Rooh_mysoul

Rooh_mysoul कभी आपकी तो कभी अपनी बस कहानियाँ सुनाती हूँ।

19/12/2025

           #अज्ञात
18/12/2025

#अज्ञात

       #अज्ञात
09/12/2025

#अज्ञात

तुम्हारे खतों का पुलिंदा जो रख छोड़ा था संदूक में उसमें हर बार कुछ नया दिख जाता है एक ख़त में देर से उठने की डांट मिली चा...
08/12/2025

तुम्हारे खतों का पुलिंदा जो
रख छोड़ा था संदूक में
उसमें हर बार कुछ नया दिख जाता है

एक ख़त में देर से उठने की डांट मिली
चाय के ठंडे निशान मिले
बाबा की बीमारी की चिंता दिखी

दूसरे में तुम्हारी छुटकी की गुड़िया की मुस्कान थी
टीचर की डांट
हवा से बात करती तुम्हारी बाइक की रफ्तार मिली

किसी में चोट के निशान मिले
जो मेरी खिड़की से कूदते वक्त लगी थी तुम्हें
शीशा मिला जिसे चमका, इशारे करते थे

एक में कान की बाली मिली जो
तुम्हारे स्वेटर में अटक गई थी उसे रात
एक सूखी सी पत्ती भी लिपट दिखी
जिससे सहलाया था तुमने मेरा हाथ

एक ख़त उड़ा रहा है तुम्हारे पसंदीदा सेंट की खुशबू
एक में पहला चुंबन की तपिश है
पहली तकरार की मिठास भी

एक ख़त है में है दो नाम - बच्चों के

एक में,
तुम्हारे पापा की तुमसे ना मिलने की
सख्त हिदायत मिली
और मिली मेरी
उनसे गुहार की दरकार

एक ख़त जो बरसों से ढूंढ रही हूं
आज भी नहीं मिला
जिसमें तुमने वादा जड़ा था कि
हम, एक रोज मिलेंगे

पल्लवी गर्ग
(मेरे शब्दों में छिपकर मुस्कुराते हो तुम)

आइए, साथ मिल कर चलते हैं इश्क़ के सात मक़ाम पर.... और इनमें से एक मक़ाम पर मिलेंगे हम... बाक़ी छः मकामों पर भी कुछ खूबसूर...
20/11/2025

आइए, साथ मिल कर चलते हैं इश्क़ के सात मक़ाम पर.... और इनमें से एक मक़ाम पर मिलेंगे हम... बाक़ी छः मकामों पर भी कुछ खूबसूरत लोग कुछ खास एहसास के साथ मिलेंगे आपको.... साथ में कुछ संगीत होगा... किसी का प्यार होगा... तो किसी की यादें होंगी...
वादा है आपसे... आप इस शाम को भूल नहीं पाएंगे ❤️

   #अज्ञात
16/11/2025

#अज्ञात

         #अज्ञात
15/10/2025

#अज्ञात

इख़्तियार - वश, काबू
14/10/2025

इख़्तियार - वश, काबू

         #अज्ञात
19/09/2025

#अज्ञात

Address

Lucknow
Lucknow
227813

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Rooh_mysoul posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share