09/09/2026
“कैमरा चल रहा था तो रिकॉर्डिंग कहां है?” देवरिया पुलिस से हाईकोर्ट का सीधा सवाल
“कोर्ट से माफी मत मांगिए, जनता से माफी मांगिए।”
CCTV बंद, रिकॉर्डिंग गायब और पुलिस के जवाबों पर हाईकोर्ट नाराज, देवरिया मामले में अब जवाबदेही पर बड़ा सवाल।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की यह टिप्पणी देवरिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जस्टिस जे. अतुल श्रीधरन ने थाने के CCTV कैमरों के काम न करने और रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने पर SHO और SP से तीखे सवाल किए।
मामला याचिकाकर्ता को कथित तौर पर 10 दिन तक अवैध हिरासत में रखने के आरोप से जुड़ा है। ऐसे में CCTV फुटेज अहम साक्ष्य हो सकता था।
कोर्ट ने SHO से पूछा- “अगर 14 अप्रैल से कैमरा काम कर रहा था तो रिकॉर्डिंग कहां है? आप दो महीने तक SHO रहे, रिकॉर्डिंग कहां है?”
SHO इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
SP ने कोर्ट से माफी मांगी तो जस्टिस श्रीधरन ने दो टूक कहा- “कोर्ट से माफी मत मांगिए। जनता से माफी मांगिए।”
कोर्ट ने SP से पूछा कि इतनी गंभीर लापरवाही के बावजूद SHO को सस्पेंड क्यों नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से सवाल किया- “क्या आप दोनों पर प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपए का मुआवजा लगाया जाए?”
SP ने बताया कि 13 अप्रैल की रिकॉर्डिंग कुछ हिस्सों में उपलब्ध थी और CCTV सिस्टम को रीसेट करना पड़ा। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर तकनीकी खराबी थी तो उसे जांचने के लिए CCTV कंपनी के विशेषज्ञ को क्यों नहीं बुलाया गया?
कोर्ट ने SHO से पुलिस अकादमी में ली गई शपथ के बारे में भी सवाल किया, लेकिन SHO इसका जवाब नहीं दे सके।