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26/08/2026

🚨 नेपाल में भीषण तबाही!

नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी अचानक उफान पर आ गई, जिससे टिमुरे और सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। तेज बहाव में पुल, वाहन, सड़कें और कई इमारतें बह गईं।

इस आपदा में कम से कम 8 लोगों की मौत और कई लोगों के लापता होने की खबर है। नेपाली सेना और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है।

बाढ़ के अचानक आने की वजह को लेकर ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

भारत की ओर भी सीमावर्ती और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।

⚠️ प्रशासन की अपील: नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

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🚨 नेपाल में कुदरत का कहर: तिब्बत की ओर से आया सैलाब, पुल-घर-हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहाएकाठमांडू/रसुवा। नेपाल में बुधवार स...
26/08/2026

🚨 नेपाल में कुदरत का कहर: तिब्बत की ओर से आया सैलाब, पुल-घर-हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहाए

काठमांडू/रसुवा। नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से अचानक भारी मात्रा में पानी आने के बाद भोटेकोशी नदी का जलस्तर देखते ही देखते खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। सबसे ज्यादा असर चीन सीमा से लगे रसुवा जिले के टिमुरे, रसुवागढ़ी और स्याफ्रुबेसी क्षेत्रों में देखने को मिला है।

तेज बहाव इतना भयावह था कि वाहन, पुल, सड़कें, घर और सुरक्षा चौकियां तक पानी में बह गईं। टिमुरे बाजार और सीमा शुल्क क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं और कुछ परियोजना स्थल पूरी तरह तबाह होने की खबर है।

⚠️ मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक इस आपदा में कम से कम 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमें लगातार खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक कम से कम 25 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।

सीमा क्षेत्र में तैनात 9 सशस्त्र पुलिसकर्मियों के भी लापता होने की रिपोर्ट है। संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान और लापता लोगों की वास्तविक संख्या का आकलन अभी मुश्किल बना हुआ है।

🌊 क्या ग्लेशियर से आया सैलाब?

बाढ़ की वजह को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, तिब्बत की ओर से अचानक पानी आने और सामान्य बारिश से अलग तरीके से नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF), भूस्खलन से नदी अवरुद्ध होने या ऊपरी हिमालयी क्षेत्र से अचानक पानी छोड़े जाने जैसी संभावनाओं की जांच की जा रही है।

🚨 पांच जिलों में हाई अलर्ट

भोटेकोशी के बाद त्रिशूली नदी में भी जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन के नदी किनारे बसे इलाकों में लोगों को सतर्क किया गया है। प्रशासन ने नदी के किनारे जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

🚁 रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए सेना तथा सुरक्षा बलों को लगाया है। 14 हेलीकॉप्टरों के जरिए खोज एवं बचाव अभियान चलाए जाने की जानकारी है। खराब मौसम और प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के नष्ट होने के कारण राहत अभियान में कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

भोटेकोशी का पानी आगे चलकर त्रिशूली नदी में मिलता है और यह नदी भारत की ओर बढ़ती है। ऐसे में downstream इलाकों में भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ के बढ़ते खतरे को सामने ला दिया है। राहत और बचाव अभियान जारी है तथा आने वाले घंटों में नुकसान और हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

🔴 डिजिटल पैनिक और सोशल मीडिया की ‘कतरन’ पत्रकारिताबरेली। कभी खबर जानने के लिए सुबह अखबार का इंतजार होता था। आज मोबाइल खो...
26/08/2026

🔴 डिजिटल पैनिक और सोशल मीडिया की ‘कतरन’ पत्रकारिता

बरेली। कभी खबर जानने के लिए सुबह अखबार का इंतजार होता था। आज मोबाइल खोलते ही खबरें PDF, व्हाट्सऐप स्टेटस, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सामने आ जाती हैं। सूचना की यह रफ्तार अच्छी है, लेकिन इसी के साथ एक चिंताजनक प्रवृत्ति भी तेजी से बढ़ रही है—‘कतरन पत्रकारिता’।

किसी अखबार या ई-पेपर से सिर्फ सनसनीखेज हेडलाइन या खबर का छोटा हिस्सा क्रॉप करना और उसे VIP लोगों, व्हाट्सऐप ग्रुपों व तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार शेयर करना अब आम होता जा रहा है।

सवाल यह नहीं कि खबर क्यों शेयर की जा रही है। सवाल यह है कि क्या पूरी खबर भी बताई जा रही है?

किस घटना की बात है?
मामला कहां का है?
प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
खबर कितनी पुरानी या नई है?
उसका वास्तविक संदर्भ क्या है?

इन सवालों के जवाब कई बार उस छोटी-सी डिजिटल कतरन में नहीं होते। बचती है सिर्फ एक ऐसी सुर्खी, जो पढ़ने वाले के मन में डर, गुस्सा या सनसनी पैदा कर देती है।

यहीं से शुरू होता है ‘डिजिटल पैनिक’—जब अधूरी सूचना तेजी से फैलकर लोगों को वास्तविक स्थिति से ज्यादा भयभीत या भ्रमित करने लगे।

⚠️ अपराध हो, बीमारी हो, दुर्घटना हो या राजनीति—हर खबर को सनसनी के चश्मे से देखने और दिखाने की प्रवृत्ति समाज के लिए स्वस्थ नहीं है।

पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को सजग करना है, डराना नहीं।
खबर का काम सूचना देना है, भ्रम फैलाना नहीं।

आज जरूरत ‘सबसे पहले खबर शेयर करने’ की नहीं, बल्कि ‘सबसे पहले खबर को समझने’ की है।

📌 एक कतरन पूरी कहानी नहीं होती।
📌 एक हेडलाइन पूरा सच नहीं होती।
📌 और हर वायरल खबर सही संदर्भ में हो, यह जरूरी नहीं।

इसलिए अगली बार कोई सनसनीखेज खबर आपकी स्क्रीन पर आए तो उसे तुरंत आगे बढ़ाने से पहले पूरी खबर पढ़िए, स्रोत देखिए और संदर्भ समझिए।

क्योंकि जिम्मेदार नागरिक वही है जो खबर को सिर्फ शेयर नहीं करता—पहले उसे समझता भी है।

विनय सिन्हाल की कलम से ।

#कतरनपत्रकारिता #सोशलमीडिया #पत्रकारिता #फेकन्यूज #मीडिया #जिम्मेदारपत्रकारिता

26/08/2026

🚨 बहराइच BREAKING | कतर्नियाघाट में नदी के तेज बहाव में बहा हाथियों का कुनबा

बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र में कौड़ियाला नदी के तेज बहाव में 3 वयस्क हाथियों और 2 शावकों का कुनबा बह गया। बहते-बहते हाथियों का झुंड गिरिजापुरी बैराज के पास पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि हाथियों ने काफी देर तक तेज बहाव में संघर्ष किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निगरानी शुरू कर दी।

बैराज गेट के पास पहुंचे हाथियों को वन कर्मियों ने हांका लगाकर सुरक्षित जंगल की ओर मोड़ दिया। राहत की बात है कि पांचों हाथी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

🎥 देखिए कैसे तेज बहाव के बीच जिंदगी के लिए जूझता रहा हाथियों का कुनबा।

इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी, आरोपी गिरफ्तारबरेली | देवरनियां। इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी करने क...
25/08/2026

इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी, आरोपी गिरफ्तार

बरेली | देवरनियां। इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में देवरनियां पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी से एक विवादित वीडियो शेयर करते हुए अशोभनीय टिप्पणी की थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।

पुलिस ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर ऐवरन पुत्र रघुवीर सिंह, निवासी ग्राम गिरधरपुर को उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो की स्टोरी लगाई थी और उससे गलती हो गई। पुलिस ने अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया।

पुलिस टीम: थाना प्रभारी आशुतोष द्विवेदी, उपनिरीक्षक मुकेश कुमार एवं कांस्टेबल राजन।

रिपोर्ट: मोहम्मद रफ़ी खाँन

सरकारी स्कूलों की बदहाली पर CJP का ‘School Thik Karo’ अभियान, राजस्थान में 611 स्कूलों के पास अपनी इमारत तक नहींराजस्थान...
24/08/2026

सरकारी स्कूलों की बदहाली पर CJP का ‘School Thik Karo’ अभियान, राजस्थान में 611 स्कूलों के पास अपनी इमारत तक नहीं

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर CJP के ‘School Thik Karo’ अभियान ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं पर नई बहस छेड़ दी है।

15 अगस्त को शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति का सोशल ऑडिट करना और बुनियादी सुविधाओं की कमी को सामने लाना बताया गया है। अभियान के तहत CJP की टीमें अलग-अलग स्कूलों का जायजा ले रही हैं।

इसी बीच राजस्थान शिक्षा विभाग ने 16 अगस्त 2026 को सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने संबंधी निर्देश जारी किए। निर्देशों के मुताबिक, बिना प्रधानाचार्य या संस्था प्रमुख की पूर्व लिखित अनुमति के स्कूल परिसर में प्रवेश, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू और लाइव स्ट्रीमिंग की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने इस व्यवस्था का आधार छात्रों की सुरक्षा, निजता और गरिमा बताया है।

लेकिन इसी फैसले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—

अगर सरकारी स्कूल की वास्तविक स्थिति कैमरे में दर्ज नहीं की जाएगी, तो उसकी कमियों और बदहाली को जनता के सामने कौन लाएगा?

यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि राजस्थान सरकार ने विधानसभा में बताया है कि राज्य के 611 सरकारी स्कूल अपनी खुद की इमारत के बिना संचालित हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अपने भवन वाले 64,484 सरकारी स्कूलों में से 2,047 स्कूलों में शौचालय और 1,049 में पेयजल सुविधा नहीं है।

यानी CJP के अभियान के बीच सामने आए ये आंकड़े राजस्थान की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में मौजूद बुनियादी ढांचे की चुनौती को जरूर उजागर करते हैं।

CJP ने स्कूलों की स्थिति सामने लाने के लिए अपने अभियान को जारी रखने की बात कही है। दूसरी ओर, सरकार का तर्क है कि स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश और बच्चों की तस्वीर या वीडियो बनाए जाने पर नियंत्रण जरूरी है।

इस पूरे विवाद में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल को लेकर CJP टीम के दौरे के बाद विवाद हुआ। इसके बाद राजस्थान सरकार ने उस स्कूल के लिए नए भवन का निर्माण 1 सितंबर से शुरू करने की घोषणा की है और इसके लिए कुल 18 लाख रुपये की मंजूरी की जानकारी सामने आई है। दोनों पक्षों की ओर से घटना को लेकर FIR भी दर्ज होने की रिपोर्ट है।

अब बहस सिर्फ CJP और सरकार के बीच नहीं रह गई है।

बहस यह है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करते हुए पारदर्शिता का रास्ता कैसे खुला रखा जाए?

क्योंकि—

बच्चों की सुरक्षा जरूरी है।
स्कूलों में अनुशासन जरूरी है।
लेकिन सरकारी स्कूलों की स्थिति पर जनता को जानकारी मिलना भी जरूरी है।

ऐसे में बड़ा सवाल यही है—

क्या स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश और बच्चों की बिना अनुमति रिकॉर्डिंग पर रोक के साथ-साथ ऐसी पारदर्शी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, जिसके तहत पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को निर्धारित प्रक्रिया से स्कूलों की वास्तविक स्थिति देखने और रिपोर्ट करने का अधिकार मिले?

सरकारी स्कूल सिर्फ सरकारी इमारत नहीं—लाखों बच्चों के भविष्य की नींव हैं।

TV11 Network | जनता के सवाल, व्यवस्था से जवाब

24/08/2026

महराजगंज में 16 करोड़ का सोना बरामद! 🚨

तेज रफ्तार कार ने पुलिस जीप को मारी टक्कर, तलाशी में 10 सोने की ईंटें बरामद होने से हड़कंप मच गया।

बताया जा रहा है कि सोने की खेप नेपाल बॉर्डर से महराजगंज और गोरखपुर के रास्ते दिल्ली के दरियागंज ले जाई जा रही थी। हादसे के बाद कन्नौज के तलालग्राम थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई में करीब 16 करोड़ रुपये का सोना बरामद किया गया।

मामले में महराजगंज के ठूठीबारी निवासी संदीप जायसवाल और नेपाल के पाल्पा जिले के सरोज पंथ को गिरफ्तार किया गया है।

कस्टम विभाग अब सोने के स्रोत, मालिक और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रहा है।

नेपाल से दिल्ली तक फैले इस कथित तस्करी नेटवर्क की पूरी कहानी क्या है? जांच के बाद सामने आएगा बड़ा सच।

24/08/2026

आरक्षण विरोधियों को चंद्रशेखर आजाद का जवाब

आरक्षण के मुद्दे पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा।

उन्होंने आरक्षण का विरोध करने वालों को जवाब देते हुए अपनी बात मजबूती से रखी।

उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन रहा है।

वीडियो देखें और सुनिए चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा।

#आरक्षण

23/08/2026

ईडी की रडार पर जौहर यूनिवर्सिटी के ठेकेदार!

रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ईडी की जांच तेज हो गई है।
यूनिवर्सिटी निर्माण से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के बीच एंड एस फर्म से जुड़े अनवार और सालिम के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई की खबर है।

सूत्रों के मुताबिक, टीम ने दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं। देर शाम सालिम को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

अनवार और सालिम को पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम का करीबी बताया जाता है। दोनों वर्ष 2022 में एक मामले को लेकर भी चर्चा में आए थे।

ईडी की कार्रवाई के बाद जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में फिर बढ़ी हलचल।

🔴 लखनऊ की तीन मौतें: रिश्तों में कड़वाहट, शक या ‘तीसरा कौन’?अब एक और बड़ा सवाल—तीन हथियार आए कहां से?लखनऊ के गोमतीनगर मे...
22/08/2026

🔴 लखनऊ की तीन मौतें: रिश्तों में कड़वाहट, शक या ‘तीसरा कौन’?

अब एक और बड़ा सवाल—तीन हथियार आए कहां से?

लखनऊ के गोमतीनगर में 20 अगस्त को हुई घटना ने पति-पत्नी के रिश्ते, बढ़ते विवाद और हथियारों की आसान उपलब्धता को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, SBI कर्मचारी मानस वाजपेयी ने अपनी अलग रह रही पत्नी दिव्या मिश्रा को उनके कार्यस्थल के बाहर गोली मारी। इसके बाद वह अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन को भी गोली मारी और बाद में खुद को गोली मार ली। घटना में कुल तीन लोगों की मौत हुई। मामले की जांच जारी है।

बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद और तलाक से जुड़ा मामला चल रहा था। घटना से पहले मानस की ओर से सोशल मीडिया पर लगाए गए कुछ आरोप भी जांच का हिस्सा हैं। लेकिन इन आरोपों को घटना की अंतिम वजह मानना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम और संभावित कारणों की जांच कर रही है।

लेकिन इस कहानी में एक और बेहद अहम सवाल है—हथियार कहां से आए?

पुलिस के मुताबिक, मामले में तीन आग्नेयास्त्र बरामद हुए हैं—दो पिस्टल और एक .32 बोर का देसी हथियार। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि ये हथियार मानस तक कैसे पहुंचे, उसने इन्हें कहां से हासिल किया और क्या सभी हथियार एक ही स्रोत से मिले थे या अलग-अलग जगहों से। पुलिस उसके संपर्कों, आवाजाही और संचार की भी जांच कर रही है।

इसलिए फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि हथियार निश्चित रूप से ‘अवैध’ थे। सही सवाल यह है—

तीन हथियारों की व्यवस्था कैसे हुई और उनकी कानूनी स्थिति क्या थी?

अगर जांच में यह सामने आता है कि हथियार अवैध तरीके से उपलब्ध कराए गए थे, तो सवाल सिर्फ घटना को अंजाम देने वाले तक सीमित नहीं रहेगा। फिर हथियार उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क और उसकी पहुंच की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।

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और फिर आता है रिश्तों का सवाल—‘तीसरा कौन?’

पति-पत्नी के बीच विवादों में कई बार शक, कथित प्रेम संबंध या किसी करीबी व्यक्ति की भूमिका की चर्चा सामने आती है।

लेकिन यहां भी सावधानी जरूरी है।

हर वैवाहिक विवाद के पीछे किसी तीसरे व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

लखनऊ के मामले में भी किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका को लेकर अगर कोई जांच चल रही है, तो उसका निष्कर्ष पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

‘तीसरा’ कोई दोस्त हो सकता है, रिश्तेदार हो सकता है, सहकर्मी हो सकता है या कोई करीबी परिचित—लेकिन बिना प्रमाण किसी व्यक्ति को इस घटना से जोड़ना उचित नहीं होगा।

तो असली सवाल क्या हैं?

🔸 पति-पत्नी के बीच विवाद किस स्तर तक पहुंच चुका था?
🔸 क्या लंबे समय से चल रहा अलगाव और वैवाहिक विवाद घटना की पृष्ठभूमि में था?
🔸 लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई थी और कितनी सिर्फ आरोप की सीमा में थी?
🔸 तीन हथियार मानस तक कैसे पहुंचे?
🔸 हथियारों की कानूनी स्थिति क्या थी?
🔸 क्या किसी अन्य व्यक्ति ने हथियार उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई?
🔸 और क्या इस घटना को समय रहते रोका जा सकता था?

लखनऊ की घटना सिर्फ तीन मौतों की खबर नहीं है।

यह एक साथ कई सवाल छोड़ती है—
रिश्तों में भरोसा क्यों टूट रहा है?
शक कितना खतरनाक हो सकता है?
अलगाव और विवाद हिंसा तक क्यों पहुंच रहे हैं?
और सबसे अहम—
अगर किसी व्यक्ति तक तीन हथियार पहुंच सकते हैं, तो उन हथियारों की सप्लाई की कड़ी कहां से शुरू होती है?

रिश्ता टूटना एक सामाजिक और व्यक्तिगत त्रासदी हो सकता है। लेकिन विवाद का हिंसा में बदल जाना पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।

TV11 Network का सवाल

लखनऊ की घटना में सिर्फ रिश्तों की कड़वाहट की जांच काफी है या हथियारों की पूरी कड़ी तक पहुंचना भी उतना ही जरूरी है?

👇 आपकी राय क्या है? कमेंट में बताइए।

TV11 Network | खबर सिर्फ घटना नहीं, उसके पीछे छिपे सवाल भी।

#रिश्ते #पति_पत्नी #वैवाहिक_विवाद #हथियार

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