24/02/2026
विद्यापतिधाम स्टेशन सहित मंदिर परिसर के आस पास अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
** स्मारक चौक से स्टेशन परिसर और मालगोदाम तक हटाई गईं सड़क पर लगी दुकानें
विद्यापतिनगर : पूर्व मध्य रेलवे के हाजीपुर - बछवाड़ा रेल मंडल स्थित विद्यापतिधाम रेलवे स्टेशन परिसर में सोमवार को रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। इस दौरान विद्यापतिधाम स्मारक चौक से रेलवे स्टेशन और मालगोदाम तक फैले अवैध कब्जों को बुलडोजर की मदद से हटाया गया। इस प्रशासनिक कार्रवाई से दुकानदारों और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
** रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में चली जेसीबी
रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों के जरिए सड़क किनारे और रेलवे की भूमि पर लगी सैकड़ों अस्थाई दुकानों, ठेलों और झोपड़ीनुमा ढांचों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे के कारण आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी और सुरक्षा संबंधी खतरे भी बढ़ रहे थे। कई बार नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर यह सख्त कदम उठाया गया। कार्रवाई के दौरान आरपीएफ हाजीपुर के निरीक्षक संतोष कुमार,प्रभारी साकेत कुमार,आरपीएफ पटोरी प्रभारी दीपक कुमार सिंह, मजिस्ट्रेट प्रभारी सीओ अरुण कुमार शर्मा, थानाध्यक्ष सुरज कुमार, जीआरपीएफ बछवाड़ा प्रभारी विशंभर मांझी सहित भारी संख्या में रेल व स्थानीय थाना के दर्जनों पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे। पुलिस बल की भारी मौजूदगी के बीच पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर अभियान चलाया गया। ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए लोगों से सहयोग करने को कहा।
** अस्थाई दुकानों की भरमार से आवागमन में हो रही थी दिक्कत
बताया गया कि रेलवे स्टेशन और मालगोदाम क्षेत्र में लंबे समय से अस्थाई दुकानों की भरमार हो गई थी। जिससे यात्रियों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। प्लेटफॉर्म के आसपास और पहुंच मार्ग पर भी अतिक्रमण फैल गया था। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। अभियान के बाद क्षेत्र में सड़क और रेलवे परिसर अपेक्षाकृत खाली नजर आया। हालांकि, प्रभावित दुकानदारों में नाराजगी भी देखी गई और कई लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। प्रशासन ने दोहराया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा। दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी।