20/08/2026
खत्म होगा लाइक-कमेंट और व्यूज बटोरने का खेल, सीधे दर्ज होगी FIR
दिव्य हिमाचल
हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों को लेकर सोशल मीडिया पर बिना तथ्यों के वीडियो, रील और भ्रामक सामग्री डालकर निगम की छवि खराब करने वालों पर अब एफआईआर दर्ज होगी। सोशल मीडिया पर लाइक, कमेंट और व्यूज बटोरने के लिए निगम की इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य बसों के संचालन को लेकर गलत जानकारी प्रसारित करना अब महंगा पड़ेगा। निगम प्रबंधन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए साफ कर दिया है कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना बसों के संबंध में गलत प्रचार करने वाले सोशल मीडिया हैंडल संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रबंधन के अनुसार पिछले समय में भी सोशल मीडिया पर निगम की बसों को लेकर गलत प्रचार के एक मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इसके बावजूद कुछ सोशल मीडिया हैंडल संचालक रील और वीडियो बनाकर बिना वास्तविक स्थिति जाने या तथ्यों की जांच किए निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। इससे न केवल यात्रियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है, बल्कि निगम की छवि भी प्रभावित हो रही है।
गौरतलब है कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा को मजबूत करने के लिए नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया है। निगम ने हाल ही में 297 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की है और इनमें से बसों को चरणबद्ध तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 200 रूटों पर चलाया जा रहा है। सरकार और निगम प्रबंधन का प्रयास है कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। ऐसे में निगम प्रबंधन का कहना है कि यदि किसी रूट पर बस को लेकर कोई वास्तविक समस्या है तो उसे तथ्यों के साथ उठाया जा सकता है, लेकिन बिना जानकारी के वीडियो बनाकर या भ्रामक दावे कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। एचआरटीसी के चीफ जनरल मैनेजर पंकज सिंघल ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल की ओर से निगम की बसों के संबंध में बिना तथ्यों के गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम की व्यवस्था से संबंधित किसी भी वास्तविक शिकायत को उचित माध्यम से उठाया जा सकता है, लेकिन जानबूझकर गलत या भ्रामक प्रचार करने वालों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रबंधन सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली ऐसी सामग्री पर नजर रखेगा और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेगा।
फर्जी दावों से यात्रियों में भ्रम
निगम के अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी बस के रूट, खराबी, संचालन, किराये या अन्य व्यवस्था को लेकर गलत जानकारी तेजी से फैलती है। कई बार वीडियो का वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं होता, लेकिन उसे नए दावे के साथ प्रसारित कर दिया जाता है। इससे यात्रियों में भ्रम पैदा होने के साथ-साथ निगम के प्रति गलत धारणा बनती है।