11/08/2026
कालेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित हुई श्रावण मास के दूसरे सोमवार की महाआरती
कुरुक्षेत्र,प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में सावन मास के दूसरे साेमवार की रात्रि को महाआरती का आयोजन किया गया। इस आरती में वैश्य अग्रवाल पंचायत के महासचिव एवं प्रसिद्ध समाजसेवी नवकेतन गोयल ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया, जबकि नगर के प्रमुख समाजसेवी सुरेंद्र सुधा (काका) मुख्य यजमान तथा नगर पार्षद परमवीर सिंह प्रिंस विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अतिथियों का मंदिर में पहुंचने पर श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा, प्रधान यशेन्द्र शर्मा, प्रधानमहासचिव रामपाल शर्मा तथा वरिष्ठ उपप्रधान एवं पूर्व पार्षद नितिन भारद्वाज लाली ने सभा की ओर से वेद मंत्रोच्चारण तथा शंख ध्वनि के बीच पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अतिथियों ने भगवान कालेश्वर की महाआरती की और आशीर्वाद लिया। आचार्य नरेश तथा मंदिर के पुजारी राकेश शुक्ला के नेतृत्व में वेदपाठी ब्राह्मणों ने पूजा अर्चना के पश्चात आरती संप न्न करवाई। सभी अतिथियों को सभा की ओर से आशीर्वाद स्वरूप अंग वस्त्र तथा प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया।
पवित्र कालेश्वर तीर्थ में अब होगा स्वच्छ जल का भराव, अतिथियों ने की ट्यूबवेल लगवाने की घोषणा ----
महाआरती में शामिल मुख्यातिथि नवकेतन गाेयल तथा मुख्य यजमान सुरेंद्र सुधा (काका) ने कालेश्वर तीर्थ में स्वच्छ जल भराव के लिए ट्यूबवेल लगवाने की घोषणा की और कहा कि शीघ्र ही ट्यूबवेल लगवाने का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने बताया कि कालेश्वर तीर्थ के जीर्णोद्धार का कार्य लगभग पांच वर्ष पहले कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने 50 लाख रुपये की अनुमानित लागत से करवाया था लेकिन विकास बोर्ड ने तीर्थ में जलभरने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया जिस कारण तीर्थ बिना जल के ही है। उन्होंने नवकेतन गोयल तथा सुरेंद्र सुधा द्वारा तीर्थ में स्वच्छ जलभराव के लिए ट्यूबवेल लगवाने की घोषणा का स्वागत करते हुए श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा की ओर से उनका आभार व्यक्त किया।
बिना नंदी के हैं कालेश्वर महादेव ----
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने बताया कि श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक सावन मास में सोमवार की रात्रि को विशेष महाआरती का आयोजन किया जाता है। यह एकमात्र शिवालय है जहां पर नन्दी स्थापित नहीं है। उन्होंने बताया कि कालेश्वर की पूजा करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा अर्चना करने आते हैं। श्रावण के मास में कालेश्वर की पूजा करने का विशेष महत्त्व है। रामपाल शर्मा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में महाप्रतापी राजा रावण ने भगवान शिव की पूजा कर काल पर विजय का आशीर्वाद मांगा था। तब रावण ने कहा था कि इस आशीर्वाद के समय कोई साक्षी नहीं होना चाहिए। मान्यता अनुसार नंदी को कैलाश पर्वत पर छोडक़र भगवान शिव ने इसी स्थान पर रावण को काल पर विजय का आशीर्वाद दिया था।