12/10/2026
पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, का निर्माण कुशीनगर में तेजी से चल रहा है। यह प्रदेश का पांचवां राज्य कृषि विश्वविद्यालय है। इसे पूर्वांचल के किसानों और युवाओं के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर करीब 145 एकड़ जमीन पर बन रहा है, जो लगभग 390 एकड़ के बड़े भू-आवंटन का हिस्सा है। यह देवरिया-कसया रोड क्षेत्र में रामाभार स्तूप और मैत्रेय परियोजना की जमीन के पास स्थित है।
निर्माण के प्राथमिक चरण पर करीब ₹450 से 500 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। पहले की रिपोर्टों में अन्य घटकों को जोड़कर पूरी परियोजना का अनुमान इससे अधिक, करीब ₹750 करोड़ तक बताया गया था।
विश्वविद्यालय का लक्ष्य आधुनिक कृषि शिक्षा, तकनीक, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है, जिसमें गन्ना, उद्यानिकी और खाद्य प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसका लाभ पूर्वी उत्तर प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा।