Kullu Manali Independent

Kullu Manali Independent या तो वक्त बदलेगा या फिर मैं बदलूंगा
पर दोनों में से एक जरूर बदलेगा।

अक्षय खन्ना की मुश्किल बढ़ी.....🤔🤔🤔🤔बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के हेड ने अक्षय खन्ना को ई-मेल करके बोल दिया है जिस दिन बलूच...
09/12/2025

अक्षय खन्ना की मुश्किल बढ़ी.....🤔🤔🤔🤔

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के हेड ने अक्षय खन्ना को
ई-मेल करके बोल दिया है जिस दिन बलूचिस्तान स्वतंत्र देश बनेगा....उस दिन आपको रहमान बलोच के रूप में बलूचिस्तान का प्रथम प्रधानमंत्री बनाया जाएगा ।और आप पर फिल्माया गाना राष्ट्रीय गीत बनेगा....
और यह रिक्वेस्ट नहीं है यह आपको बताया जा रहा है कि आपको बनना है.....हुकुम की तामील हो🤣

09/12/2025

यह कहानी है इजराइल एयर डिफेंस के एक पायलट डेरिल हैगलर की, जिसने मानव जासूसी इतिहास का वो कारनामा कर दिया जो आज भी एक अजूबे के रूप में दर्ज है। उस इजराइली पॉयलट की बहादुरी का वह किस्सा आज भी ईरानी सैनिक अपनी पत्नी और बच्चों को सुनाते है।

7 नम्बर 1992, दिन शनिवार, रात लभगग 7 बजे इजराइल एयरफोर्स का A-4 स्काईवॉक युद्धक विमान बिना किसी पूर्व सूचना के, सभी चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए ईरान के एक खुफिया सैन्य हवाई अड्डे पर उतरा। ईरानी सैनिकों ने तुरन्त ही इज़राइली विमान को घेर लिया। बंदूकों के साये में दोनों हाथ ऊपर उठाए विमान पायलट डेरिल हैगलर बाहर निकले और चुपचाप सरेंडर कर दिया।

ईरानी सेना ने तुरंत उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया और सैन्य एयरबेस पर बनी एक खुफिया जगह पर पूछताछ के लिए ले गए। सबसे पहले तो उनकी और उनके विमान की कड़ी तलाशी ली गई। ईरानी सैनिकों को डेरिल के पास से कोई भी आपत्तिजनक हथियार नहीं मिला। इसके बाद उनके सारे कागजात कब्जे में लेने के बाद पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ। उनसे अचानक एयरबेस पर उतरने का कारण पूछा गया।

दुश्मन सेना की कस्टडी में भी डेरिल की आंखों में न खौफ था, न किसी तरह का डर। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि वह एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ता भटक गए और फ्यूल खत्म होने के कारण उन्हें ईरानी एयरबेस पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी। ईरानी सेना के कई बड़े अफसरों ने उनसे हर तरह से पूछताछ की लेकिन उनका एक ही जवाब रहा। पूरी रात डेरिल से कड़ाई से पूछताछ चलती रही।

इस बीच ईरानी खुफिया तंत्र इस बात की भी जाँच करने में जुट गई कि डेरिल का इज़राइली खुफिया एजेंसी मोसाद से किसी तरह का लिंक या कोई जासूसी इतिहास तो नहीं है। रात भर जाग कर कम्प्यूटर पर आंखें फोड़ने और तमाम सूचनाएं एकत्र करने के बाद भी ईरानी अफसरों को एक भी ऐसा सबूत नहीं मिला जिससे ये साबित होगा कि डेरिल की आपात लैंडिंग कोई साजिश थी।

पूरी रात जागकर, 15 घण्टे की कड़ी जाँच के बाद ईरानी अफसरों को यह मानने को विवश होना पड़ा कि डेरिल एक साधारण सैन्य पॉयलट थे और ईरानी एयरबेस पर उनकी आपात लैंडिंग की असली वजह फ्यूल खत्म होना ही था। 8 नवम्बर की सुबह ईरानी सैन्य बलों ने इज़राइली पॉयलट डेरिल के A-4 स्काईवॉक विमान में स्वयं फ्यूल भरा और पॉयलट को जाने के लिए सेफ पैसेज उपलब्ध कराया।

इजराइली पॉयलट डेरिल ने ईरानी एयरबेस की धरती को चूमा और विमान लेकर इज़राइल की ओर उड़ चले। जाते वक्त ईरानी सैनिकों ने डेरिल को सख्त हिदायत दी कि दुबारा इस एयरबेस पर कभी आपात लैंडिंग भी की तो बिना किसी पूछताछ के गोली मार दी जाएगी। दुश्मन देश की सेना के बीच से जिंदा वापस लौटना बड़ी बात थी और दुबारा उस जगह पर वापस आना, मूर्खता के सिवा कुछ नहीं था।

लेकिन कहते है ज्यादा अक्लमंद बहादुर नहीं होते। उसी शाम यानि 8 नवम्बर को शाम लगभग 6 बजे इज़राइल का वही विमान वापस ईरानी एयरबेस पर लौटा और बिना इजाजत लैंडिंग भी की लेकिन इस बार विमान में सिर्फ पॉयलट डेरिल हैगलर नहीं थे, उनके साथ कोई और भी विमान में सवार था। ईरानी सैनिकों ने विमान को एक बार फिर से घेर लिया।

डेरिल दोनों हाथ ऊपर किए बाहर निकले। लेकिन इस बार डेरिल बिल्कुल बदले हुए नज़र आ रहे थे। इस बार इस इजराइली जाबांज पॉयलट की आंखों में डर था, उसके चेहरे पर खौफ था। एक ईरानी सैन्य अफसर चिल्लाया, तुम्हेँ दुबारा लैंडिंग करने से मना किया था फिर दुबारा क्या करने आए हो। डेरिल तुरंत ही घुटनों के बल बैठ गए और बोले, 'तुम्हें मेरे साथ जो बर्ताव करना है करो, लेकिन विमान के भीतर मेरी पत्नी बैठी है, उसे जाकर बता दो कि मैं कल रात भर कहाँ था।"

26/11 के शहीदों के नाम हैं: हेमंत करकरे, अशोक कामटे, विजय सालस्कर, मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, तुकाराम ओंबले, और कई अन्य वीर...
26/11/2025

26/11 के शहीदों के नाम हैं: हेमंत करकरे, अशोक कामटे, विजय सालस्कर, मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, तुकाराम ओंबले, और कई अन्य वीर जवान जिन्होंने मुंबई आतंकी हमले के दौरान अपनी जान गंवाई। देश इन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जो "शहीदों को शत शत नमन", "अमर वीरों को सलाम", और "कोटि कोटि नमन" जैसे शब्दों के साथ याद किए जाते हैं।
हेमंत करकरे: मुंबई पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते के प्रमुख, जो मुंबई में हुए आतंकी हमलों के दौरान शहीद हुए थे।
अशोक कामटे: मुंबई पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त, जिन्होंने आतंकी हमलों का बहादुरी से सामना करते हुए अपनी जान गंवाई।
विजय सालस्कर: मुंबई पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक, जो आतंकी हमलों में मारे गए।
मेजर संदीप उन्नीकृष्णन: राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के अधिकारी, जो ताज महल पैलेस होटल में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
तुकाराम ओंबले: मुंबई पुलिस के सिपाही, जिन्होंने अजमल कसाब को जीवित पकड़ने के लिए अपनी जान दे दी।
अन्य वीर: हवलदार गजेंद्र सिंह, नागप्पा आर. महाले, किशोर के. शिंदे, और संजय गोविलकर जैसे कई अन्य वीर जवान भी शहीद हुए थे।
इन सभी के अलावा, देश के कई आम नागरिक और अन्य सुरक्षाकर्मी भी इस हमले में शहीद हुए थे, और देश उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

🙏🙏🙏🙏भाई सती दास , भाई मती दास और भाई दयाला को नाना विघि यातनाएं देकर हत्या करने के बाद अंततः मुगलों ने गुरु तेग बहादुर ज...
25/11/2025

🙏🙏🙏🙏
भाई सती दास , भाई मती दास और भाई दयाला को नाना विघि यातनाएं देकर हत्या करने के बाद अंततः मुगलों ने गुरु तेग बहादुर जी की भी हत्या कर दी और सिर धड़ से अलग कर दिया ।
इसके बाद मृत शरीर को अपमानित करने के लिये शरीर के टुकड़े कर दिल्ली के चारों दरवाजों - gates पे लटकाने का आदेश दे दिया ।
बताते हैं कि उस शाम तेज़ आंधी तूफान आया और उसी अंधड़ का फायदा उठा के गुरु के शिष्य सेठ लक्खी शाह ने गुरु जी का धड़ उठा लिया और अपने घर मे छिपा के घर को आग लगा दी ।
घर जल कर भस्म हो गया और इसके साथ ही गुरु जी के धड़ का अंतिम संस्कार भी हो गया ।
उसी समय एक अन्य शिष्य भाई जैता ने गुरु जी का शीश उठा लिया और उसे कपड़े में लपेट के दिल्ली से आनंद पुर साहिब के लिये कूच कर गए जिससे कि गुरु जी के शीश का अन्तिम संस्कार आनंदपुर साहिब में किया जा सके ।
दिल्ली से बमुश्किल 20 मील ही जा पाये थे कि मुगल सैनिक पीछा करते हुए आ गए । भाई जैता और उनके साथी नज़दीक के गांव गढ़ी में जा के छिप गए ।
मुगलों की सेना ने गांव को घेर लिया और खबर भिजवाई कि शीश वापिस कर दो नही तो पूरे गांव का कत्लेआम कर दिया जाएगा ।
गांव ने कहा कि कत्लेआम मंजूर है पर शीश वापस नही जाएगा ।
तभी एक बुजुर्ग खड़े हुए और उन्होंने कहा , नही ......
पूरे गांव को बलिदान देने की ज़रूरत नही है । शीश वापस कर दो ।
इतना कह के अपने बेटे को बुलाया और अपनी हवेली में चले गए ।
कुछ देर बाद उनका बेटा लौटा तो उसके हाथ मे बाप का शीश था ....... मुगलों को वही शीश सौंप दिया गया और गुरु जी का शीश ले कर भाई जैता रात में ही आनंदपुर साहिब के लिए निकल गए ।

उस बुज़ुर्ग का नाम था दादा कुशाल सिंह दहिया ।
आपने गुरु जी के शीश की रक्षा के लिए अपना शीश बलिदान कर दिया था ।
बाद में उस गढ़ी नामक गाँव का नाम बदल के दादा के नाम पे कुशाल गढ़ी कर दिया ...... कालांतर में दशम गुरु महाराज श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने इसे नया नाम दिया बढ़खालसा ........
वो बढ़ खालसा गांव आज भी वहीं है .......उस हवेली में , जहां दादा कुशाल सिंह दहिया ने अपना शीश दिया आज एक भव्य गुरुघर स्थापित है ।
हर साल दादा कुशाल सिंह दहिया की याद में मेला भरता है ।

साभार
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वाहे गुरु🙏🙏
05/11/2025

वाहे गुरु🙏🙏

सरदार बल्लभभाई पटेल की 150वी जयंती पर शत शत नमन। ゚viralシfypシ゚viralシalシ
31/10/2025

सरदार बल्लभभाई पटेल की 150वी जयंती पर शत शत नमन।
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19/10/2025

कुल्लू मनाली इंडिपेंडेंट की और से आप सभी को छोटी दीपावली की शुभकामनाएं

🙏🙏🙏
18/10/2025

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विजयदशमी की सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं ,है श्री राम🚩🚩     ゚viralシfypシ゚viralシalシ
02/10/2025

विजयदशमी की सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं ,

है श्री राम🚩🚩
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जय माता दी, जय श्री राम🚩🚩🚩🚩     ゚viralシfypシ゚viralシalシ   Follower
01/10/2025

जय माता दी, जय श्री राम🚩🚩🚩🚩
゚viralシfypシ゚viralシalシ Follower

भारतीय टीम को बहुत बहुत शुभकामनाएं एशिया कप जीतने की🎉🎉🎂🎂🎂 Indian Cricket Team   Follower 🎊👏💥
28/09/2025

भारतीय टीम को बहुत बहुत शुभकामनाएं एशिया कप जीतने की🎉🎉🎂🎂🎂 Indian Cricket Team Follower 🎊👏💥

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