27/07/2026
श्री हरि सर्वजन हिताय महा-प्रार्थना एवं 101 दिव्य मन्त्र-पुष्पांजलि 🌸
**निवेदक:** पंडित विशाल शर्मा, कुरुक्षेत्र
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> **"सच्चे मन से एक बार श्री हरि की इस महा-वंदना को पढ़कर तो देखिए। यह केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से सीधा मिलन है। जाने-अनजाने इस 101 मन्त्रों की स्तुति को पढ़ने या सुनने मात्र से आपके जीवन में असीम शांति, शक्ति और संकट-विनाशक फल की प्राप्ति होगी। आग्रह है—एक बार हृदय से श्री हरि के चरणों में सिर झुकाकर इसे पढ़ें और अपनों के कल्याण हेतु साझा करें!"**
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# # # 🚩 डंके की चोट पर श्री हरि का उद्घोष 🚩
> **हे दीन दयाला, हे कृपाला, हरि है हज़ार हाथ वाला!**
> **मैं कहता डंके की चोट पर, ध्यान से सुनियो लाला...**
> **मेरा श्री है, मेरा हरि है हज़ार हाथ वाला!**
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# # ॥ समर्पण एवं भावभीनी वंदना ॥
**अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में।**
**है जीत तुम्हारे हाथों में, और हार तुम्हारे हाथों में॥**
**मेरा मुझमें कुछ नहीं, जो कुछ है सब तेरा।**
**तेरा तुझको सौंपते, क्या लागे है मेरा॥**
हे घट-घट वासी, जगदाधार श्री हरि! जब संसार के सारे द्वार बंद हो जाते हैं, जब इंसान अपनों की कड़वाहट, गरीबी, तंगी और मान-अपमान से टूटकर बिखर जाता है, तब केवल आपकी शीतल चौखट ही सहारा बनती है। हे करुणा सागर! आंसुओं से भीगे इस हृदय की पुकार सुनिए और इस प्रार्थना को पढ़ने वाले हर प्राणी के कष्टों का हरण कीजिए।
# # ॥ श्री हरि 101 दिव्य मन्त्र-पुष्पांजलि ॥
*(इन 101 मन्त्रों का जाप करने से समस्त दोष व नवग्रहों के दुष্প্রभाव शांत होते हैं तथा मन में असीम शांति एवं ऊर्जा का संचार होता है)*
1. **ॐ श्री विश्वाय नमः** — (हे जगदाधार, सब भार आपके चरणों में अर्पित है)
2. **ॐ श्री विष्णवे नमः** — (हे सर्वव्यापी प्रभु, हर कण में आप ही वास करते हैं)
3. **ॐ श्री वषट्काराय नमः** — (हे यज्ञपति, हमारी भावना स्वीकार करें)
4. **ॐ श्री भूतभव्यभवत्प्रभवे नमः** — (हे भूत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी)
5. **ॐ श्री भूतकृते नमः** — (हे समस्त जीवों के रचयिता)
6. **ॐ श्री भूतभृते नमः** — (हे संसार का पालन-पोषण करने वाले)
7. **ॐ श्री भावाय नमः** — (हे शुद्ध भाव से प्रसन्न होने वाले)
8. **ॐ श्री भूतात्मने नमः** — (हे सभी आत्माओं के मूल आधार)
9. **ॐ श्री भूतभावनाय नमः** — (हे सबकी उन्नति करने वाले)
10. **ॐ श्री पूतात्मने नमः** — (हे परम पवित्र परमात्मा)
11. **ॐ श्री परमात्मने नमः** — (हे परमेश्वर, मेरे हृदय में विराजिए)
12. **ॐ श्री मुक्तानां परमागतये नमः** — (हे भक्तों को परम गति देने वाले)
13. **ॐ श्री अव्ययाय नमः** — (हे अविनाशी प्रभु)
14. **ॐ श्री पुरुषाय नमः** — (हे सर्वोपरि परम पुरुष)
15. **ॐ श्री साक्षिणे नमः** — (हे अंतर्यामी, सब देखने वाले)
16. **ॐ श्री क्षेत्रज्ञाय नमः** — (हे मन की हर पीड़ा जानने वाले)
17. **ॐ श्री अक्षराय नमः** — (हे अनन्त एवं अमर देव)
18. **ॐ श्री योगाय नमः** — (हे योग के परम आधार)
19. **ॐ श्री योगविदां नेत्रे नमः** — (हे भक्तों के सच्चे मार्गदर्शक)
20. **ॐ श्री प्रधानपुरुषेश्वराय नमः** — (हे प्रकृति और पुरुष के स्वामी)
21. **ॐ श्री नृसिंहावपुषे नमः** — (हे संकट काल में भक्त की रक्षा करने वाले)
22. **ॐ श्री श्रीमते नमः** — (हे परम दिव्य कांति वाले)
23. **ॐ श्री केशवाय नमः** — (हे जीवन के समस्त क्लेश हरने वाले)
24. **ॐ श्री पुरुषोत्तमाय नमः** — (हे पुरुषों में सर्वश्रेष्ठ श्री हरि)
25. **ॐ श्री सर्वस्मै नमः** — (हे प्रभु, सब कुछ आप ही हैं)
26. **ॐ श्री शर्वाय नमः** — (हे पापों और दुखों का अंत करने वाले)
27. **ॐ श्री शिवाय नमः** — (हे परम कल्याणकारी वासुदेव)
28. **ॐ श्री स्थाणवे नमः** — (हे अचल और अडिग सहारा)
29. **ॐ श्री भूतादये नमः** — (हे सृष्टि के प्रथम स्रोत)
30. **ॐ श्री निधये अव्ययाय नमः** — (हे भक्ति के अक्षय खजाने)
31. **ॐ श्री सम्भवाय नमः** — (हे भक्तों हेतु अवतार लेने वाले)
32. **ॐ श्री भावनाय नमः** — (हे सबका भला करने वाले)
33. **ॐ श्री भर्त्रे नमः** — (हे भूखों को अन्न देने वाले पालनहार)
34. **ॐ श्री प्रभवे नमः** — (हे परम सामर्थ्यवान स्वामी)
35. **ॐ श्री ईश्वराय नमः** — (हे ब्रह्मांड के सर्वशक्तिमान राजा)
36. **ॐ श्री स्वयम्भुवे नमः** — (हे स्वयं प्रकट होने वाले सनातन)
37. **ॐ श्री शम्भवे नमः** — (हे जीवन में सुख बरसाने वाले)
38. **ॐ श्री आदित्याय नमः** — (हे सूर्य समान दिव्य प्रकाशक)
39. **ॐ श्री पुष्कराक्षाय नमः** — (हे सुंदर कमल जैसे नेत्रों वाले)
40. **ॐ श्री महास्वनाय नमः** — (हे शंखध्वनि से भय भगाने वाले)
41. **ॐ श्री अनादिनिधनाय नमः** — (हे अनादि और अनन्त)
42. **ॐ श्री धात्रे नमः** — (हे संसार को धारण करने वाले)
43. **ॐ श्री विधात्रे नमः** — (हे हमारे भाग्य को संवारने वाले विधाता)
44. **ॐ श्री धातुरुत्तमाय नमः** — (हे सर्वोत्कृष्ट आधार)
45. **ॐ श्री अप्रमेयाय नमः** — (हे अपरंपार महिमा वाले)
46. **ॐ श्री हृषीकेशाय नमः** — (हे हमारी इंद्रियों को शांत करने वाले)
47. **ॐ श्री पद्मनाभाय नमः** — (हे नाभि में कमल धारण करने वाले)
48. **ॐ श्री अमरप्रभवे नमः** — (हे समस्त देवों के देव)
49. **ॐ श्री विश्वकर्मणे नमः** — (हे जगत् के दिव्य शिल्पी)
50. **ॐ श्री मनवे नमः** — (हे मनन करने योग्य परमदेव)
51. **ॐ श्री त्वष्ट्रे नमः** — (हे सुंदर रूप देने वाले)
52. **ॐ श्री स्थविष्ठाय नमः** — (हे अति विशाल एवं विराट रूप)
53. **ॐ श्री स्थविराय ध्रुवाय नमः** — (हे सदा स्थिर रहने वाले सत्य)
54. **ॐ श्री अग्राह्याय नमः** — (हे केवल प्रेम से प्राप्त होने वाले)
55. **ॐ श्री शाश्वताय नमः** — (हे नित्य और सनातन प्रभु)
56. **ॐ श्री कृष्णाय नमः** — (हे अपनी ओर आकर्षित करने वाले श्याम)
57. **ॐ श्री लोहिताक्षाय नमः** — (हे विशाल करुणा दृष्टि वाले)
58. **ॐ श्री प्रतर्दनाय नमः** — (हे शत्रुओं और संकटों को नष्ट करने वाले)
59. **ॐ श्री प्रभूतस्त्रिककुब्धाम्ने नमः** — (हे दसों दिशाओं के रक्षक)
60. **ॐ श्री पवित्राय नमः** — (हे मन को शुद्ध करने वाले)
61. **ॐ श्री परस्मै मङ्गलाय नमः** — (हे परम मंगलमयी श्री हरि)
62. **ॐ श्री ईशानाय नमः** — (हे सब पर शासन करने वाले)
63. **ॐ श्री प्राणदाय नमः** — (हे निराशा में नई सांसें भरने वाले)
64. **ॐ श्री प्राणाय नमः** — (हे हमारे प्राणों के रक्षक)
65. **ॐ श्री ज्येष्ठाय नमः** — (हे सबसे प्राचीन एवं महान)
66. **ॐ श्री श्रेष्ठाय नमः** — (हे सर्वश्रेष्ठ आश्रय)
67. **ॐ श्री प्रजापतये नमः** — (हे अपनी संतान का ध्यान रखने वाले)
68. **ॐ श्री हिरण्यगर्भाय नमः** — (हे तेजोमय स्वर्ण रूप)
69. **ॐ श्री भूगर्भाय नमः** — (हे पृथ्वी को संभालने वाले)
70. **ॐ श्री माधवाय नमः** — (हे मां लक्ष्मी के स्वामी)
71. **ॐ श्री मधुसूदनाय नमः** — (हे क्लेश और अहंकार का नाश करने वाले)
72. **ॐ श्री विक्रमिणे नमः** — (हे असीम पराक्रमी)
73. **ॐ श्री धन्विने नमः** — (हे धनुर्धारी रक्षक)
74. **ॐ श्री मेधाविने नमः** — (हे सद्बुद्धि देने वाले)
75. **ॐ श्री विक्रमाय नमः** — (हे भक्ति का मार्ग दिखाने वाले)
76. **ॐ श्री अनुत्तमाय नमः** — (हे जिनसे बढ़कर कोई नहीं)
77. **ॐ श्री दुराधर्षाय नमः** — (हे कभी न पराजित होने वाले)
78. **ॐ श्री कृतज्ञाय नमः** — (हे भक्त के छोटे से भाव को याद रखने वाले)
79. **ॐ श्री कृतये नमः** — (हे पुरुषार्थ और कर्म रूप)
80. **ॐ श्री आत्मवते नमः** — (हे अपने आप में पूर्ण)
81. **ॐ श्री सुरेशाय नमः** — (हे देवताओं के स्वामी)
82. **ॐ श्री शरणाय नमः** — (हे असहायों के एकमात्र शरणदाता)
83. **ॐ श्री शर्मणे नमः** — (हे परम शांति देने वाले)
84. **ॐ श्री विश्वरेतसे नमः** — (हे ब्रह्मांड के मूल बीज)
85. **ॐ श्री प्रजाभवाय नमः** — (हे जगत् के जनक)
86. **ॐ श्री अह्ने नमः** — (हे अज्ञान का अंधेरा मिटाने वाले)
87. **ॐ श्री संवत्सराय नमः** — (हे काल और समय के स्वामी)
88. **ॐ श्री व्यालाय नमः** — (हे रहस्यमयी लीलाधर)
89. **ॐ श्री प्रत्ययाय नमः** — (हे अटूट विश्वास के प्रतीक)
90. **ॐ श्री सर्वदर्शनाय नमः** — (हे सबकी व्यथा देखने वाले)
91. **ॐ श्री अजाय नमः** — (हे अजन्मा और अनन्त)
92. **ॐ श्री सर्वेश्वराय नमः** — (हे समस्त लोकों के मालिक)
93. **ॐ श्री सिद्धाय नमः** — (हे सदा सिद्ध स्वरूप)
94. **ॐ श्री सिद्धये नमः** — (हे कार्यों में सफलता देने वाले)
95. **ॐ श्री सर्वादये नमः** — (हे सब में विराजमान परमदेव)
96. **ॐ श्री अच्युताय नमः** — (हे अपने भक्तों का हाथ कभी न छोड़ने वाले)
97. **ॐ श्री वृषाकपये नमः** — (हे धर्म और सत्य की रक्षा करने वाले)
98. **ॐ श्री अमेयात्मने नमः** — (हे अगाध प्रेम के सागर)
99. **ॐ श्री सर्वयोगविनिःसृताय नमः** — (हे सभी बंधनों से मुक्त करने वाले)
100. **ॐ श्री सर्वदुःखहराय नमः** — (हे समस्त दुखों और तानों को हरने वाले)
101. **ॐ श्री वासुदेवाय नमः** — (हे अखिल ब्रह्मांड नायक श्री कृष्ण)
# # ॥ अश्रुपूर्ण सर्वजन हिताय स्तुति ॥
**हे दीनबंधु! हे अंतर्यामी!**
संसार में कोई रोगी है, कोई निर्धन है, कोई अपनों के कड़वे तानों से छलनी है, तो कोई मानसिक संताप में आंसू बहा रहा है। हे हजार हाथ वाले प्रभु! अपनी हजार भुजाएं फैलाकर हर थके-हारे भक्त को अपनी गोदी में उठा लीजिए।
> **"जब दांत न थे तब दूध दिया, जब दांत दिए क्या अन्न न देगा?**
> **काहे को सोच करे मन मूरख, पालनहार सब भार सहेगा॥"**
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हे श्री हरि! हमारे समस्त दुखों और नवग्रहों के दुष্প্রभावों को शांत कर दीजिए। हमारे घरों में सुख, शांति, प्रेम और लक्ष्मी का वास दीजिए। यह प्रार्थना केवल मेरी नहीं, हर उस प्राणी की है जो इस धरती पर शांति और स्वाभिमान की तलाश में संघर्ष कर रहा है।
# # # ॥ सिद्ध महामंत्र ॥
**प्रार्थना प्रेषक व निवेदक:**
**पंडित विशाल शर्मा, कुरुक्षेत्र**
*(यदि इस प्रार्थना से आपके मन को शांति मिली हो, तो इसे अन्य दुखियों व भक्तों के हित में अवश्य साझा करें।)*