16/05/2026
हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत अनुबंधित (Contractual) एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण नीति लागू की गई है। इस नीति के तहत सेवा के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
# हरियाणा: सेवा के दौरान जान गंवाने वाले अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के परिवारों को मिलेगी ₹3 लाख की सहायता
**चंडीगढ़:**
हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और पब्लिक अंडरटेकिंग्स में कार्यरत गैर-स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को एक बड़ी राहत दी है। सरकार की नीति के अनुसार, यदि किसी अनुबंधित (Contract), दैनिक वेतनभोगी (Daily Wage), तदर्थ (Ad-hoc) या सर्विस प्रोवाइडिंग एजेंसी के माध्यम से अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके पीड़ित परिवार को **₹3 लाख (3.00 लाख रुपये)** की अनुकंपा वित्तीय सहायता (Ex-gratia Compassionate Financial Assistance) प्रदान की जाएगी।
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ (22) ने इस नीति को लेकर कर्मचारियों और उनके परिवारों को जागरूक किया है। संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में कार्यरत ऐसे सभी पात्र कर्मचारियों के परिजनों को जल्द से जल्द आवश्यक दस्तावेज तैयार कर अपने संबंधित कार्यालय या विभाग में जमा कराने चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर यह मदद मिल सके।
# # # नीति की मुख्य बातें और दिशा-निर्देश:
* **पात्र कर्मचारी:** यह नीति उन सभी कर्मचारियों पर लागू होती है जो हरियाणा सरकार के अधीन Ad-hoc, Daily Wage, या Contract basis (जिसमें आउटसोर्सिंग या सर्विस प्रोवाइडिंग एजेंसी के जरिए लगे कर्मचारी भी शामिल हैं) पर कार्यरत थे और जिनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की पूर्व स्वीकृति से की गई थी।
* **सहायता राशि:** मृतक कर्मचारी के पूर्ण रूप से आश्रित और जरूरतमंद (Indigent) परिवार के सदस्यों को एकमुश्त ₹3,00000 (तीन लाख रुपये) की अनुकंपा वित्तीय सहायता दी जाएगी।
* **लागू होने की तिथि:** यह नीति इसके जारी होने की तिथि से प्रभावी मानी गई है।
* **आवश्यक प्रक्रिया:** मृतक कर्मचारी के परिजनों को संबंधित विभाग (जैसे शिक्षा विभाग के मामले में स्कूल या जिला शिक्षा कार्यालय) में जाकर आवश्यक फाइल और आवेदन तैयार करके जमा करना होगा। विभाग के प्रमुख (Head of Department) या सक्षम प्राधिकारी इस पर त्वरित कार्रवाई करेंगे।
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ ने सभी साथियों से अपील की है कि वे अपने आस-पास के ऐसे पीड़ित परिवारों की पहचान कर उनकी फाइल तैयार करवाने में मदद करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार इस सरकारी लाभ से वंचित न रहे।