06/01/2026
यह फैसला भारतीय न्यायिक इतिहास में मील का पत्थर है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को लेकर फैली तमाम गलतफहमियों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मेरिट पर कोई जाति या वर्ग का बंधन नहीं होता।
सर्वोच्च अदालत ने साफ कहा है कि यदि SC, ST, OBC वर्ग के अभ्यर्थी अगर जनरल कैटेगरी के कट-ऑफ से अधिक अंक हासिल करते हैं, तो उन्हें जनरल कैटेगरी की सीटों पर सरकारी नौकरी पाने का पूरा अधिकार है।
यह निर्णय न केवल समानता और न्याय के संवैधानिक मूल्यों को मजबूती देता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आरक्षण प्रतिभा के खिलाफ नहीं, बल्कि अवसरों की असमानता के खिलाफ है।