21/04/2026
चुस्लाम वालों को मोहब्बत रास नहीं आई, इसलिए वो अपने ही बेटी दामाद के दुश्मन बन गये । बंगाल के रहने वाले मोहम्मद आसिफ का हिंदू धर्म के प्रति लगाव बहुत ज्यादा था वो शुरु से ही कुरान के बजाय गीता में विश्वास रखता था ।
आसिफ जब 24 साल का जवान हुआ ,तो घर वालों ने उसका निकाह ज़ोया खान नाम की लड़की संग करवाया । सब कुछ ठीक ठाक ही चल रहा था । लेकिन बंगाल में हिन्दुुओं की परिस्थिति व उनके साथ हो रहे अ•न्याय देख कर पता नहीं क्यों आसिफ के मन के भीतर हजारों सवाल उठते थे , लेकिन वो क्या ही कर सकता था , वहीं दूसरी तरफ उसको अपने मजा + हब , उ•ला•ला, तीन पे@लाक , हिजाब जैसी घ@तिया परम्परा देख कर गु•स्सा आता था,
उसकी बीवी को उसकी पत्नी समझने के बजाय मनोरंजन का साधन समझा जाता था और उसकी सुन्दर बीवी जोया खान के साथ कई बार उसके ही छोटे - बड़े भाइयों द्वारा उ•ला•ला की को•शिश की गयी । वह नहीं चाहता था कि उसकी बीवी पूरे खान दान को खू•श करे ।
इसलिए एक दिन वह गुस्से में आकर अपनी बीवी जोया खान को लेकर घर से फरार हो गया और बाहर जा कर सनातन धर्म अपना लिया । और नाम बदल कर मोहम्मद आसिफ से आलोक रख लिया बीवी का नाम ज़ोया खान से जान्हवी रख दिया । इस तरह दोनो खुशी खुशी जिंदगी बिता रहे थे ।
लेकिन जब इस बात की भनक मोहम्मद आसिफ के घर वालों व उसकी ससुराल वालों को लगी तो मामला संगीन हो गया । जिसके बाद उसके ही घर वाले व ससुराल वाले उसके ही दुश्मन बन गये और मा•र(ने - पी•ट•ने के लिए दोनो को ढूंढ़ने लगे ।
लेकिन अब आसिफ उनकी पकड़ से बाहर निकल चुका था और वह सनातन धर्म अपना लिया था जिसकी वजह से कोई उसका बाल भी बांका नहीं कर पाया और पूरा हिंदू समाज उसके साथ आ गया। और अब खुशी खुशी दोनो पति पत्नी सुकून से जीते हैं ।
सोचो जब ये बंगाल के तोपी वाले अपने ही माँ, बहन, बेटी बीवी , को नहीं छो@ड़ते तो हिन्दुओं के साथ क्या होता होगा ।
इस बार मौका है सही बटन दबा कर सनातन को जिताने का और भगवा झंडा लहराने का । जय श्री राम 🙏
बाकी इस पूरी घटना व बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति पर आपकी क्या राय है कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ।।