20/12/2024
*उदय किसी का भी अचानक नही होता*
*सूर्य भी धीरे धीरे निकलता है*
*और ऊपर उठता है*
*धैर्य और तपस्या जिसमे है*
*वही संसार को प्रकाशित कर सकता है*
आज हमारा व प्रिय अनुज राज पाण्डेय व लखनऊ धरा पर अवतरण दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रभु से प्रार्थना है दीर्घायु करें नित नई ऊंचाइयां को छुए आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं सहित सदैव आप सभी के प्यार दुलार आशीर्वाद का आकांक्षा सुप्रभात आप सभी को सादर प्रणाम🎉🎉🎉
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मेरा पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना
मैं समुंदर हूं लौट के आऊंगा जरूर.......
आप सभी को सादर प्रणाम सदैव आप सभी के प्यार दुलार वह आशीर्वाद का आकांक्षी आपका सेवक