09/07/2026
3600 किमी का सफर कर करनाल पहुंची सूफिया
करनाल(एम.एस.निर्मल):भारत की प्रसिद्ध अल्ट्रा डिस्टेंस धाविका एवं पांच बार की विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी अपने छठे विश्व रिकॉर्ड अभियान रन अक्रॉस इंडिया-कन्याकुमारी से काराकोरम के तहत 3600 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए करनाल पहुंची। करनाल के गीता द्वार पर पहुंचने पर करनाल स्ट्राइडस के पदाधिकारी प्रवेश गाबा, सुमित मान, आदि ने बुके देकर सूफिया सूफी का जोरदार स्वागत किया। करनाल स्ट्राइड्स के पदाधिकारियों ने बताया कि 5000 किलोमीटर की इस ऐतिहासिक दौड़ के जरिए वह देश के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी से उत्तरी सीमा काराकोरम तक दौड़ लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने का प्रयास किया। उनका यह अभियान 12 मई 2026 को कन्याकुमारी से शुरू हुआ था और इसका समापन लद्दाख के काराकोरम क्षेत्र में होगा। अब तक 59 दिनों की दौड़ में सूफिया ने भीषण गर्मी, बदलते मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए 3600 किलोमीटर से अधिक का सफर पूरा कर लिया है।
इस मौके पर प्रवेश गाबा ने बताया कि राजस्थान के अजमेर में जन्मी और विवाह के बाद हरियाणा के सोनीपत से जुड़ी सूफिया सूफी देश की सबसे सफल अल्ट्रा डिस्टेंस धाविकाओं में शामिल हैं। वह अब तक पांच विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं और अपनी उपलब्धियों से देशभर के युवाओं को प्रेरित कर रही हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.बलबीर सिंह विर्क ने भी सूफिया सूफी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका साहस, दृढ़ संकल्प और अनुशासन देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
इस मौके पर सूफिया ने कहा कि हर किलोमीटर मुझे याद दिलाता है कि सपने एक-एक कदम बढ़ाकर ही पूरे होते हैं। यह दौड़ हर उस युवा और हर उस वीर सैनिक को समर्पित है, जिनके त्याग से हमारे सपने सुरक्षित रहते हैं।
स्मरण रहे कि सूफिया सूफी ने वर्ष 2019 में कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4,000 किमी की दौड़ 87 दिनों में पूरी कर पहला विश्व रिकॉर्ड बनाया। वर्ष 2021 में 6,000 किमी की गोल्डन क्वाड्रिलेटरल रोड रनिंग चैलेंज 110 दिनों में पूरी कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। मनाली-लेह हाई एल्टीट्यूड रनिंग चैलेंज पूरा करने वाली पहली महिला धाविका बनीं। वर्ष 2023 में कतर के दक्षिणी से उत्तरी छोर तक दौड़ पूरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। वर्ष 2025 में लद्दाख सिल्क रूट अल्ट्रा 122 किमी का खिताब अपने नाम किया। सूफिया का अगला लक्ष्य वर्ष 2027 में मध्य-पूर्व के देशों में अल्ट्रा रनिंग अभियान पूरा करना तथा वर्ष 2028 में लगभग 30,000 किलोमीटर लंबी रन अराउंड द वर्ल्ड ऐतिहासिक दौड़ पूरी करना है।