11/06/2026
* मेरे परमपिता परमेश्वर सदगुरुदेव जी व मेरे कुल के इष्ट देव कबीर परमात्मा जी बंदी छोड़ की दया से
* असीम कृपा से सदगुरु देव जी की प्रेरणा से पुनः इस दास को 54 बार रक्तदान सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ किसी नन्हे मासूम, जीव आत्मा या परोपकारी मानवता सेवा करके बहुत सुकून और आत्मा को तृप्ति संतुष्टि मिलती है।।
* आप भी एक बार जरूर करके देखिए रक्तदान महादान।
* सदगुरुदेव जी कहते हैं
* जीव हमारी जाती है, मानव धर्म हमारा, हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा।।
"एक छोटी सी कोशिश, किसी की पूरी ज़िंदगी बचा सकती है। 'रक्त दान महादान' के इस पवित्र यज्ञ में आज 55वीं बार अपनी आहुति देने का सौभाग्य मिल रहा है। आप भी आगे आएं, जीवन बचाएं! 🙏"