10/05/2026
ट्रैकर की मौत पर उठे सवाल: पहले करंट से मौत बताया, फिर पेड़ से गिरने की बात
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पलामू टाइगर रिजर्व के साउथ डिविजन अंतर्गत गारू पूर्वी वन क्षेत्र में कार्यरत ट्रैकर लल्लू उरांव 40 वर्ष की मौत के बाद मामला विवादों में घिर गया है। घटना शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। शुरुआत में वन विभाग के अधिकारियों ने करंट लगने से मौत होने की बात कही, लेकिन कुछ घंटों बाद मृतक की पत्नी द्वारा दिए गए आवेदन में पेड़ से गिरने से मौत की बात सामने आई। इससे पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, वन विभाग के कर्मियों के आवास के पास बिजली की खराबी ठीक कराने के लिए एक वनरक्षी के कहने पर लल्लू उरांव को पेड़ पर चढ़ाया गया था। बताया जाता है कि इसी दौरान वह बिजली की चपेट में आ गए और नीचे गिर पड़े। घटना के बाद उन्हें आनन-फानन में रात करीब 8 बजे वन विभाग की गाड़ी से रेफरल अस्पताल गारू लाया गया।
चिकित्सा प्रभारी डॉ. जुबेर आलम ने बताया कि मरीज के साथ आए लोग रेफर लिखने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के पहुंचने और अस्पताल में एंट्री होने से पहले ही मरीज को लेकर लातेहार चले गए। वहीं मृतक के साले संजीत उरांव ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी परिजनों को समय पर नहीं दी गई। गांव में चर्चा फैलने के बाद परिवार को इसकी जानकारी मिली।
शनिवार सुबह गारू पूर्वी रेंजर उमेश कुमार दुबे ने कहा कि करंट लगने से वनकर्मी लल्लू उरांव की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि वन विभाग पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देगा तथा मृतक को शहीद का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं डीएफओ कुमार आशीष ने भी कहा कि ड्यूटी के दौरान मौत होने के कारण विभाग हरसंभव मदद करेगा और शहीद का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं बिजली विभाग के जेई राजेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें भी सूचना मिली है कि वनकर्मी की मौत बिजली की चपेट में आने से हुई है।
हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद मृतक की पत्नी बिंदो देवी द्वारा रेंजर को दिए गए आवेदन में कहा गया कि लल्लू उरांव हिरण का चारा काटने के लिए पेड़ पर चढ़े थे और गिरने से उनकी मौत हुई। ग्रामीणों के अनुसार आवेदन दिए जाने के दौरान सांसद प्रतिनिधि मंगल उरांव और जिप सदस्य जीरा देवी भी मौजूद थे। इसी दौरान रेंजर द्वारा ढाई लाख रुपये मुआवजा देने तथा परिवार के दो सदस्यों को दैनिक मानदेय पर काम देने की बात भी कही गई।
मृतक के बड़े भाई मिलेम उरांव, जो पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में अनुसेवक के पद पर कार्यरत हैं, ने पत्नी के आवेदन पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे का लालच देकर बयान बदलवाया गया ताकि वन विभाग अपनी लापरवाही छुपा सके। उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत हो गई, लेकिन उन्हें इसकी सूचना तक नहीं दी गई। अब मामले में मौत के वास्तविक कारण को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही