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06/09/2026

इम्तियाज अहमद की पीड़ा नहीं हुई खत्म,
इंडो अमेरिकन हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद बढ़ी मुश्किल!

नौ महीने का मानदेय कटा, चार बार गुहार के बाद भी नहीं मिला इंसाफकस्तूरबा विद्यालय की शिक्षिका अंजू की पीड़ा—बीएसए से बार-...
05/09/2026

नौ महीने का मानदेय कटा, चार बार गुहार के बाद भी नहीं मिला इंसाफ

कस्तूरबा विद्यालय की शिक्षिका अंजू की पीड़ा—बीएसए से बार-बार फरियाद, फिर भी वेतन भुगतान का इंतजार

संतकबीरनगर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, मेहदावल में कार्यरत शिक्षिका कुमारी अंजू के लिए पिछले कई महीने आर्थिक परेशानी और मानसिक पीड़ा के बीच गुजर रहे हैं। शिक्षिका का आरोप है कि वार्डन के आदेश पर उनका मानदेय काट दिया गया, जिसके कारण दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 तक करीब नौ महीने का भुगतान उन्हें नहीं मिल सका है।

शिक्षिका अंजू ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में वेतन काटे जाने की पुनः जांच कराकर बकाया मानदेय दिलाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि वार्डन मनु सिंह के आदेश के अनुसार लेखाकार द्वारा उनका वेतन काटा गया है। शिक्षिका का आरोप है कि बिना समस्या का उचित समाधान किए इतने लंबे समय तक मानदेय रोक दिए जाने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

पीड़ित शिक्षिका के मुताबिक, उन्होंने इस मामले को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से चार बार व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद जब मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो शिक्षिका ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर पुनः जांच और भुगतान की गुहार लगाई है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिक्षिका का मानदेय नियमों के तहत काटा गया है तो इसकी स्पष्ट वजह और प्रक्रिया सामने क्यों नहीं लाई जा रही, और यदि कटौती गलत है तो नौ महीने का बकाया भुगतान अब तक क्यों नहीं हुआ?

शिक्षिका ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने और दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 तक का बकाया मानदेय दिलाने की मांग की है। अब देखना है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब तक कार्रवाई करते हैं और पीड़ित शिक्षिका को कब राहत मिलती है।

शिक्षक समाज का निर्माणकर्ता, बच्चों को ज्ञान के साथ संस्कार भी दें: डीएमशिक्षक सम्मान समारोह में जनपद के 50 उत्कृष्ट शिक...
05/09/2026

शिक्षक समाज का निर्माणकर्ता, बच्चों को ज्ञान के साथ संस्कार भी दें: डीएम

शिक्षक सम्मान समारोह में जनपद के 50 उत्कृष्ट शिक्षक-शिक्षिकाओं को अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित

संतकबीरनगर। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रदेश स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण किया गया। इस दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उद्बोधन को देखा और सुना।

जनपद स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि जिला पंचायत प्रशासक बलिराम यादव, जिलाधिकारी आलोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी और डायट प्राचार्य डॉ. नागेंद्र सिंह ने जनपद के प्रत्येक विकासखंड से चयनित पांच-पांच उत्कृष्ट शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत कुल 50 शिक्षकों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि बलिराम यादव ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और उनके प्रयासों से नई पीढ़ी का भविष्य मजबूत होता है।

जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि शिक्षक समाज का निर्माणकर्ता होता है। व्यक्ति के जीवन में गुरु और शिक्षक का योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अपेक्षा है कि शिक्षक बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी दें, ताकि वे ज्ञानवान होने के साथ जिम्मेदार और सफल नागरिक बन सकें।

डीएम ने कहा कि शिक्षा ऐसी शक्ति है, जिसके माध्यम से व्यक्ति जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनता है। उन्होंने जनपद के सभी शिक्षकों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का सफल आयोजन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह के निर्देशन में हुआ, जबकि संचालन खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र प्रसाद ने किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार, डायट प्राचार्य डॉ. नागेंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज, सभी खंड शिक्षा अधिकारी तथा सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

राजेडीहा का खेल मैदान या मवेशियों का चारागाह? लाखों खर्च के बाद भी खिलाड़ियों को इंतजारबाउंड्री व इंटरलॉकिंग तो हुई, लेक...
05/09/2026

राजेडीहा का खेल मैदान या मवेशियों का चारागाह? लाखों खर्च के बाद भी खिलाड़ियों को इंतजार

बाउंड्री व इंटरलॉकिंग तो हुई, लेकिन मैदान में घास व जरूरी व्यवस्थाएं अधूरी; सचिव बोले—निर्माण हुआ, भुगतान अभी बाकी
संतकबीरनगर। सांथा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत राजेडीहा में युवाओं के लिए तैयार किया गया खेल मैदान इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर सवालों के घेरे में है। सरकार की मंशा थी कि ग्राम पंचायतों में खेल मैदान विकसित कर युवाओं को खेलकूद के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि युवा स्वस्थ और फिट रहने के साथ खेल प्रतिभाओं को निखार सकें। लेकिन राजेडीहा में तैयार मैदान की तस्वीर इस मंशा पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है।
ग्राम पंचायत में लाखों रुपये की लागत से खेल मैदान का निर्माण कराया गया है। मैदान के चारों ओर बाउंड्री का निर्माण कराया गया है और बाउंड्री के अंदर इंटरलॉकिंग का कार्य भी कराया गया है। इसके बावजूद मैदान की स्थिति ऐसी नहीं दिख रही, जिससे युवा यहां नियमित रूप से खेल गतिविधियां संचालित कर सकें। मैदान में आवश्यक हरियाली और घास की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस मैदान को युवाओं के खेलने और प्रतिभा निखारने के लिए तैयार किया गया, वहां युवाओं की जगह मवेशियों का जमावड़ा नजर आना व्यवस्था की हकीकत बयां करता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर लाखों रुपये खर्च करने के बाद खेल मैदान का वास्तविक उपयोग कब शुरू होगा?
मामले में ग्राम सचिव से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि खेल मैदान का निर्माण कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक उसका भुगतान नहीं हो पाया है। सचिव के इस जवाब के बाद निर्माण कार्य और भुगतान की स्थिति को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों और युवाओं का कहना है कि सिर्फ बाउंड्री और इंटरलॉकिंग करा देने से खेल मैदान का उद्देश्य पूरा नहीं होता। मैदान को खिलाड़ियों के अनुकूल बनाने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।
अब सवाल यह है कि राजेडीहा के युवाओं को अपना खेल मैदान कब मिलेगा? क्या मैदान सिर्फ निर्माण और कागजी प्रक्रिया तक सीमित रहेगा या यहां वास्तव में खेल गतिविधियां भी शुरू होंगी? जिम्मेदार अधिकारियों की निगाह इस ओर कब पड़ेगी, यह देखना बाकी है।

समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएंशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश, ल...
05/09/2026

समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं
शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
संतकबीरनगर।धनघटा तहसील में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में धनघटा विधायक गणेश चौहान, जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने फरियादियों की शिकायतें सुनने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और प्रत्येक प्रकरण का शत-प्रतिशत, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग से संबंधित मामलों में दोनों विभाग आपसी समन्वय और सामंजस्य के साथ कार्रवाई करें। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।
समाधान दिवस के बाद अधिकारियों ने शिकायत पंजिका का भी निरीक्षण किया। पूर्व में निस्तारित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित फरियादियों से निस्तारण को लेकर फीडबैक भी लिया गया। अधिकारियों ने अधीनस्थों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि फरियादी को वास्तविक राहत मिलना सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

सपा नेता अबरार अहमद ने थामा राहगीरों का हाथ, गड्ढों से भरे अंडरपास में कराई मिट्टी भराई  निजी खर्च से जेसीबी लगवाकर अबरा...
05/09/2026

सपा नेता अबरार अहमद ने थामा राहगीरों का हाथ, गड्ढों से भरे अंडरपास में कराई मिट्टी भराई
निजी खर्च से जेसीबी लगवाकर अबरार अहमद ने दी राहत
संतकबीरनगर। साथां ब्लॉक क्षेत्र के लेदवा श्रीपाल गांव के पास खलीलाबाद-बखिरा-मेहदावल होते हुए बहराइच-बलरामपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे लाइन का अंडरपास बरसात के दिनों में राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गया था। अंडरपास के अगल-बगल बने गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। फिसलन भरे रास्ते पर राहगीरों के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता था।
इस मार्ग से हजारों लोगों का रोजाना आवागमन होता है। ग्रामीणों के अलावा बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से विद्यालय आते-जाते हैं। कीचड़ और गड्ढों के कारण बच्चों को अंडरपास पार करने में परेशानी होती थी। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह रास्ता काफी जोखिम भरा हो गया था।
इसी बीच राहगीरों की परेशानी की जानकारी मिलने पर सपा नेता एवं युवा समाजसेवी अबरार अहमद, जो समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला महासचिव अनवारुल हक के सुपुत्र हैं, मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं अंडरपास की स्थिति देखी और स्थानीय लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने तत्काल अपने स्तर से राहत पहुंचाने का निर्णय लिया।
अबरार अहमद ने अपने निजी खर्च से जेसीबी मशीन लगवाकर अंडरपास के नीचे और आसपास मिट्टी भराई का कार्य कराया। गड्ढों में मिट्टी डालकर रास्ते को समतल करने का प्रयास किया गया, ताकि राहगीरों को कीचड़ और फिसलन से राहत मिल सके।
जेसीबी मशीन से मिट्टी भराई का काम शुरू होते ही स्थानीय लोगों में राहत की उम्मीद जगी। ग्रामीणों ने सपा नेता अबरार अहमद की इस पहल की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि आमतौर पर समस्याओं को लेकर शिकायतें तो होती रहती हैं, लेकिन समस्या के बीच मौके पर पहुंचकर अपने निजी खर्च से राहत का काम कराना वास्तव में सराहनीय पहल है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि अबरार अहमद ने केवल समस्या सुनी नहीं, बल्कि उसे महसूस करते हुए तत्काल कदम उठाया। ग्रामीणों के मुताबिक, जनसमस्या के समय लोगों के बीच खड़े होना और बिना किसी सरकारी सहायता का इंतजार किए अपनी ओर से मदद करना युवा नेतृत्व की सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
लोगों ने यह भी कहा कि अंडरपास में मिट्टी भराई से फिलहाल आवागमन में राहत मिलेगी, लेकिन स्थायी समाधान के लिए जलनिकासी की उचित व्यवस्था, गड्ढों की पूरी तरह भराई और सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाना जरूरी है।
फिलहाल हजारों राहगीरों और स्कूली बच्चों की परेशानी को देखते हुए अबरार अहमद द्वारा उठाया गया यह कदम क्षेत्र में चर्चा और प्रशंसा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने उनकी सक्रियता और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि आगे भी वह इसी तरह लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाते रहेंगे।

05/09/2026
ऑपरेशन हुआ, दर्द नहीं गया; इम्तियाज की जिंदगी में बढ़ता गया जख्म, खेत-जेवर बिके फिर भी नहीं मिली राहतऑपरेशन हुआ, दर्द नह...
04/09/2026

ऑपरेशन हुआ, दर्द नहीं गया; इम्तियाज की जिंदगी में बढ़ता गया जख्म, खेत-जेवर बिके फिर भी नहीं मिली राहत

ऑपरेशन हुआ, दर्द नहीं गया; इम्तियाज की जिंदगी में बढ़ता गया जख्म, खेत-जेवर बिके फिर भी नहीं मिली राहत

25 दिन तक खून गिरने का दावा, दूसरे अस्पताल में पेट में मिला 590 एमएल मवाद; दोबारा ऑपरेशन की नौबत, मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर लगाई न्याय की गुहार

संतकबीरनगर। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा एक गरीब मरीज ऑपरेशन के बाद ठीक होने के बजाय कथित तौर पर ऐसी पीड़ा में फंस गया, जिससे बाहर निकलने के लिए परिवार को अपनी जमीन और जेवर तक दांव पर लगाने पड़े। छपिया छितौना निवासी इम्तियाज अहमद पुत्र हमीदुल्लाह ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में खलीलाबाद के इण्डो अमेरिकन हॉस्पिटल में उपचार के दौरान गंभीर लापरवाही समेत कई आरोप लगाए हैं।
इम्तियाज के अनुसार 11 जुलाई 2026 को तबीयत खराब होने पर परिजन उसे एनएच-28, टेमारहमत चौराहा के पश्चिम स्थित इण्डो अमेरिकन हॉस्पिटल, खलीलाबाद लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद अपेंडिक्स की समस्या बताते हुए तत्काल ऑपरेशन की बात कही गई। परिवार ने आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने का अनुरोध किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 13 जुलाई को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 20 हजार रुपये की राशि निकाली गई और ऑपरेशन किया गया। परिवार को उम्मीद थी कि ऑपरेशन के बाद इम्तियाज की हालत सुधरेगी, मगर उसके मुताबिक ऑपरेशन के बाद तकलीफ बढ़ती चली गई।
खून गिरता रहा, परिवार दिलासा सुनता रहा
पीड़ित का दावा है कि ऑपरेशन के बाद बार-बार संक्रमण होता रहा। दो बार खून चढ़ाया गया और करीब 25 दिनों तक खून गिरता रहा। शिकायत के मुताबिक परिवार ने चिकित्सकों से चिंता जताई तो उन्हें यह कहकर आश्वस्त किया गया कि कुछ समय तक ऐसा होना सामान्य है और मरीज बाद में ठीक हो जाएगा।
लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों की चिंता बढ़ती गई। आखिरकार वे इम्तियाज को उपचार के लिए बस्ती स्थित जे.जे. हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
दूसरे अस्पताल में जांच ने बढ़ा दी चिंता
शिकायतकर्ता के अनुसार बस्ती में जांच के दौरान पेट में करीब 590 एमएल मवाद पाए जाने की बात सामने आई। संक्रमण गंभीर बताया गया और मरीज का दोबारा ऑपरेशन करने की नौबत आई। शिकायत में दावा है कि दूसरे ऑपरेशन के दौरान पेट से मवाद निकाला गया।
परिवार का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम ने उनकी आर्थिक स्थिति भी बिगाड़ दी। इलाज के लिए खेत गिरवी रखना पड़ा और घर के जेवर बेचने पड़े। पीड़ित के मुताबिक अस्पताल में उपचार के दौरान उससे 80 हजार रुपये नकद भी लिए गए। इस भुगतान के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अस्पताल पर कई गंभीर आरोप
इम्तियाज ने शिकायत में अस्पताल के प्रबंधक/स्वामी डॉ. अयूब, पूर्व विधायक का भी नाम उल्लेखित किया है। अस्पताल पर कथित चिकित्सकीय लापरवाही, अनट्रेन्ड लोगों से ऑपरेशन कराने, चिकित्सा विभाग के नियमों के विपरीत कार्य करने और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कई लोगों ने अस्पताल में अपने साथ भी कथित तौर पर इसी तरह की घटनाएं होने की बात कही। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुख्यमंत्री से 10 लाख रुपये क्षतिपूर्ति की मांग
पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने वाले लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई तथा 10 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
शिकायत के अंत में इम्तियाज ने न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह जैसा कदम उठाने की बात लिखी है। यह गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे किसी भी कदम को रोकने के लिए प्रशासन को पीड़ित की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर उचित सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
अब जांच बताएगी—कहां हुई चूक?
मामले में सवाल कई हैं—ऑपरेशन के बाद संक्रमण इतना गंभीर कैसे हुआ? पेट में 590 एमएल मवाद मिलने की स्थिति किन परिस्थितियों में बनी? कथित नकद भुगतान की वास्तविकता क्या है? क्या मरीज का उपचार निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुसार हुआ?
इन सवालों का जवाब चिकित्सा अभिलेखों, ऑपरेशन रिकॉर्ड, आयुष्मान योजना से संबंधित दस्तावेजों और स्वास्थ्य विभाग की निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल एक गरीब परिवार अपनी जमा-पूंजी गंवाने के बाद न्याय की आस लगाए बैठा है। अब देखना होगा कि इस शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग जांच की कार्रवाई करता है या इम्तियाज का दर्द भी सरकारी फाइलों के बीच दबकर रह जाता है।
अस्पताल प्रबंधन अथवा डॉ. अयूब का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

04/09/2026

पुलिस का सायरन सुन भागा दानिश, चोट लगी तो अस्पताल पहुंचा; नाम-पता लिखते ही पुलिस ने दबोचा, जन्माष्टमी से पहले चुराए थे गोपाल जी

गाजियाबाद। जन्माष्टमी से पहले मंदिर से भगवान लड्डू गोपाल की मूर्तियां चोरी करने वाला दानिश पुलिस से बचने के लिए भाग रहा था, लेकिन चोट लगने के बाद अस्पताल पहुंचना ही उसकी गिरफ्तारी की वजह बन गया। पुलिस के मुताबिक चोरी के बाद आरोपी को पुलिस का सायरन सुनाई दिया, जिसके बाद वह घबराकर भागने लगा। इसी दौरान वह चोटिल हो गया। इलाज कराने के लिए जब वह पास के अस्पताल पहुंचा तो वहां उसका नाम-पता दर्ज किया गया। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।

मामला थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में तिगरी गोल चक्कर के पास स्थित शनि मंदिर का है। पुलिस के मुताबिक 2 सितंबर की सुबह मंदिर का ताला तोड़कर लड्डू गोपाल और राधा रानी की पीतल की मूर्तियों समेत पूजा का सामान चोरी कर लिया गया था। मामले की शिकायत सूरज शुक्ला ने पुलिस से की, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस टीम ने मंदिर और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस के अनुसार चोरी के दौरान या चोरी के बाद दानिश को पुलिस की मौजूदगी का आभास हुआ और सायरन सुनकर वह भागने लगा। भागते समय चोट लगने के बाद वह इलाज कराने के लिए पास के अस्पताल पहुंचा।

अस्पताल में इलाज के दौरान जब उसका नाम और पता दर्ज किया गया तो पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चल गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर मंदिर से चोरी किया गया सामान बरामद कर लिया।

पुलिस ने आरोपी की पहचान दानिश (24), निवासी गांव काशी, थाना परतापुर, मेरठ, हाल पता सेक्टर-123 राधाकुंज कॉलोनी, नोएडा के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दानिश ने मंदिर का ताला तोड़कर चोरी करने की बात स्वीकार की। वह चोरी किए गए सामान को बेचने की फिराक में था।

आरोपी के कब्जे से लड्डू गोपाल की बड़ी पीतल की मूर्ति, राधा रानी की बड़ी पीतल की मूर्ति, लड्डू गोपाल की दो छोटी मूर्तियां, पीतल की बड़ी गदा, तांबे की दो चरण पादुकाएं, पीतल के तीन लोटे, पांच दीपक और पूजा में इस्तेमाल होने वाली घंटी समेत पूरा चोरी का सामान बरामद किया गया। बरामद सामान की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस के मुताबिक दानिश के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में मौजूदा चोरी का मामला, थाना सेक्टर-113 नोएडा में चोरी और एनडीपीएस एक्ट से संबंधित दो मामले तथा थाना सेक्टर-49 नोएडा में पॉक्सो एक्ट से संबंधित एक मामला दर्ज है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

जन्माष्टमी से पहले भगवान लड्डू गोपाल की मूर्तियां चुराने वाला दानिश अब पुलिस की गिरफ्त में है। जिस अस्पताल में इलाज कराने पहुंचना उसकी मजबूरी थी, वहीं दर्ज हुआ उसका नाम-पता पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी का सुराग बन गया। अब चोरी के आरोपी दानिश को जन्माष्टमी जेल में मनानी पड़ेगी।

बाइट प्रिया श्रीपाल,ए सी पी वेब सिटी

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Khalilabad
272175

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