23/03/2024
चिंता ऐसी डाकिनी, काट कलेजा खाए।
वैद बिचारा क्या करे, कहां तक दवा लगाए ।।
(कबीर दास जी कहते हैं कि चिंता एक ऐसी डायन है जो व्यक्ति का कलेजा काट खा जाती है इसका इलाज वैध नहीं कर सकता। वह कितनी दवा लगाएगा। अर्थात् चिंता जैसी खतरनाक बीमारी का कोई इलाज नहीं है। )