19/05/2026
साहब चंबल नदी किनारे बसे लोग पानी की बूंद बूंद के लिए तरस रहे हैं,चंबल नदी के किनारे बसे सकतपुरा में पानी की भारी किल्लत, बूंद-बूंद को तरस रहे लोग,उग्र आंदोलन की चेतावनी #कोटा #न्यूज कोटा पानी के अकूत भंडार चंबल नदी के किनारे बसे होने के बावजूद सकतपुरा क्षेत्र के वाशिंदे इन दिनों बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। क्षेत्र में पानी की भीषण किल्लत से परेशान आमजन का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित नागरिकों ने अधिशासी अभियंता श्याम महेश्वरी और कनिष्ठ अभियंता (जईएन) गणेश राठौड़ का घेराव कर अपनी पीड़ा व्यक्त की।कंप्रेसर के भरोसे जलापूर्ति, गलियों में हाहाकारक्षेत्रवासियों ने जईएन गणेश राठौड़ को सकतपुरा की सभी गलियों की जमीनी हकीकत से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में पानी केवल कंप्रेसर लगाने पर ही आ रहा है, जबकि कई गलियां ऐसी हैं जहां पानी पूरी तरह ठप है। वहां लोग पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। चंबल नदी के मुहाने पर रहने के बाद भी जनता का प्यासा रहना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।दो दिन में सुधार नहीं हुआ तो मिनी अचलगढ़ में डलेगा पड़ावघेराव के दौरान मिनी अचलगढ़ क्षेत्र का दौरा करने वाले पूर्व पार्षद व विधानसभा अध्यक्ष विकास तंवर, पूर्व पार्षद अनूप कुमार उस्ताद राजकुमार नरूका, ओम राठौड़ और कमल बैरवा समेत कई जनप्रतिक्षिधियों व मौजिज लोगों ने जनसमस्या को पुरजोर तरीके से उठाया।नेताओं ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी एक-दो दिन के भीतर क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो हजारों की संख्या में माता-बहनों और स्थानीय निवासियों के साथ मिनी अचलगढ़ (मिनी अकीलगढ़) में अनिश्चितकालीन पड़ाव डाला जाएगा।जब तक पानी नहीं आएगा, तब तक चलेगा धरनाप्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यह कोई सांकेतिक प्रदर्शन नहीं होगा। यदि प्रशासन ने लापरवाही बंद नहीं की, तो मिनी अचलगढ़ में डाला जाने वाला पड़ाव तब तक जारी रहेगा जब तक कि सकतपुरा की हर गली और हर घर में सुचारू रूप से पानी नहीं पहुंच जाता। चंबल नदी के पास रहकर भी प्यासे मरने को मजबूर जनता अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है।