10/08/2026
20 साल पहले सुरेंद्र मैहला बलडी के कथित फर्जी एनकाउंटर के समय रोड समाज की चुप्पी… और आज फिर वही सवाल।
आज से करीब 20 वर्ष पहले सुरेंद्र मैहला बलडी का कथित फर्जी एनकाउंटर हुआ था। उस समय रोड समाज की चुप्पी ने समाज की कमजोर सामाजिक नेतृत्व व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
आज 20 साल बाद फिर रोड समाज के 20 वर्षीय हर्ष के एनकाउंटर ने कई गंभीर सवाल हमारे सामने खड़े कर दिए हैं।
एनकाउंटर फर्जी है या वास्तविक—यह जाँच का विषय है। लेकिन कुछ सवालों के जवाब समाज और प्रशासन दोनों को देने चाहिए:
1. अगर हर्ष का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, तो उसके खिलाफ इतनी गंभीर कार्रवाई की नौबत कैसे आई?
2. मामले में उसकी सीधी संलिप्तता का स्पष्ट प्रमाण क्या था?
जब किसी दूसरे समाज ने अपने पक्ष में मजबूती से आवाज उठाई, तो विधायक जगमोहन आनूद की ओर से 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या रोड समाज की कमजोर सामाजिक नेतृत्व व्यवस्था इसका एक कारण है?
हमें किसी के खिलाफ नफरत नहीं, बल्कि अपने समाज के लिए मजबूत और जिम्मेदार नेतृत्व चाहिए।
रोड समाज को ऐसी Quality Leadership की जरूरत है जिसमें युवाओं की भागीदारी हो, जो कानून के दायरे में रहकर समाज की आवाज मजबूती से उठा सके और जरूरत पड़ने पर प्रशासन से सवाल पूछ सके।