05/11/2025
जब वोट ही नहीं होगा तो वोट डालोगे कैसे?
SIR एक बेहद जरूरी और अहम मुद्दा है। कृपया इसे शालीनता से समझें और अपने वोट की हिफाज़त करें। क्योंकि वोट एक अमानत है वोट एक लोकतांत्रिक अधिकार है।
अब समझे कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया क्या है?
विस्तार से समझिए:-
SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision (विशेष गहन पुनरीक्षण) है। यह एक विशेष अभियान है जो चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची (Electoral Roll) को अपडेट, शुद्धिकरण और पारदर्शी बनाने के लिए चलाया जा रहा है। यह प्रक्रिया संवैधानिक रूप से वैध है और चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
1.SIR का उद्देश्य (Objective) :-
A.मतदाता सूची को सटीक बनाना:-
फर्जी, डुप्लीकेट, मृत व्यक्तियों या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना।
B.नए मतदाताओं को जोड़ना:- 18 वर्ष से ऊपर के योग्य नागरिकों को सूची में शामिल करना।
C.चुनावी गड़बड़ियों को रोकना:- फर्जी वोटिंग या डुप्लीकेशन को कम करना, ताकि चुनाव निष्पक्ष हों।
D.पारदर्शिता बढ़ाना:- BLO (Booth Level Officer) के माध्यम से घर-घर सत्यापन।
यह विशेष परिस्थिति में किया जाता है, जैसे जब वार्षिक पुनरीक्षण (Annual Revision) पर्याप्त न हो या बड़ी गड़बड़ियां पाई जाएं।
नोट: बिहार में 2025 की शुरुआत में SIR शुरू हुआ था, और अब पूरे देश में विस्तार हो रहा है।
चुनाव आयोग 24 जून 2025 के आदेश में पूरे देश में SIR शुरू करने का निर्णय ले चुका है।
उत्तर प्रदेश में 28 अक्टूबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक SIR का काम चलेगा।
2.अब दूसरा महत्वपूर्ण सवाल यह कि SIR प्रक्रिया कैसे चलती है? (Step-by-Step Process)
SIR एक समयबद्ध अभियान है, जो आमतौर पर 2-3 महीने चलता है।
मुख्य चरण निम्नलिखित हैं:-
A.घोषणा और तैयारी (Announcement & Preparation):-
चुनाव आयोग राज्यवार तिथियां घोषित करता है।
BLO को सूचीबद्ध मतदाताओं की जानकारी दी जाती है।
B.घर-घर सत्यापन (Door-to-Door Verification):-
BLO घर जाकर Form-4 (नया नामांकन) भरवाते हैं।
सभी मौजूदा मतदाताओं को दस्तावेज सत्यापन की आवश्यकता नहीं होती। केवल संदिग्ध मामलों (जैसे नाम स्थानांतरित, मृत्यु) में।
नए मतदाता Form-6 भरते हैं।
C.आवश्यक दस्तावेज (Required Documents):-
नए मतदाता:-आधार कार्ड, वोटर ID, पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र आदि।
मौजूदा मतदाता:- केवल अगर नाम हटाने या अपडेट की जरूरत हो (Form-7 या Form-8)।
आधार अनिवार्य नहीं, लेकिन सत्यापन के लिए सहायक।
D.ड्राफ्ट सूची का प्रकाशन :-
सत्यापित डेटा से ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार की जाती है। 7-10 दिनों के लिए सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित।
E.आपत्तियां और दावा :-
कोई भी व्यक्ति नाम जोड़ने/हटाने की आपत्ति दर्ज करा सकता है (ऑनलाइन/ऑफलाइन)।
सुनवाई के बाद अंतिम सूची तैयार।
F.अंतिम सूची का प्रकाशन :-
प्रक्रिया समाप्ति पर अंतिम सूची जारी।
अब आप सभी मतदाओं को इसके लिए क्या करना है उस पर ध्यान दें -
नीचे दी गई लिंक पर जाकर अपना विधानसभा सेलेक्ट करे, उ प्र Election Commission ने वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट साइड पर डालदी है यानी UP में SIR की तैयारी शुरू हो गई हैं इसमें कुछ नहीं करना है , सीधे साईट पर जाकर वहां से अपने बूथ की pdf डाउनलोड करनी है और अपना या अपने बड़ो का वोट ढूंढना है मिल जाता है तो उसका स्क्रीन शॉट लेकर प्रिंट निकलवाना है l
SIR के फॉर्म में सिर्फ इसी प्रिंट को लगाना है अगर आपके पास ये है तो और कोई कागज नहीं देना l
और जो लोग उस समय नाबालिग थे तो वो अपने माता या पिता का 2003 की वोटर लिस्ट में नाम का स्क्रीन शॉट का फोटो लगा दें तो उनको भी इसके सिवा कुछ नहीं देना l
लेकिन अगर किसी का नाम लिस्ट में नहीं है तो उनको वही डॉक्युमेंट्स देने होंगे जो बिहार मे मांगे गए हैं l
तो अभी समय है उन डॉक्युमेंट्स को भी आप लोग तैयार कर सकते है l
लिंक https://ceouttarpradesh.nic.in/rollpdf/rollpdf.aspx
✍️ एड. वाजिद अहमद
नगर अध्यक्ष आसपा फतेहपुर सीकरी!
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