Tribal Today

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08/06/2026

संदेश
लाहुल स्पीति के नव नियुक्त जिला परिषद के 9 सदस्यों को जिलाधीश लाहुल स्पीति किरण भढ़ाना का संदेश

08/06/2026

लाहुल स्पीति के नव नियुक्त जिला परिषद के 9 सदस्यों को जिलाधीश लाहुल स्पीति किरण भढ़ाना ने दिलवाई पद एवं गोपनीयता की शपथ

जरूरी सूचना
07/06/2026

जरूरी सूचना

07/06/2026

लाहुल स्पीति
कल नव नियुक्त जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह जिला मुख्यालय केलंग में होगा : किरण भढ़ाना जिलाधीश लाहुल स्पीति

सरकार के इस नोटिफिकेशन के तहत 18 अक्टूबर तक वर्तमान पंचायत प्रतिनिधि ही अपना कार्य करेंगे और कार्यकाल भी पूरा होगा : किर...
07/06/2026

सरकार के इस नोटिफिकेशन के तहत 18 अक्टूबर तक वर्तमान पंचायत प्रतिनिधि ही अपना कार्य करेंगे और कार्यकाल भी पूरा होगा : किरण भढ़ाना जिलाधीश लाहुल स्पीति

"चुनाव जल्दी करवाए, अधिकार छीने और अब शपथ अक्टूबर में—जनजातीय क्षेत्रों के विकास की हत्या कर रही सरकार: डॉ. रामलाल मार्क...
07/06/2026

"चुनाव जल्दी करवाए, अधिकार छीने और अब शपथ अक्टूबर में—जनजातीय क्षेत्रों के विकास की हत्या कर रही सरकार: डॉ. रामलाल मार्कंडेय
लाहौल-स्पीति विकासशील मंच के संरक्षक एवं पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडेय ने प्रदेश सरकार पर जनजातीय क्षेत्रों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने लाहौल-स्पीति और पांगी के लोगों के साथ बड़ा अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि पहले पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उनकी शक्तियां छीन ली गईं और अब चुनाव संपन्न होने के बावजूद नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को अक्टूबर तक शपथ न दिलाने का फैसला लेकर विकास कार्यों पर ताला लगाने का काम किया जा रहा है।
डॉ.रामलाल मार्कंडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार को अच्छी तरह पता है कि लाहौल-स्पीति और पांगी जैसे जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों का वास्तविक सीजन अप्रैल से अक्टूबर तक ही होता है। इसके बाद बर्फबारी और मौसम की परिस्थितियों के कारण अधिकांश विकास कार्य रुक जाते हैं। ऐसे में चुने हुए प्रतिनिधियों को अक्टूबर में शपथ दिलाने का अर्थ है कि पूरे विकास सीजन को जानबूझकर बर्बाद किया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव समय से पहले करवाए जा सकते थे तो फिर शपथ ग्रहण में कई महीनों की देरी क्यों की जा रही है? सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को रोकने का यह फैसला किसके दबाव में लिया गया है और इससे किसका हित साधा जा रहा है।
डॉ. मार्कंडेय ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक विकास के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को ठप करने वाले निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण पंचायत स्तर पर विकास योजनाएं प्रभावित होंगी और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को समझे बिना लिए गए ऐसे फैसले यह साबित करते हैं कि सरकार को पहाड़ और जनजातीय इलाकों की वास्तविक समस्याओं की कोई चिंता नहीं है। यदि सरकार ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो लाहौल-स्पीति और पांगी की जनता इसे अपने अधिकारों और विकास पर सीधा हमला मानेगी।
डॉ. मार्कंडेय ने सरकार से मांग की है कि नव-निर्वाचित पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद प्रतिनिधियों को तुरंत शपथ दिलाकर उन्हें अधिकार सौंपे जाएं ताकि इस वर्ष के शेष विकास कार्यों को समय रहते पूरा किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनजातीय क्षेत्रों के हितों की अनदेखी जारी रही तो जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

चार महीने बाद शपथ! पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाललाहौल-स्पीति।हिमाचल प्रदेश पंचायती राज विभाग द्वारा जारी अधि...
07/06/2026

चार महीने बाद शपथ! पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाल
लाहौल-स्पीति।
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार लाहौल-स्पीति जिले के नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों की पहली बैठक और शपथ ग्रहण अब 18 अक्टूबर 2026 को होगी। इस निर्णय ने क्षेत्र में कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि चुनाव जीतने के बाद अगले चार महीनों तक चुने हुए जनप्रतिनिधि आखिर क्या करेंगे और जनता के कार्यों का निपटारा किस प्रकार होगा।
अधिसूचना के अनुसार प्रदेश की अधिकांश पंचायतों में पहली बैठक 27 जून 2026 को आयोजित होगी, जबकि लाहौल-स्पीति, पांगी और कुछ अन्य क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 18 अक्टूबर 2026 तक टाल दी गई है। ऐसे में पंचायतों में विकास कार्यों, योजनाओं की निगरानी तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की सबसे निचली और महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि निर्वाचित प्रतिनिधि कई महीनों तक शपथ नहीं ले पाएंगे तो वे न तो औपचारिक रूप से अपने अधिकारों का उपयोग कर सकेंगे और न ही जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतर पाएंगे।
लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि जब जनता ने अपने प्रतिनिधियों को चुन लिया है तो उन्हें कार्यभार संभालने के लिए इतना लंबा इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। पंचायतों से जुड़े विकास कार्य, प्रमाण पत्र, स्थानीय विवादों के समाधान और अन्य प्रशासनिक मामलों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, यह भी एक बड़ा प्रश्न बन गया है।
अब सभी की निगाहें सरकार पर हैं कि वह इस विषय पर क्या स्पष्टीकरण देती है और क्या निर्वाचित प्रतिनिधियों को जल्द कार्यभार संभालने का कोई रास्ता निकाला जाएगा। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि अगले चार महीनों तक क्या करेंगे : काकू शर्मा मिडिया प्रभारी लाहुल स्पीति विकास मंच

दूसरी पारी के लिए बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं वीरेंद्र आर्य जी 👍
06/06/2026

दूसरी पारी के लिए बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं वीरेंद्र आर्य जी 👍

सरकार की इस अधिसूचना से क्या लगता है आपको,तो क्या 18 अक्टूबर तक लाहुल में चुने गए पंचायत प्रतिनिधि खाली हाथ रहेंगे या पु...
06/06/2026

सरकार की इस अधिसूचना से क्या लगता है आपको,तो क्या 18 अक्टूबर तक लाहुल में चुने गए पंचायत प्रतिनिधि खाली हाथ रहेंगे या पुराने वाले काम संभालेंगे......?

06/06/2026

*31 वर्षों का सपना हुआ साकार: ऐतिहासिक छतराडी मेला अब राज्य स्तरीय घोषित*

*1995 से चली आ रही मांग को मिली मंजिल, क्षेत्र में खुशी की लहर*

*अब श्री मणिमहेश यात्रा को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिलाने की तैयारी तेज*

भरमौर, 6 जून 2026:
भरमौर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और जनभावनाओं से जुड़े ऐतिहासिक छतराडी मेले को प्रदेश सरकार द्वारा राज्य स्तरीय मेले का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। वर्ष 1995 से जिला स्तरीय पहचान रखने वाले इस मेले को राज्य स्तरीय दर्जा मिलने से क्षेत्रवासियों का 31 वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी चंबा के अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि क्षेत्र के लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासन और प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर लंबे समय से लगातार प्रयास किए जा रहे थे, जो अब सफल हुए हैं।
उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu, उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri तथा शाहपुर विधायक Kewal Singh Pathania का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की जनहितैषी सोच और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के कारण ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी है।
सुरजीत शर्मा भरमौरी ने कहा कि राज्य स्तरीय दर्जा मिलने से छतराडी मेले की पहचान प्रदेशभर में और मजबूत होगी, जिससे पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अब सरकार का अगला लक्ष्य श्री मणिमहेश यात्रा को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिलाना है। इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं तथा एसडीएम भरमौर के साथ बैठक कर दस्तावेजी कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।
अंत में उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए इसे जनसहयोग, जनआस्था और सामूहिक प्रयासों की बड़ी जीत बताया : सुरजीत भरमौरी अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी चम्बा

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