17/05/2026
15 मई को भगवान परशुराम चैरिटेबिल ट्रस्ट की प्रबंध कार्यकारिणी, ट्रस्ट की समस्त समितियों व ट्रस्टियों की मीटिंग सेवा सदन पर पी सी बौहरा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें संरक्षक मंडल, प्रबंध कार्यकारिणी व समितियों के सभी सदस्य व ट्रस्टी उपस्थित हुए। मीटिंग का प्रारम्भ आराध्य भगवान श्री परशुराम जी की जय से हुआ। मीटिंग का संचालन महेश शर्मा पूर्व सरपंच ने किया। प्रारंभ में ट्रस्ट के महासचिव महेश शास्त्री ने एजेंडे से अवगत कराया। अध्यक्ष पी सी बौहरा ने अपनी बात रखते हुए बताया कि 13 मई को परशुराम शोभा यात्रा समिति ने मेरे ऊपर शोभायात्रा निकालने का विरोध करने का झूठा आरोप लगाए व नारेबाजी की इससे ट्रस्ट की छवि प्रभावित हुई समाज की भव्य धर्मशाला के निर्माण की मांग पर ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष स्व.बनवारीलाल शर्मा के नेतृत्व में सभी के आर्थिक सहयोग व कर्मठ भावना से धर्मशाला निर्माण उसका संचालन नियंत्रण व रखरखाव जैसे मूल उद्देश्य के लिए ट्रस्ट स्थापना की व ट्रस्टियों ने विधान व नियम तय किए किसी भी ट्रस्टी ने शोभायात्रा का विरोध व वयानवाजी नहीं की है। शोभा यात्रा समिति की सूची देकर उन्हें ट्रस्ट में जबरन विलय का दबाब बनाने की कोशिश की। सूची में अधिकांश ट्रस्टी नहीं है। ट्रस्टी बनने व ट्रस्टी के रुप मे सम्मलित होने के नियम डीड में निर्धारित हैं। ट्रस्ट की समितियों में ट्रस्टी ही समिति सदस्यों के रुप में सम्मलित किए जाते हैं जिनमें ट्रस्टी ही सदस्य होते हैं। ट्रस्ट की प्रबंध कार्यकारिणी व विधि समिति ने भी अपनी मीटिंग में उनके सशर्त विलय पत्र पर असहमति दी है। इनके द्वारा तैयार सूची पर हस्ताक्षर करने और शोभायात्रा के लिए ट्रस्ट से राशि देने के लिए जबर्दस्ती दबाब बनाने की कोशिश की । मैने स्पष्ट किया कि समिति हर साल की तरह इस बार भी शोभायात्रा खुशी और उल्लासपूर्ण तरीके से अपने स्तर से शोभायात्रा निकाले। ट्रस्ट ने शोभायात्रा निकालने का कभी विरोध नहीं किया और ना ही करेगा। व्यक्तिगत तौर पर मुझे व ट्रस्ट को शोभा यात्रा निकालने का विरोधी बताते हुए अनर्गल रूप से नारेबाजी शुरू कर दी। मीटिंग मे ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष पूर्व मंत्री स्व. बनवारी लाल शर्मा के पुत्र पंकज शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से ट्रस्ट के प्रति सोशल साइट्स पर चल रही गतिविधियों को देखकर मेरा मन बहुत व्यतिथ हुआ ।सभी के श्रद्धेय श्री बनवारी लाल शर्मा ने आप सभी के आर्थिक सहयोग से समाज की भव्य धर्मशाला बनबाने के लिए ट्रस्ट बनाई। आज इस ट्रस्ट में जो भी वातावरण चल रहा है उससे अपने समाज के साथ अन्य समाजों में बहुत गलत संदेश जा रहा है उन्होनें दौनों पक्षों से पूर्णअनुशासन ,मर्यादा व संयम के साथ ट्रस्ट की गरिमा बनाए रखते हुए अपनी न्यायोचित बात रखने का अनुरोध करते हुए कहा कि बडा समाज है अलग अलग संगठन व संस्थाएं हैं सब अपने अपने तरीके से एकता व सेवा भाव कर रहे हैं बडे परिवार में आवश्यकता विचार और काम के हिसाब से चूल्हे अलग अलग हो सकते हैं समय पर पूरा परिवार एक हो जाता है वही संदेश कायम रखना चाहिए समाज हित में आपस में प्रतिस्पर्धा से परहेज रखना होगा। पूर्व सभापति व ट्रस्टी रीतेश शर्मा ने कहा कि ट्रस्ट का अध्यक्ष कोई भी हो ट्रस्ट के अध्यक्ष को ट्रस्ट के हित में ट्रस्ट के संरक्षण के लिए निर्णय लेने का पूरा अधिकार है समाज और ट्रस्ट परिवार ट्रस्ट का संरक्षण करने में पूरा सहयोग करेगा। सतीश शर्मा मैनेजर ने कहा कि किसी भी प्रकार का सशर्त विलय ट्रस्ट में कभी स्वीकार्य नहीं होगा और उन्होनें कठोर शब्दों में अनर्गल नारेवाजी की घोर भर्त्सना की अपने अपने विचार रखते हुए पूर्व सरपंच राजेश शर्मा मंहदपुरा ने विनम्रतापूर्वक शोभायात्रा समिति का पक्ष रखते हुए कहा कि समिति ट्रस्ट के साथ मिलकर ट्रस्ट के नाम से शोभायात्रा निकलना चाहती थी लेकिन अनौपचारिक बातचीत के कारण इसका गलत अर्थ प्रकाशित हुआ। रमेश महेरे मछरिया ने कहा कि गैर मर्यादित तरीके से दबाब बनाकर विलय की बात ट्रस्ट में कभी स्वीकार्य नहीं है समाज में हर व्यक्ति की अपनी प्रतिष्ठा है किसी प्रकार की टीका टिप्पणी व गतिविधि करने से पहले व्यक्ति की उम्र प्रतिष्ठा और मर्यादा का ध्यान रखना नितांत आवश्यक है सभी ट्रस्ट व समाज की एकता के लिए मर्यादित भाषा का प्रयोग करें। संदेश की विशंभर दयाल शर्मा ने ट्रस्ट व शोभा समिति से समाज में एकता की भावना से कार्य करने का अनुरोध किया कुक्कू शर्मा ने ट्रस्ट में अनुशासनहीनता का प्रबल विरोध प्रकट किया। राजेश बौहरा वरेह ने ट्रस्ट परिवार का वातावरण दूषित करने की कडे शबदों में भर्त्सना की और कहा कि ट्रस्ट हित के लिए पूरा परिवार एक है। पूर्व सरपंच अनुराग मुदगल व नत्थीलाल शर्मा एडवोकेट ने ट्रस्ट में अनुशासन पर विशेष बल दिया, मुकेश हनुमानपुरा, डाँ. रामरज लाल शर्मा, पं.किशन चंद शर्मा वैध सतीश शर्मा सहित उपस्थित ट्रस्टियों ने अपने विचार रखे। अधिकांश ट्रस्टियों ने अनर्गल नारेवाजी के लिए निंदा की। अधिकांश वक्ताओं ने ट्रस्ट में अनुशासन बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाए जाने व निर्णय के साथ अनुशासनात्मक कार्यवाई करने पर जोर दिया व मीटिंग में उपस्थित ट्रस्टियों ने बहुमत से हाथ खडे करते हुए अनुमोदन कर अनुशासनहीनता के लिए कठोर कारवाई किए जाने का निर्णय पारित किया।
मीटिंग में वक्ताओं सहित डाँ.रमेश चंद्र तिवारी वासुदेव शर्मा प्रिंस हुंडावाल, महेश बौहरे वरेह वैध कन्हैयालाल रामकुमार ददधा गिरीश पाराशर अशोक पचौरी उपेंद्र दत्त शर्मा संजय शर्मा राजेश कुमार शर्मा बनवारी लाल शर्मा राजेश पाठक राजेश तिवारी यादवेंद्र शर्मा संजय दीक्षित सतीश दीक्षित कैलाश चंद शर्मा अमित मुद्गल राजेश मुद्गल रामनाथ अरेला प्रदीप कुमार शर्मा राजेश तिवारी बंटी बरेह मुकेश हनुमानपुरा राजेश शर्मा महदपुरा मुकेश शर्मा मुकेश स्वरुप शर्मा शिवनारायण शर्मा नत्थी लाल शर्मा विशंभर और दयाल शर्मा राजेश गुधैनिया राम प्रकाश शर्मा महेश कुमार शर्मा महेश मुद्गल एडवोकेट श्याम सुंदर शर्मा मुकेश कुमार शर्मा बबलू शर्मा टहरी राजेश बौहरे बरेह राकेश शर्मा विनीता शर्मा श्रीनिवास शर्मा पूर्व लेखाधिकारी श्रीनिवास शर्मा परौआ डॉ सतीश कुमार शर्मा बालमुकुंद शर्मा रामगोपाल शर्मा हरीनिवास शर्मा प्रधान शिवकांत शर्मा खलीफा मनोज मुद्गल शिवकुमार मुद्गल गिरिजेश मुदगल, हरिओम शर्मा अनिल भारद्वाज राजेंद्रनाथ ,नत्थीलाल शर्मा एडवोकेट, मिठ्ठन लाल शर्मा लवकुश शर्मा लववो विशंभर शर्मा, मुकेश स्वरुप शर्मा, डाँ.आशीष शर्मा, रमाशंकर शर्मा, राधेश्याम शर्मा सहित कई ट्रस्टी उपस्थित रहे।