनात थे और बाद में पात्रता परीक्षा पास की, उन्हें केवल परीक्षा पास करने मात्र से स्वतः नया कार्यकाल संरक्षण नहीं मिलेगा।
* गैर-स्क्रीनिंग वाले सामान्य शिक्षकों का 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर पद डीम्ड रिक्ति बनेगा और उन्हें GTD में जाना होगा।
5. शैक्षणिक अंकों में B.Ed. की गणना का फार्मूला
* यदि संबंधित PGT पद के लिए B.Ed. अनिवार्य योग्यता नहीं है, तो मेरिट निर्धारण हेतु 10वीं, स्नातक (Graduation) और स्नातकोत्तर (Post Graduation) के अंकों के भारित औसत को 40 अंकों में परिवर्तित किया जाएगा।
* यदि पद के लिए B.Ed. अनिवार्य अर्हता है, तो B.Ed. के प्राप्तांकों को भी शैक्षणिक भारित औसत में नियमानुसार शामिल किया जाएगा।
6. CETA-2022 पास लेकिन GMS/PMS न मिलने पर क्या होगा?
* पात्रता परीक्षा पास करना स्वतः GMS/PMS में पदस्थापन की गारंटी नहीं है।
* जो शिक्षक परीक्षा पास करने के बाद भी सामान्य विद्यालयों में ही कार्यरत रहे, उनके पदों पर सामान्य नियमों के अनुसार डीम्ड रिक्ति की स्थिति बन सकती है।
* वहीं CETA के माध्यम से पहले से GMS/PMS में कार्यरत शिक्षक निरंतरता के आधार पर नीतिगत लाभों के पात्र रहेंगे।
📌 मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways):
* पात्रता ≠ बाध्यता: टेस्ट पास करने का अर्थ अनिवार्य जॉइनिंग नहीं है।
* न्यूनतम 3 विकल्प: ड्राइव में कम से कम 3 च्वाइस भरना जरूरी है।
* सुरक्षा: पसंद न मिलने पर गैर-अनिवार्य शिक्षकों को Anywhere नहीं भेजा जाएगा।
* CETA-2022: 3 वर्ष के कार्यकाल के आधार पर अलग-अलग नियम प्रभावी होंगे।
* पारदर्शिता: अंकों की गणना और डीम्ड रिक्ति के नियम पूरी तरह स्पष्ट किए गए हैं।
(शिक्षा विभाग और कर्मचारी जगत से जुड़ी सटीक व प्रमाणित खबरों के लिए फॉलो करें — Haryana News)

📢 हरियाणा शिक्षा विभाग: GMS/PMS/CMEEE स्कूलों के लिए डिप्लॉयमेंट ड्राइव — शिक्षकों के सभी संशय दूर, पढ़ें विस्तृत व स्पष...
12/09/2026

📢 हरियाणा शिक्षा विभाग: GMS/PMS/CMEEE स्कूलों के लिए डिप्लॉयमेंट ड्राइव — शिक्षकों के सभी संशय दूर, पढ़ें विस्तृत व स्पष्ट दिशा-निर्देश
चंडीगढ़ / हरियाणा (Haryana Update):
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GMSSSS), पीएम श्री (PM SHRI) और सीएम ईईई (CMEEE) स्कूलों में अध्यापकों की तैनाती (Deployment Drive) को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। अध्यापकों के बीच स्टेशन च्वाइस, वर्तमान पद की सुरक्षा और 'Anywhere' को लेकर बने संशयों पर विभाग ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है।
अध्यापकों के लिए इस ड्राइव से जुड़े मुख्य नियम और अहम बिंदु इस प्रकार हैं:
🔹 1. न्यूनतम 3 स्टेशन चुनना अनिवार्य
* इस ड्राइव में भाग लेने वाले अध्यापकों के लिए कम से कम 3 स्टेशन भरना अनिवार्य किया गया है।
* अधिकतम स्टेशनों की कोई सीमा नहीं है; अध्यापक अपनी सुविधा अनुसार अधिक से अधिक विकल्प भर सकते हैं।
🔹 2. वर्तमान स्टेशन और पद की सुरक्षा
* यदि कोई शिक्षक पहले से ही GMS/PMS/CMEEE स्कूल में कार्यरत है और ड्राइव में "YES" का विकल्प चुनता है, लेकिन मेरिट/वरीयता के आधार पर उसकी पसंद का कोई भी स्टेशन नहीं मिलता, तो उसका वर्तमान स्टेशन पूरी तरह सुरक्षित रहेगा (बशर्ते उस विद्यालय में उसका सामान्य कार्यकाल शेष हो)।
* ऐसे पद को किसी अन्य शिक्षक को आवंटित नहीं किया जाएगा।
🔹 3. 'Anywhere' का कोई डर नहीं
* यदि किसी अध्यापक को उसके द्वारा भरे गए पसंदीदा स्टेशनों में से कोई भी स्टेशन अलॉट नहीं होता, तो उसे जबरन 'Anywhere' (कहीं भी) नहीं भेजा जाएगा।
* हालांकि, यदि वर्तमान विद्यालय में अध्यापक का कार्यकाल (tenure) पूरा हो चुका है, तो उसे आगामी जनरल ट्रांसफर ड्राइव (General Drive) में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा।
🔹 4. CENTA 2022 पास अध्यापकों के लिए विशेष नियम
* CENTA 2022 उत्तीर्ण वे शिक्षक जिनका अनिवार्य कार्यकाल पूरा हो चुका है और वे इस ड्राइव में भाग ले रहे हैं:
* यदि उनकी पसंद के (न्यूनतम 3) स्कूलों में से स्टेशन मिलता है, तभी उनके मौजूदा पद को डीम्ड वैकेंसी (Deemed Vacancy) माना जाएगा।
* यदि कोई स्टेशन नहीं मिलता, तो उन्हें कहीं और नहीं भेजा जाएगा और न ही Anywhere श्रेणी में डाला जाएगा।
* ऐसे शिक्षकों के पद को जनरल ट्रांसफर ड्राइव में भाग लेने की सहमति (Consent) के बाद ही डीम्ड वैकेंसी माना जाएगा।
🔹 5. अलॉटमेंट के बाद जॉइनिंग और लॉक-इन पीरियड
* यदि शिक्षक को उसकी पसंद का स्टेशन अलॉट हो जाता है, तो वहां कार्यभार ग्रहण (Join) करना अनिवार्य होगा।
* एक बार स्टेशन आवंटित होने के बाद अध्यापक उस विद्यालय में 10 वर्ष तक सेवा दे सकते हैं।
* यदि शिक्षक स्वयं ट्रांसफर करवाना चाहता है:
* किसी अन्य GMS/PMS/CMEEE स्कूल में जाने के लिए 1 वर्ष बाद आवेदन कर सकेंगे।
* सामान्य स्कूलों में जाने के लिए 3 वर्ष बाद ही अनुमति होगी।
🔹 6. 'Withdraw' की सुविधा (अंतिम तिथि 13 सितंबर)
* यदि किसी शिक्षक ने पहले 'YES' का विकल्प चुन लिया था और अब वह अपना निर्णय बदलना चाहता है, तो पोर्टल पर इसे 13 सितंबर तक 'Withdraw' करने का विकल्प भी उपलब्ध है।
* विभाग द्वारा सभी पात्र शिक्षकों को प्रक्रिया में शामिल होने के लिए एसएमएस (SMS) के माध्यम से भी सूचित किया जा रहा है।
📌 हरियाणा अपडेट सलाह: सभी पात्र शिक्षक अपने विकल्पों का चयन भली-भांति विचार करके करें और समय सीमा (13 सितंबर) का विशेष ध्यान रखें।
(शिक्षा और कर्मचारी जगत की हर प्रमाणिक खबर के लिए जुड़े रहें — Haryana Update)

  Science
12/09/2026

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11/09/2026

हरियाणा ब्रेकिंग: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, 16 मांगों पर बनी सहमतिचंडीगढ़ | Haryana Updateहरियाणा में बीते एक मही...
11/09/2026

हरियाणा ब्रेकिंग: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, 16 मांगों पर बनी सहमति
चंडीगढ़ | Haryana Update
हरियाणा में बीते एक महीने से ज्यादा समय से चल रही नगर पालिका, परिषद और निगमों के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास पर कर्मचारी नेताओं के साथ हुई करीब 2 घंटे की मैराथन बैठक में 16 प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है, जिसके बाद कर्मचारियों ने तत्काल प्रभाव से काम पर लौटने का ऐलान किया है।
बैठक के मुख्य बिंदु व फैसले
* हड़ताल वापस, आज से काम पर वापसी: बैठक के बाद पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री ने घोषणा की कि सरकार की ओर से मांगों पर सहमति और लिखित पत्र मिलने के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई है। सभी सफाई व सीवर कर्मचारी तुरंत अपने काम पर लौट रहे हैं।
* 10 दिन का विशेष स्वच्छता लक्ष्य: कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हड़ताल के चलते प्रदेश भर के शहरों और कस्बों में जमा कचरे को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और अगले 10 दिनों में पूरे हरियाणा को साफ-सुथरा कर दिया जाएगा।
* 16 मांगों पर बनी बात: बैठक के दौरान कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, वेतन, भत्ते, पदोन्नति और रिक्त पदों पर नियमित भर्ती जैसे 16 प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए लिखित आश्वासन सौंपा।
शहरों को मिलेगी कचरे और बदबू से राहत
अगस्त माह से जारी इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते प्रदेश के कई जिलों में डोर-टू-डोर कचरा उठान पूरी तरह ठप हो गया था और मुख्य बाजारों व रिहायशी इलाकों में गंदगी के ढेर लग गए थे। हाईकोर्ट में भी मामले को लेकर याचिकाएं दायर की गई थीं। सरकार और कर्मचारी संघ के बीच इस गतिरोध के टूटने से प्रदेश की जनता को बड़ी राहत मिली है।
> नोट: सरकार की ओर से इस समझौते और 16 मांगों के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश व आधिकारिक अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी।
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यह प्रकाशित खबर पूरी तरह प्रमाणिक (Verified) है। यह दैनिक जागरण (हरियाणा ब्यूरो) की रिपोर्ट है।पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्...
11/09/2026

यह प्रकाशित खबर पूरी तरह प्रमाणिक (Verified) है। यह दैनिक जागरण (हरियाणा ब्यूरो) की रिपोर्ट है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों तथा 16 अप्रैल 2026 के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले (मदन सिंह एवं अन्य बनाम हरियाणा सरकार) के मद्देनजर हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के लगभग 12,000 गेस्ट टीचर्स के सेवा रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को व्यक्तिगत स्पीकिंग ऑर्डर तैयार करने और पात्रता जांचने के निर्देश दिए गए हैं।

बड़ी खबर: हरियाणा के 12 हजार गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण की दिशा में बढ़ी सरकार, सेवा रिकॉर्ड की जांच शुरू!
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब दो दशकों से सेवाएं दे रहे 12 हजार अतिथि अध्यापकों (Guest Teachers) के पक्का होने की उम्मीदें अब तेज हो गई हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
निर्देश और प्रक्रिया के मुख्य बिंदु:
* सेवा रिकॉर्ड की बारीकी से जांच: शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता गेस्ट टीचर्स के मूल दस्तावेज खंगाले जाएं। इसमें नियुक्ति पत्र, कार्यभार ग्रहण (Joining) की तिथि, कार्य की निरंतरता, स्वीकृत पद (Sanctioned Post), सेवा में ब्रेक और शैक्षणिक योग्यता की गहनता से पड़ताल होगी।
* बनेगी 'स्पीकिंग रिपोर्ट': हर शिक्षक के मामले में अलग-अलग विस्तृत स्पीकिंग रिपोर्ट बनेगी, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि शिक्षक नियम और शर्तों के तहत नियमितीकरण के पात्र हैं या नहीं।
* जांच का आधार: यह पूरी जांच 16 जून 2014 की सरकार की नियमितीकरण नीति और 16 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'मदन सिंह व अन्य बनाम हरियाणा सरकार' मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले के आधार पर की जा रही है।
* अधिकारियों पर सख्त गाज: कोर्ट आदेश की अवहेलना पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगने की संभावना है। समय पर रिकॉर्ड न भेजने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
* जिलों में प्रक्रिया तेज: नारनौल (महेंद्रगढ़) सहित विभिन्न जिलों में PGT गेस्ट टीचर्स को सर्विस बुक, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, मेरिट रिकॉर्ड व पुलिस वेरिफिकेशन दस्तावेज लेकर DEO कार्यालय पहुंचने के आदेश जारी हो चुके हैं।
प्रतिनिधियों ने हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के समक्ष भी मजबूती से अपनी बात रखी थी। अब देखना होगा कि विभाग द्वारा रिकॉर्ड जांच के बाद सरकार इस दिशा में अंतिम अधिसूचना कब जारी करती है।

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