Jitendra Chauhan Official

Jitendra Chauhan Official Amazing Post || Video's || Entertainment

Like kro ❤️ Follow kro 👈🤝👍

ऐसे रिश्तों के बीच रहने का कोई मतलब नहीं.....
27/05/2026

ऐसे रिश्तों के बीच रहने का कोई मतलब नहीं.....

“माँ का प्यार ही जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत है। ❤️दुनिया चाहे कितनी भी बदल जाए,लेकिन माँ का साथ और दुआएँहमेशा इंसान को मजब...
26/05/2026

“माँ का प्यार ही जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत है। ❤️
दुनिया चाहे कितनी भी बदल जाए,
लेकिन माँ का साथ और दुआएँ
हमेशा इंसान को मजबूत बनाती हैं

दुनिया में दो औरतों से बहुत प्यार करो ।
26/05/2026

दुनिया में दो औरतों से बहुत प्यार करो ।

दुसरों की बुराई करके खुदको ऊंचा दिखाने वाले ये भूल जाते हैं कि वक्त, समय आने पर बड़े से बड़े झूठें इंसान का नकाब उतार देत...
26/05/2026

दुसरों की बुराई करके खुदको ऊंचा दिखाने वाले ये भूल जाते हैं कि वक्त, समय आने पर बड़े से बड़े झूठें इंसान का नकाब उतार देता है...
Jitendra Chauhan Official

Very good morning 😊🍫
26/05/2026

Very good morning 😊🍫

एक दूसरे से बोलना सीखो...
26/05/2026

एक दूसरे से बोलना सीखो...


जीवन की सीख...
26/05/2026

जीवन की सीख...

समय और शब्द दोनों अनमोल हैं....Jitendra Chauhan Official
26/05/2026

समय और शब्द दोनों अनमोल हैं....

Jitendra Chauhan Official

अफवाहों का दौर चल रहा है साहब जरा बचके रहना....कानों में भर जाने वाला विष रिश्ते बर्बाद कर देता है
25/05/2026

अफवाहों का दौर चल रहा है साहब जरा बचके रहना....
कानों में भर जाने वाला विष रिश्ते बर्बाद कर देता है

रामायण से हम क्या सिख सकते हैं आइए जानिए...Jitendra Chauhan Official
25/05/2026

रामायण से हम क्या सिख सकते हैं आइए जानिए...

Jitendra Chauhan Official

कितनी अजीब बात है न…आज जिन घरों से चीखें निकल रही हैं, वहाँ अक्सर डिग्रियाँ टंगी मिलती हैं।किसी ने MBA किया है, कोई बड़ी...
25/05/2026

कितनी अजीब बात है न…
आज जिन घरों से चीखें निकल रही हैं, वहाँ अक्सर डिग्रियाँ टंगी मिलती हैं।
किसी ने MBA किया है, कोई बड़ी कंपनी में नौकरी करता है, कोई कैमरे की चमक में दिखाई देता है…
कमाने की ताकत है, दुनिया घूम लेने की क्षमता है, अकेले रहकर जिंदगी काट लेने का साहस भी है…
फिर भी वही लोग कभी पंखे से लटकते मिलते हैं, कभी अखबार की सुर्खियों में “पत्नी की हत्या”, “पति का आत्महत्या”, “कपल का दुखद अंत” बन जाते हैं।
तब मन एक सवाल पूछता है...
क्या सचमुच पढ़ाई इंसान को समझदार बना देती है…?
या सिर्फ सफल दिखना सिखाती है…?
पुराने समय के लोग कम पढ़े होते थे,
लेकिन रिश्तों को “उपयोग” नहीं, “उपस्थिति” समझते थे।
आज लोग एक-दूसरे को समझने से पहले “मैनेज” करने लगते हैं।
थोड़ी असहमति हुई नहीं कि अहंकार कमरे में आकर बैठ जाता है।
एक झुकना नहीं चाहता, दूसरा सुनना नहीं चाहता…
और बीच में रिश्ते धीरे-धीरे दम तोड़ने लगते हैं।
मुझे एक घर याद आता है…
बहुत सामान्य-सा घर…
जहाँ एक माँ की आँखें पिछले सात-आठ वर्षों से ठीक से सोई नहीं होंगी।
उन्होंने अपनी बेटी की शादी बड़े सपनों से की थी।
आज उस बेटी के दो बच्चे हैं…
लेकिन उन सात-आठ वर्षों में शायद दस बार पंचायत बैठी, दस बार थाना गया।
हर बार वही दृश्य…
रात में फोन बजता…
माँ का चेहरा सफेद पड़ जाता…
वह भागती हुई जाती…
अपनी बेटी को वापस घर लाती…
उसके लिए कपड़े, दवाइयाँ, खाना, हिम्मत… सब समेट लाती।
फिर कुछ दिन बाद ससुराल वाले आते…
माफी मांगते…
“अब ऐसा नहीं होगा…”
और बेटी…
जिसके दिल में चोट से ज्यादा “पति” बसा होता है…
जो अपने बच्चों को टूटते घर में नहीं देखना चाहती…
वह पिघल जाती।
वह कहती—
“इस बार शायद सब ठीक हो जाएगा…”
और माँ…
जिसने अपनी बच्ची को जन्म दिया था…
फिर उसी बच्ची को काँपते दिल से विदा कर देती।
लेकिन कहानी फिर वहीं लौट आती।
कई बार मैंने भी कहा—
“उसे वापस ले आइए… हमेशा के लिए…”
बहुत समझाया…
बहुत बार कठोर बनने की कोशिश की…
लेकिन रिश्ते बाहर वालों की सलाह से नहीं चलते।
उनके अंदर एक अदृश्य धागा होता है…
जिसे दुनिया “मोह” कहती है,
और वही मोह कई बार इंसान को टूटते हुए भी वापस उसी दरवाजे तक ले जाता है जहाँ उसे सबसे ज्यादा दर्द मिला होता है।
सच कहूँ…
पति-पत्नी के बीच क्या चल रहा होता है, यह दुनिया बहुत कम जानती है।
हम दूर बैठकर चेहरों को देखकर फैसले सुना देते हैं।
जो आदमी समाज में बेहद सभ्य दिखता है, जरूरी नहीं घर में भी वैसा ही हो।
और जो औरत बाहर कठोर दिखाई देती है, हो सकता है भीतर से हर रात टूटकर रोती हो।
अब तो हाल यह हो गया है कि
“कौन सही है” और “कौन गलत”—
यह तय करना अदालत से भी कठिन लगने लगा है।
क्योंकि रिश्तों की असली लड़ाई आवाज़ों में नहीं होती…
वह उन खामोशियों में होती है
जहाँ कोई धीरे-धीरे अंदर से मर रहा होता है
और दुनिया समझ रही होती है कि सब ठीक है।
इसलिए किसी के जीवन पर टिप्पणी करने से पहले
थोड़ा ठहरिए…
क्योंकि जो स्त्री हर त्योहार पर मुस्कुराती तस्वीर डाल रही है,
हो सकता है उसने पिछली रात तकिया भिगोया हो।
जो पुरुष बाहर सबको हँसा रहा है,
हो सकता है भीतर इतना अकेला हो कि खुद से बात करने से डरता हो।
और जो रिश्ता बाहर से “परफेक्ट” दिख रहा है,
कई बार वही अंदर से सबसे ज्यादा घायल होता है।
डिग्रियाँ इंसान को नौकरी दे सकती हैं…
लेकिन रिश्ता निभाने के लिए अब भी दिल, धैर्य, त्याग और संवेदना ही चाहिए।
वरना पढ़े-लिखे लोग भी
कभी-कभी जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा में
अनपढ़ साबित हो जाते हैं।RelationshipReality

Jitendra Chauhan Official ❤️


















Address

Kushinagar
274403

Telephone

+919897315633

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Jitendra Chauhan Official posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Jitendra Chauhan Official:

Share