07/06/2026
फोन पर हैलो की बजाए बोले ओइम नमस्ते जी
करनाल(एम.एस.निर्मल):आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा के वार्षिक अधिवेशन में विजय वेद पाल ने कहा कि मोबाईल पर हैलो की बजाए ओइम नमस्ते जी बोल कर अभिवादन करने से वैदिक संस्कृति व आर्यसमाज का प्रचार व प्रसार हर घर तक हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज आर्य समाज में युवाओं को जोडऩे की आवश्यकता है और उसके लिए जरूरी है कि हर आर्य समाजी अपने साथ अपने पुत्र व पुत्रियों व पोते और पोत्रियों को भी आर्य समाज के कार्यक्रमों में लेकर आये। उन्होंने कहा कि हर घर में मोबाइल वर्जित कक्ष बनाये जहां परिवार के सदस्य कम से कम 2 घण्टे इक_े बैठ कर विचार, समस्याएं व समाधान सांझा करे और कुटुम्ब प्रबोधन को बढ़ावा दे ।
विजय वेद पाल ने कहा कि उन्होंने डी ए वी संस्थाओं व आर्य समाज को एक कड़ी में पिरो कर हर कार्य की शुरुआत विश्व के श्रेष्ठतम कर्म हवन यज से करने की प्रथा चलाई ।उन्होंने कहा कि स्वतन्त्रता संग्राम में बाल गंगाधर तिलक, पंजाबकेसरी लाला लाजपत राय, स. शहीदे आजम भगत सिंह, शहीद शिरोमणि उद्यम सिंह जैसे जितने भी महानायक थे ,सब कही न कही आर्य समाज की विचारधारा से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि आज महर्षि दयानन्द सरस्वती व स्वामी श्रदानन्द जी के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती ने सबसे पहले स्वराज व भारत भारतीय के लिए का नारा दिया था। उन्होंने भारतीय को वेदो की ओर लोटने का आहवान् किया था। उन्होंने कहा कि आर्य समाज चित्रों पर विश्वास करने की बजाए चरित्र पर ज्यादा बल देता है। उन्होंने कहा कि ‘पाखण्डों का खण्डन’ व वेदो का महत्व समझने के लिए हर युवा को सत्यार्थ प्रकाश पढना चाहिए तभी उनका जीवन सार्थक होगा और शैक्षणिक उन्नति के साथ साथ आत्मिक व अध्यात्मिक प्रगति भी होगी।
इस अवसर पर डॉ पूनम सूरी, पूर्व लोकायुक्त न्याय मूर्ति प्रीतम पाल, सतपाल आर्य, जे पी शूर ,ब्रिगेडियर ए के अधलखा,अभिनन्दन पाल,प्रबोध महाजन,एस के शर्मा,लखपत राय शास्त्री, मुकेश आर्य,सेवा सिंह आदि भी मौजूद थे।
फोटो:केएनएल04