Garhwal Express News

Garhwal Express News To fight against either ligal corruption or illigal corruption with public support.

03/08/2026

कोटद्वार बेस हॉस्पिटल को लेकर Ram Kandwal I ने किये बड़े खुलासे 🔥
बोले क्या कभी कोटद्वार विधायक Ritu Khanduri ने बेस हॉस्पिटल की दवाई खाई है या कभी x-ray करवाया है🤔🤔
तो क्यों ना इन अव्यवस्थाओं को लेकर विधायक पर मुकदमा किया जाए...

03/08/2026

Bjp Yamkeshvar से संजीव चौहान क़ी तैयारी 🔥
क्या बोले अंकिता भण्डारी प्रकरण पर....
रेनू बिष्ट जो पतीले भांडे बर्तन बांट रही है क्या यमकेश्वर का उदय इन चीजों से हो जाएगा???
पूरी खबर...
https://youtu.be/OCLbDjk89lg

www.garhwalexpressnews.com

01/08/2026

पत्रकारिता का काम सवाल पूछना ही है—चाहे सत्ता हो या विपक्ष। जब कोई तरफ “बस मुस्कुराते हुए साथ चलना” दिखता है तो आलोचना स्वाभाविक है। लेकिन एक क्लिप से पूरी पत्रकारिता को “रीढ़हीन” करार देना भी अतिरेक है। कुछ पत्रकार कठिन सवाल पूछते हैं, कुछ नहीं। कुछ सत्ता के करीब रहते हैं, कुछ दूर।
अगर आप इस कैप्शन से सहमत हैं तो यह दर्शाता है कि मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल बढ़ रहे हैं। अगर असहमत हैं तो बताइए—क्या आपको लगता है कि ऐसे मौकों पर भी सवाल पूछे जाने चाहिए, या यह सिर्फ राजनीतिक पोस्टिंग है?
्रकारिता का काम सवाल पूछना ही है—चाहे सत्ता हो या विपक्ष। जब कोई तरफ “बस मुस्कुराते हुए साथ चलना” दिखता है तो आलोचना स्वाभाविक है। लेकिन एक क्लिप से पूरी पत्रकारिता को “रीढ़हीन” करार देना भी अतिरेक है। कुछ पत्रकार कठिन सवाल पूछते हैं, कुछ नहीं। कुछ सत्ता के करीब रहते हैं, कुछ दूर।
अगर आप इस कैप्शन से सहमत हैं तो यह दर्शाता है कि मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल बढ़ रहे हैं। अगर असहमत हैं तो बताइए—क्या आपको लगता है कि ऐसे मौकों पर भी सवाल पूछे जाने चाहिए, या यह सिर्फ राजनीतिक पोस्टिंग है?

01/08/2026

नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में महिलाओं ने शनिवार को दो मनचलों का हाथों हाथ ऐसा ईलाज किया कि ….. मनचलों के मुंह पर कालिख पोती और बिच्छू घास लगाई,

अभी ज़्यादा जानकारी नहीं मिली की आरोपी कहाँ के थे और आख़िर क्या है पूरा मामला

01/08/2026

कर्ज के आरोप लगने पर फूट पड़ा पौड़ी से भाजपा विधायक राजकुमार पोरी का दर्द बोले जिसका भी पैसा देना है सबूत लाओ और पैसा ले जाओ🔥
वरना मुझे मजबूर मत करो कानूनी कार्यवाही करने पर🔥

31/07/2026

कोटद्वार विधायक द्वारा कन्वआश्रम के पुल पर लाइट लगवाई गई और जल्द ही सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएंगे ताकि जंगली जानवर और अराजक तत्वों की निगरानी की जा सके...

30/07/2026

SIR का दूसरा चरण शुरू हो चुका है और इसकी शुरुआत होते ही लोगों में संसय का विषय यह बनता जा रहा है जो उनको नोटिस पहुंच रहे हैं तो इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया ने इस वीडियो के माध्यम से यह बताने की कोशिश की है कि किन-किन को नोटिस आ रहे हैं 🔥

30/07/2026

शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि उत्तराखंड में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है उस पर छात्रों का क्या कहना है🔥
और महेंद्र भट्ट ने जो छात्रों को साला कहा उस पर छात्र क्या सोच विचार रखते हैं 🔥

2012 वाला पुराना नाटक फिर से स्टेज पर आ गया लगता है… बस इस बार किरदार थोड़े बदले हुए हैं और फूलों का गुलदस्ता “सद्भावना”...
30/07/2026

2012 वाला पुराना नाटक फिर से स्टेज पर आ गया लगता है… बस इस बार किरदार थोड़े बदले हुए हैं और फूलों का गुलदस्ता “सद्भावना” का नया प्रॉप्स बन गया है।

याद कीजिए 2012: कोटद्वार से बैठे विधायक शैलेंद्र सिंह रावत को टिकट नहीं मिला, मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ज़ी को उतार दिया गया। नतीजा? सुरेंद्र सिंह नेगी ज़ी ने खंडूरी ज़ी को करीब 4600 वोटों से हरा दिया।

अंदरूनी नाराजगी, टिकट की अनदेखी और “हमारा आदमी नहीं” वाली भावना ने काम किया था।

और हाँ, कई बार यह प्रयास भी किया जाता रहा है (और अफवाहें/आरोप भी लगाए जाते रहे हैं) कि खंडूरी जी को हराने में शैलेंद्र सिंह रावत या उनके समर्थकों का भी हाथ रहा। टिकट कटने के बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी, कैंप में सेंध और “आउटसाइडर” बनाकर पेश करने वाली राजनीति का जिक्र अक्सर होता रहा है। चाहे यह साबित हो या न हो, लेकिन कोटद्वार की सियासी याददाश्त में यह अध्याय हमेशा जिंदा रहा।

अब वही शैलेंद्र सिंह रावत (जो बाद में कांग्रेस गए, फिर वापस भाजपा में लौटे और 2025 में कोटद्वार के मेयर बन गए) और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को फूलों का गुलदस्ता थामे मुस्कुरा रहे हैं। तस्वीर में “पुरानी गलतियों का प्रायश्चित” या “भविष्य की तैयारी” दोनों ही पढ़े जा सकते हैं।

2012 में “टिकट कटने” वाले शैलेंद्र अब मेयर की कुर्सी पर बैठकर पूर्व सीएम के साथ फोटो सेशन कर रहे हैं।
क्या यह “अब हम एक हैं” वाला नया अध्याय है, या कोटद्वार की अगली विधानसभा/स्थानीय राजनीति में किसी और “आउटसाइडर” या “हाईकमान फेवरिट” को सबक सिखाने की तैयारी?

फूलों का गुलदस्ता तो सौगात है, लेकिन पीछे जो संदेश जा रहा है वह साफ है — “कोटद्वार में अब स्थानीय समीकरण फिर से मजबूत हो रहे हैं”।

सीधे शब्दों में: 2012 वाली घटनाक्रम की हू-ब-हू नकल तो नहीं लगती (क्योंकि अब दोनों एक ही पार्टी में हैं), लेकिन “अंदरूनी गठजोड़, पुरानी नाराजगी को भुनाने और खंडूरी वाले अध्याय की याद दिलाने” वाली राजनीति जरूर दोहराई जा रही लगती है। तस्वीर सिर्फ मुलाकात नहीं, बल्कि कोटद्वार की सियासी जमीन पर “हमारा आदमी vs बाकी” वाली पुरानी लड़ाई का नया अध्याय है।

क्या वाकई फिर से कोई “खंडूरी वाला पल” दोहराने की कोशिश है? तस्वीर तो यही संकेत दे रही है कि कम से कम शैलेंद्र रावत और निशंक के बीच अब “फूलों वाला समझौता” हो चुका है। बाकी जनता तय करेगी कि यह गठजोड़ विकास का है या सिर्फ कुर्सी और पुरानी रंजिशों का।

Address

Ghamandpur
Kotdwara
246149

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Garhwal Express News posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share